{"_id":"5fe3886d8ebc3e40ca6727ed","slug":"govind-dashmi-snan-ambedkar-nagar-news-lko5564267140","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोविंद दशमी पर्व आज, गोविंद साहब मठ पर पूजा-अर्चना को उमड़ेंगे श्रद्घालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोविंद दशमी पर्व आज, गोविंद साहब मठ पर पूजा-अर्चना को उमड़ेंगे श्रद्घालु
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आलापुर। एक माह तक चलने वाले पूर्वांचल के प्रसिद्ध ऐतिहासिक गोविंद साहब मेले का बुधवार को मंत्रोच्चार के बीच शुभारंभ हुआ। यह बात अलग है कि दशकों से चली आ रही गोविंद सरोवर में स्नान के बाद पूजन अर्चन की परंपरा का निर्वहन नहीं हो सकेगा। इस बार श्रद्धालुओं को निर्देश है कि वे घर से स्नान करके आएंगे। मेले का औपचारिक शुभारंभ विधायक अनीता कमल ने पूजन-अर्चन किया।
बुधवार को गोविंद साहब धाम में क्षेत्रीय विधायक अनीता कमल, जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंह मिण्टू, टांडा विधायक प्रतिनिधि श्यामबाबू गुप्त, भाजपा जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता अवधेश द्विवेदी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर मेले का औपचारिक शुभारंभ किया। इसके बाद विधायक अनीता कमल ने विधिविधान से पूजन-अर्चन किया। इस मौके पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष दशरथ यादव, महामंत्री अमरेंद्रकांत सिंह, सुरेश कन्नौजिया, जिला पंचायत सदस्य अनवर सादात अंसारी आदि मौजूद रहे। बताते चलें कि गोविंद दशमी से एक दिन पहले मेले का औपचारिक शुभारंभ होता है।
बुधवार को इस परंपरा निर्वहन हुआ। कोविड 19 के चलते इस बार श्रद्घालुओं को गोविंद सरोवर में स्नान की अनुमति नही है। श्रद्घालुओं को घर से स्नान कर आना होगा। मठ पर पूजन अर्चन के लिए श्रद्घालुओं को दो गज की दूरी का पालन करना होगा। श्रद्घालु मठ पर पूजन-अर्चन के साथ ही सिर्फ खिचड़ी चढ़ा सकेंगे। फेरी आदि करने की अनुमति नहीं होगी। गोविन्द साहब मेला पूर्वांचल के कई जनपदों में प्रसिद्घ है। इसमें न सिर्फ कई प्रांतों व जनपदों से विभिन्न प्रतिष्ठान पहुंचते हैं, बल्कि भारी संख्या में श्रद्घालु भी पहुंचते हैं। माह भर चलने वाले इस मेले में विभिन्न प्रांतों से विभिन्न प्रतिष्ठान पखवारे भर पहले ही पहुंच चुके हैं।
विज्ञापन
तमाम उहापोह के बीच खजला, कृषि उपकरण, वस्त्र, सौन्दर्य प्रसाधन के साथ ही मनोरंजन के दर्जनों प्रतिष्ठान मेला परिसर में सज चुके हैं। गीता प्रेस गोरखपुर की तरफ से धार्मिक पुस्तकों का बृहद स्टॉल भी लगाया गया है। गांधी आश्रम ने खादी कपड़ों से ग्राहकों को आकर्षित करने का इंतजाम किया है। मेले में घोड़े, भैंस तथा अन्य मवेशियों की बिक्री प्रमुखता से होगी, इसके लिए कई प्रजाति के जानवर पहुंच चुके हैं। गन्ने की बड़ी खेप भी मेला क्षेत्र में पहुंच चुकी है। कोविड को लेकर प्रशासन ने भले ही आवश्यक एहतियात बरतने का निर्देश दिया है, लेकिन मेलें में दुकानदारों द्वारा पूर्व की भांति पूरी तैयारियां की गई हैं। हालांकि दुकानदारों में इस बार मेलार्थियों के बड़ी संख्या में पहुंचने को लेकर संशय की स्थिति है।
मेले में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने में मेला कोतवाल अभय मौर्य के नेतृत्व में जिले के 15 एसआई, 16 मुख्य कांस्टेबल, 37 सिपाही, एक महिला एसआई, 36 महिला सिपाही के अलावा एक पुलिस गार्ड, तीन रेडियो ऑपरेटर तैनात हैं। साथ ही गैर जनपद से तीन इंस्पेक्टर, 16 एसआई, 15 हेड कांस्टेबल, 70 पुरुष सिपाही, 10 महिला सिपाही की भी तैनाती हुई है।
विज्ञापन
बुधवार को गोविंद साहब धाम में क्षेत्रीय विधायक अनीता कमल, जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंह मिण्टू, टांडा विधायक प्रतिनिधि श्यामबाबू गुप्त, भाजपा जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता अवधेश द्विवेदी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर मेले का औपचारिक शुभारंभ किया। इसके बाद विधायक अनीता कमल ने विधिविधान से पूजन-अर्चन किया। इस मौके पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष दशरथ यादव, महामंत्री अमरेंद्रकांत सिंह, सुरेश कन्नौजिया, जिला पंचायत सदस्य अनवर सादात अंसारी आदि मौजूद रहे। बताते चलें कि गोविंद दशमी से एक दिन पहले मेले का औपचारिक शुभारंभ होता है।
विज्ञापन
बुधवार को इस परंपरा निर्वहन हुआ। कोविड 19 के चलते इस बार श्रद्घालुओं को गोविंद सरोवर में स्नान की अनुमति नही है। श्रद्घालुओं को घर से स्नान कर आना होगा। मठ पर पूजन अर्चन के लिए श्रद्घालुओं को दो गज की दूरी का पालन करना होगा। श्रद्घालु मठ पर पूजन-अर्चन के साथ ही सिर्फ खिचड़ी चढ़ा सकेंगे। फेरी आदि करने की अनुमति नहीं होगी। गोविन्द साहब मेला पूर्वांचल के कई जनपदों में प्रसिद्घ है। इसमें न सिर्फ कई प्रांतों व जनपदों से विभिन्न प्रतिष्ठान पहुंचते हैं, बल्कि भारी संख्या में श्रद्घालु भी पहुंचते हैं। माह भर चलने वाले इस मेले में विभिन्न प्रांतों से विभिन्न प्रतिष्ठान पखवारे भर पहले ही पहुंच चुके हैं।
विज्ञापन
तमाम उहापोह के बीच खजला, कृषि उपकरण, वस्त्र, सौन्दर्य प्रसाधन के साथ ही मनोरंजन के दर्जनों प्रतिष्ठान मेला परिसर में सज चुके हैं। गीता प्रेस गोरखपुर की तरफ से धार्मिक पुस्तकों का बृहद स्टॉल भी लगाया गया है। गांधी आश्रम ने खादी कपड़ों से ग्राहकों को आकर्षित करने का इंतजाम किया है। मेले में घोड़े, भैंस तथा अन्य मवेशियों की बिक्री प्रमुखता से होगी, इसके लिए कई प्रजाति के जानवर पहुंच चुके हैं। गन्ने की बड़ी खेप भी मेला क्षेत्र में पहुंच चुकी है। कोविड को लेकर प्रशासन ने भले ही आवश्यक एहतियात बरतने का निर्देश दिया है, लेकिन मेलें में दुकानदारों द्वारा पूर्व की भांति पूरी तैयारियां की गई हैं। हालांकि दुकानदारों में इस बार मेलार्थियों के बड़ी संख्या में पहुंचने को लेकर संशय की स्थिति है।
मेले में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने में मेला कोतवाल अभय मौर्य के नेतृत्व में जिले के 15 एसआई, 16 मुख्य कांस्टेबल, 37 सिपाही, एक महिला एसआई, 36 महिला सिपाही के अलावा एक पुलिस गार्ड, तीन रेडियो ऑपरेटर तैनात हैं। साथ ही गैर जनपद से तीन इंस्पेक्टर, 16 एसआई, 15 हेड कांस्टेबल, 70 पुरुष सिपाही, 10 महिला सिपाही की भी तैनाती हुई है।