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Ambedkar Nagar News: माल वाहन बने ई-रिक्शा, चरमराई शहर की ट्रैफिक
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर में ई-रिक्शों की बढ़ती तादाद ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को छिन्न भिन्न कर डाला है। इसमें भी एक बड़ी मनमानी यह कि इसे यात्री वाहन के बजाय माल वाहन के तौर पर प्रयोग किया जा रहा। इससे प्रतिदिन बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
अकबरपुर में ई-रिक्शा की बढ़ती तादाद ही परेशानी खड़ी कर रहे हैं। बीते तीन वर्ष के भीतर इनकी संख्या तेजी से बढ़ी है। देखते ही देखते सिर्फ जिला मुख्यालय पर ही करीब 2200 ई-रिक्शा हो गए हैं। शुरू में तो ई-रिक्शा का चलना यात्रियों और शहर के लिए ठीक रहा लेकिन अब दो हजार से अधिक ई-रिक्शों ने पूरे नगर की यातायात व्यवस्था को छिन्न भिन्न कर रखा है।
इनकी मनमानी को देखते हुए कुछ समय पहले बकायदा रूट चार्ट तैयार हुआ था। प्रशासन ने इसका पालन कराने का जिम्मा संभाला लेकिन सब हवा हवाई हो गया। ई-रिक्शों पर नंबर डाले गए। रूट वार संख्या तय की गई लेकिन इसका अमल नहीं कराया गया।
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नतीजा यह कि सभी ई-रिक्शा दिन भर पूरे शहर में एक छोर से दूसरे छोर तक की दौड़ लगाते रहते हैं। रिक्शा चालक यात्री वाहन को अक्सर माल वाहन के रूप में इस्तेमाल डालते हैं। इसमें भी क्षमता से कहीं अधिक सामान कभी अंदर रख लेते हैं तो कभी छत पर। इन्हीं सबसे अक्सर यह पलटते रहते हैं। दस दिन पहले ऐसी ही स्थिति में छत पा पाइप लादकर ले जा रहा एक ई-रिक्शा ओवरब्रिज पर पलट गया था।
इसी से ठीक पहले नई सड़क पर बोरियां ज्यादा हो जाने की वजह से ई-रिक्शा एक बाइक पर गिर पड़ा था। इसमें मालीपुर निवासी बाइक चालक रवि को चोटें आई थीं। इन सब पर नियंत्रण रखने के बजाय परिवहन विभाग बेफिक्र बना है।
चलाया जाएगा अभियान
चुनावी व्यस्तता से फुर्सत मिलते ही विशेष अभियान चलेगा। रिक्शों का रूटवार संचालन कराया जाएगा। जिन ई-रिक्शा को सामान ढोने की अनुमति होगी वही ऐसा कर सकेंगे। - सत्येंद्र यादव, एआरटीओ
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अकबरपुर में ई-रिक्शा की बढ़ती तादाद ही परेशानी खड़ी कर रहे हैं। बीते तीन वर्ष के भीतर इनकी संख्या तेजी से बढ़ी है। देखते ही देखते सिर्फ जिला मुख्यालय पर ही करीब 2200 ई-रिक्शा हो गए हैं। शुरू में तो ई-रिक्शा का चलना यात्रियों और शहर के लिए ठीक रहा लेकिन अब दो हजार से अधिक ई-रिक्शों ने पूरे नगर की यातायात व्यवस्था को छिन्न भिन्न कर रखा है।
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इनकी मनमानी को देखते हुए कुछ समय पहले बकायदा रूट चार्ट तैयार हुआ था। प्रशासन ने इसका पालन कराने का जिम्मा संभाला लेकिन सब हवा हवाई हो गया। ई-रिक्शों पर नंबर डाले गए। रूट वार संख्या तय की गई लेकिन इसका अमल नहीं कराया गया।
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नतीजा यह कि सभी ई-रिक्शा दिन भर पूरे शहर में एक छोर से दूसरे छोर तक की दौड़ लगाते रहते हैं। रिक्शा चालक यात्री वाहन को अक्सर माल वाहन के रूप में इस्तेमाल डालते हैं। इसमें भी क्षमता से कहीं अधिक सामान कभी अंदर रख लेते हैं तो कभी छत पर। इन्हीं सबसे अक्सर यह पलटते रहते हैं। दस दिन पहले ऐसी ही स्थिति में छत पा पाइप लादकर ले जा रहा एक ई-रिक्शा ओवरब्रिज पर पलट गया था।
इसी से ठीक पहले नई सड़क पर बोरियां ज्यादा हो जाने की वजह से ई-रिक्शा एक बाइक पर गिर पड़ा था। इसमें मालीपुर निवासी बाइक चालक रवि को चोटें आई थीं। इन सब पर नियंत्रण रखने के बजाय परिवहन विभाग बेफिक्र बना है।
चलाया जाएगा अभियान
चुनावी व्यस्तता से फुर्सत मिलते ही विशेष अभियान चलेगा। रिक्शों का रूटवार संचालन कराया जाएगा। जिन ई-रिक्शा को सामान ढोने की अनुमति होगी वही ऐसा कर सकेंगे। - सत्येंद्र यादव, एआरटीओ