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धड़कनें बढ़ा देने वाली गणना में 52 मतों से जीते थे गोपीनाथ

Thu, 24 Feb 2022 12:14 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 12:14 AM IST
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Gopinath won by 52 votes in a heartbreaking count
अंबेडकरनगर। जिले के विधानसभा चुनाव में कई ऐसे रोचक मुकाबले हुए, जिनमें हार-जीत का अंतर एक हजार से भी कम वोटों के बीच सिमटा रहा। सबसे रोचक मुकाबला 1980 में टांडा सीट के चुनाव में देखने को मिला था। धड़कनें बढ़ा देने वाली मतगणना में तात्कालिक जनता पार्टी के प्रत्याशी गोपीनाथ वर्मा ने अपने विरोधी कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को मात्र 52 मतों के अंतर से हराकर रोमांचक जीत हासिल की थी। इसके साथ ही 241 मत से जीतीं कांग्रेस की रामरती और 240 मतों से जीते बीएसपी के धर्मराज निषाद की जीत भी रोचक चुनाव परिणाम के बतौर इतिहास के पन्नों में दर्ज है।
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जिले में अब तक हुए विधानसभा चुनाव में सबसे रोमांचक मुकाबला वर्ष 1980 में टांडा सीट पर देखने को मिला था। इस मुकाबले में जनता पार्टी के प्रत्याशी गोपीनाथ वर्मा ने 25,734 मत पाकर कांग्रेस प्रत्याशी निसार अहमद अंसारी को महज 52 मतों के अंतर से हराया था। दूसरे नंबर पर रहे निसार को 25682 मत मिले थे। इसके बाद वर्ष 1962 में अकबरपुर सुरक्षित सीट पर 10,565 मत पाने वाली कांग्रेस की रामरती विधायक बनीं थीं। उन्होंने 10,324 मत पाने वाले सीपीआई के पलटू को 241 मत के मामूली अंतर से हराया था।
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इसके बाद वर्ष 2007 में धड़कने रोक देने वाला एक और चुनावी मुकाबला कटेहरी सीट पर देखने को मिला था। यहां बीएसपी प्रत्याशी धर्मराज निषाद ने 47,689 मत पाकर महज 240 मतों के मामूली अंतर से जीत हासिल कर सपा के जयशंकर पांडेय को हराया। सपा प्रत्याशी को 47449 वोट मिले थे। इसी सीट पर इससे पहले वर्ष 1989 में जनता पार्टी के रवींद्रनाथ तिवारी ने 337 मत के अंतर से रोमांचक जीत हासिल की थी। इस मुकाबले में रवींद्रनाथ तिवारी को 22,781 मत मिले थे, जबकि बीएसपी के रामदेव पटेल 22,444 मत ही प्राप्त कर पाए थे।
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जलालपुर सीट पर 1967 में निर्दल जे प्रसाद ने कांग्रेस के एमए किदवई को 411 मत से हराया था। 1977 में इसी सीट पर सीपीएम के भगौती प्रसाद 16035 मत पाकर विधायक बने थे। उन्होंने निर्दलीय जगदंबा प्रसाद को 896 मतों के अंतर से हराया था। वर्ष 1996 में बसपा प्रत्याशी लालजी वर्मा ने भी सपा प्रत्याशी जमीरुल हसन को महज 1658 मतों के अंतर से हराकर चुनाव जीता था।

इस चुनाव में लालजी को 55960 मत मिले थे। वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर विधायक बनीं संजू ने सपा प्रत्याशी अजीमुलहक पहलवान को भी रोमांचक मुकाबले में सिर्फ 1725 मतों से हराया था। इस चुनाव में संजू देवी को 74768 मत मिले थे। इनके अलावा कई अन्य रोचक मुकाबलों का गवाह भी जिले में विधानसभा चुनाव में रहा है। ऐसे प्रत्येक रोमांचक मुकाबलों में मतगणना के दौरान दोनों पक्षों के समर्थकों की धड़कनें बढ़ी रहती थीं। अंतिम नतीजे से पहले यह तय हो पाना कठिन हो गया था कि बाजी किसके हाथ लगेगी। अब मौजूदा विधानसभा चुनाव में ऐसे रोमांचक मुकाबले के आसार फिलहाल कम नजर आ रहे हैं।
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