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कोरोना की तीसरी लहर से निपटने को स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर
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अंबेडकरनगर। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने कमर कस ली है। चिकित्सा विशेषज्ञों का सुझाव है कि तीसरी लहर बच्चों पर ज्यादा अटैक करेगी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग बच्चों को बेहतर उपचार मुहैया कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। जिला अस्पताल समेत कुल छह अस्पतालों में बच्चों के लिए 60 बेड आरक्षित किए जा रहे हैं। इसमें 20 वेंटीलेटर व 50 आइसोलेशन बेड होंगे।
जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 20 बेड बढ़ाए गए हैं। इसमें से 10 बेड पर वेंटीलेटर की सुविधा होगी। जबकि 10 बेड आइसोलेशन के लिए बढ़ाए जा रहे हैं। इसके अलावा टांडा के एमसीएच विंग में भी 10 बेड की अतिरिक्त व्यवस्था बच्चों के लिए की जा रही है। इसमें दो बेड पर वेंटीलेटर की सुविधा होगी, जबकि आठ बेड आइसोलेशन के लिए होंगे।
इसी तरह एल वन प्लस के चार सीएचसी अस्पताल भीटी, भियांव, जलालपुर व टांडा में 10-10 बेड बच्चों के लिए आरक्षित किए जा रहे हैं। इन सभी अस्पतालों में दो-दो बेड पर वेंटीलेटर की सुविधा होगी, जबकि आठ-आठ बेड आइसोलेशन के लिए आरक्षित होंगे। कोरोना की तीसरी लहर में चिकित्सा विशेषज्ञों ने बच्चों पर ज्यादा खतरा की आशंका जतायी है।
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ऐसे में शासन के निर्देश पर कोरोना की तीसरी लहर को बेअसर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग न सिर्फ संसाधन बढ़ा रहा है, बल्कि अपने चिकित्सकों व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को बच्चों के बेहतर उपचार के लिए प्रशिक्षित भी कर रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले के 19 एमबीबीएस चिकित्सकों को बच्चों का बेहतर उपचार करने व 24 स्टाफ नर्सों को बेहतर देखरेख का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे किसी भी स्थिति में कोरोना महामारी से निपटा जा सके।
कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए जिले में आवश्यक तैयारियां चल रही हैं। 70 बेडों की बढ़ोत्तरी की जा रही है। इसमें 20 बेडों पर वेंटीलेटर व 50 बेड आइसोलेशन के लिए होगा। फिलहाल जिले में अभी कोरोना संक्रमण का कोई खतरा नही है। नागरिकों को परेशान होने की जरूरत है।- डॉ. श्रीकांत शर्मा, सीएमओ
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जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 20 बेड बढ़ाए गए हैं। इसमें से 10 बेड पर वेंटीलेटर की सुविधा होगी। जबकि 10 बेड आइसोलेशन के लिए बढ़ाए जा रहे हैं। इसके अलावा टांडा के एमसीएच विंग में भी 10 बेड की अतिरिक्त व्यवस्था बच्चों के लिए की जा रही है। इसमें दो बेड पर वेंटीलेटर की सुविधा होगी, जबकि आठ बेड आइसोलेशन के लिए होंगे।
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इसी तरह एल वन प्लस के चार सीएचसी अस्पताल भीटी, भियांव, जलालपुर व टांडा में 10-10 बेड बच्चों के लिए आरक्षित किए जा रहे हैं। इन सभी अस्पतालों में दो-दो बेड पर वेंटीलेटर की सुविधा होगी, जबकि आठ-आठ बेड आइसोलेशन के लिए आरक्षित होंगे। कोरोना की तीसरी लहर में चिकित्सा विशेषज्ञों ने बच्चों पर ज्यादा खतरा की आशंका जतायी है।
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ऐसे में शासन के निर्देश पर कोरोना की तीसरी लहर को बेअसर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग न सिर्फ संसाधन बढ़ा रहा है, बल्कि अपने चिकित्सकों व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को बच्चों के बेहतर उपचार के लिए प्रशिक्षित भी कर रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले के 19 एमबीबीएस चिकित्सकों को बच्चों का बेहतर उपचार करने व 24 स्टाफ नर्सों को बेहतर देखरेख का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे किसी भी स्थिति में कोरोना महामारी से निपटा जा सके।
कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए जिले में आवश्यक तैयारियां चल रही हैं। 70 बेडों की बढ़ोत्तरी की जा रही है। इसमें 20 बेडों पर वेंटीलेटर व 50 बेड आइसोलेशन के लिए होगा। फिलहाल जिले में अभी कोरोना संक्रमण का कोई खतरा नही है। नागरिकों को परेशान होने की जरूरत है।- डॉ. श्रीकांत शर्मा, सीएमओ