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Ambedkar Nagar News: समूह होंगे ऑनलाइन, कराया जा रहा डिजिटलाइजेशन
Wed, 17 Dec 2025 11:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 17 Dec 2025 11:10 PM IST
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-जिले में संचालित हैं 12,249 समूह, गड़बड़ी की नहीं होगी संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। स्वयं सहायता समूहों के लेखा-जोखा को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से लोकोस एप के माध्यम से सभी खातों को ऑनलाइन किया जा रहा है। इस पहल के तहत समूहों के वित्तीय अभिलेखों को डिजिटल फॉर्मेट में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण देकर प्रोफाइल और लेन-देन से संबंधित प्रविष्टियां कराई जा रही हैं।
जिले में संचालित 12,249 स्वयं सहायता समूहों में से अब तक 10,433 समूहों का डाटा ऑनलाइन किया जा चुका है। डीसी स्वयं रोजगार सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि लोकोस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के समूहों में बेहतर वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। साथ ही ग्राम संगठन और क्लस्टर लेवल फेडरेशन के कार्यों को अधिक सुचारू बनाना भी इसका लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि इस पहल के माध्यम से डिजिटाइजेशन के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी कौशल भी प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे उनकी आत्मनिर्भरता और आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। लोकोस एप के जरिए समूहों का कार्य पूरी तरह डिजिटल, पेपरलेस और पारदर्शी होगा। यह कदम ग्रामीण महिलाओं के वित्तीय सशक्तीकरण और पारदर्शिता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। स्वयं सहायता समूहों के लेखा-जोखा को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से लोकोस एप के माध्यम से सभी खातों को ऑनलाइन किया जा रहा है। इस पहल के तहत समूहों के वित्तीय अभिलेखों को डिजिटल फॉर्मेट में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण देकर प्रोफाइल और लेन-देन से संबंधित प्रविष्टियां कराई जा रही हैं।
जिले में संचालित 12,249 स्वयं सहायता समूहों में से अब तक 10,433 समूहों का डाटा ऑनलाइन किया जा चुका है। डीसी स्वयं रोजगार सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि लोकोस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के समूहों में बेहतर वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। साथ ही ग्राम संगठन और क्लस्टर लेवल फेडरेशन के कार्यों को अधिक सुचारू बनाना भी इसका लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि इस पहल के माध्यम से डिजिटाइजेशन के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी कौशल भी प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे उनकी आत्मनिर्भरता और आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। लोकोस एप के जरिए समूहों का कार्य पूरी तरह डिजिटल, पेपरलेस और पारदर्शी होगा। यह कदम ग्रामीण महिलाओं के वित्तीय सशक्तीकरण और पारदर्शिता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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