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शिक्षित व जागरूक होकर आगे बढ़ें बेटियां
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अंबेडकरनगर के रत्ना स्थित विद्यालय में महिला दिवस के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिभाग
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जिले में जगह-जगह कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं की बेहतरी के लिए उनकी शिक्षा व अधिकार में बराबरी का हक देने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं हैं। ऐसे में समाज की जिम्मेदारी है कि लिंग भेद के चलते बेटियों के अधिकारों को न छीनें। बेटियों के शिक्षित होने से दो घरों को रोशनी मिलती है। ऐसे में बेटों की शिक्षा के साथ-साथ बेटियों की शिक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही बेटियों से भी आह्वान किया कि वह किसी तरह के संकोच के बगैर अपनी शिक्षा के साथ जागरूकता पर ध्यान देकर आगे बढ़ें। बेटियां आगे बढ़ेंगी तो निश्चित रूप से समाज को एक नई दिशा मिलेगी।
बीएनकेबी पीजी कॉलेज अकबरपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं बीएड विभाग के तत्वावधान में महिला सशक्तिकरण एवं महिला सुरक्षा विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों, एनसीसी कैडेटों, बीएड के छात्र-छात्राओं के साथ ही महाविद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य डॉ. धर्मदेव पांडेय, प्राचार्या डॉ. शुचिता पांडेय, बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. श्वेता रस्तोगी, डॉॅ. वसीम जेहरा, एनसीसी की सीटीओ डॉॅ. सीमा, एनएसएस कार्यक्रमाधिकारी आलोक तिवारी आदि ने महिलाओं की बेहतर पर प्रकाश डाला।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अकबरपुर नगर के ईसीआई महिला पीजी कॉलेज में संगोष्ठी की। प्रांत प्रवासी विभाग प्रमुख सुचिता पांडेय ने कहा कि भारतीय नारी फूल नहीं चिंगारी है। महिला सिर्फ पुरुष ही नहीं, देवताओं की भी जननी है। नारी की कल्पना किए बिना विश्व का अस्तित्व ही संभव नहीं है। वर्तमान समय में महिलाएं भ्रूण हत्या, दुष्कर्म, दहेज प्रताड़ना की शिकार हो रही हैं। इसके लिए जागरण अभियान की जरूरत है। महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ महिलाओं को कमर कसने की जरूरत है।
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विभाग संगठन मंत्री अमन ने कहा कि लक्ष्मीबाई व कल्पना चावला से प्रेरणा लेकर महिलाओं को राष्ट्र हित में काम करने की जरूरत है। कहा कि कॉलेज में हम बालिकाओं को इस प्रकार शिक्षित करते हैं कि वह समाज में गर्व के साथ अपने कर्तव्यों को निभा सकें। जिला संयोजक आकाश पांडेय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण में शिक्षा की अहम भूमिका है। जिन छात्राओं को कॉलेज, विश्वविद्यालय में पढ़ने का अवसर मिलता है, उनकी जिम्मेदारी है कि वह इस अवसर का समुचित लाभ उठाकर अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणास्पद बनें। प्रधानाचार्य एके श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाएं राष्ट्र शक्ति की धुरी हैं। सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक एवं तकनीकी विकास के क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता और उनकी उपलब्धियां किसी से कम नहीं हैं। इस मौके पर अवधेश श्रीवास्तव, विनोद, शिवम राना आदि मौजूद रहे।
टीएनपीजी कॉलेज टांडा के डॉ. रमेशचंद्र पाठक के मार्गदर्शन में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि जीवन को यदि सार्थक करना है, तो ऐसे प्रयास जरूर करें। कहा कि रक्तदान में लड़कियों को भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। रक्तदान की शुरुआत आंचल पासवान ने की। कुल 25 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। जांच के बाद शिव प्रताप सिंह, डॉ. रमेश चंद्र पाठक, कुलदीप, रामसूरत यादव, अभय राज, प्रांजल मिश्रा, मंजू, कुमकुम, रूपम शर्मा, अमिता वर्मा, दीपा पाल, साधना कुमारी, सविता उपाध्याय, लक्ष्मी यादव, आंचल पासवान आदि ने रक्तदान किया।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जन शिक्षण संस्थान के तत्वावधान में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रतना में गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सत्यवती मिश्रा ने छात्राओं को कई जानकारियां दीं। वार्डेन ममता उपाध्याय ने छात्राओं को बेहतर शिक्षा हासिल करने का आह्वान किया। संस्थान निदेशक अरुण कुमार शाही ने कहा कि बालिकाएं दो परिवारों को सिंचित करती हैं। ऐसे में बालिकाओं की शिक्षा व उनके अधिकारों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। इस मौके पर चेतन सक्सेना, शंभूलाल मौर्य, राकेश शर्मा व शैलेश कुमार आदि मौजूद रहे।
जलालपुर में मौलाना आजाद गर्ल्स इंटर कॉलेज जलालपुर में गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्या गुलिस्ता अंजुम ने बताया कि यह दिन अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाने की वजह देश की महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। समाज में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव के बारे में देश की महिलाओं के साथ ही सभी लोगों को जागरूक करना है। आज के दिन को मनाने का विशेष प्रयोजन महिलाओं से जुड़ी भ्रांतियों, कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, बेटियों को लेकर सभी में जागरूकता लाना है।
पैगाम फाउंडेशन के सदस्य मोहम्मदी खातून ने कहा कि महिलाएं समाज के विकास एवं तरक्की में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके बिना विकसित तथा समृद्ध समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती। देश में अहिल्याबाई होल्कर, मदर टेरेसा, इला भट्ट, महादेवी वर्मा, सुचेता कृपलानी, कस्तूरबा गांधी, अरुणा आसिफ अली, इंदिरा गांधी, कल्पना चावला आदि कुछ प्रसिद्ध महिलाओं ने अपने मन वचन व कर्म से सारे जग में अपना नाम रोशन किया है। इस मौके पर अमीना खातून, पूजा उपाध्याय, आयशा, सोनी, हसन जहरा, संगीता राजभर, जफर अहमद व गौरव कुमार आदि मौजूद रहे।
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बीएनकेबी पीजी कॉलेज अकबरपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं बीएड विभाग के तत्वावधान में महिला सशक्तिकरण एवं महिला सुरक्षा विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों, एनसीसी कैडेटों, बीएड के छात्र-छात्राओं के साथ ही महाविद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य डॉ. धर्मदेव पांडेय, प्राचार्या डॉ. शुचिता पांडेय, बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. श्वेता रस्तोगी, डॉॅ. वसीम जेहरा, एनसीसी की सीटीओ डॉॅ. सीमा, एनएसएस कार्यक्रमाधिकारी आलोक तिवारी आदि ने महिलाओं की बेहतर पर प्रकाश डाला।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अकबरपुर नगर के ईसीआई महिला पीजी कॉलेज में संगोष्ठी की। प्रांत प्रवासी विभाग प्रमुख सुचिता पांडेय ने कहा कि भारतीय नारी फूल नहीं चिंगारी है। महिला सिर्फ पुरुष ही नहीं, देवताओं की भी जननी है। नारी की कल्पना किए बिना विश्व का अस्तित्व ही संभव नहीं है। वर्तमान समय में महिलाएं भ्रूण हत्या, दुष्कर्म, दहेज प्रताड़ना की शिकार हो रही हैं। इसके लिए जागरण अभियान की जरूरत है। महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ महिलाओं को कमर कसने की जरूरत है।
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विभाग संगठन मंत्री अमन ने कहा कि लक्ष्मीबाई व कल्पना चावला से प्रेरणा लेकर महिलाओं को राष्ट्र हित में काम करने की जरूरत है। कहा कि कॉलेज में हम बालिकाओं को इस प्रकार शिक्षित करते हैं कि वह समाज में गर्व के साथ अपने कर्तव्यों को निभा सकें। जिला संयोजक आकाश पांडेय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण में शिक्षा की अहम भूमिका है। जिन छात्राओं को कॉलेज, विश्वविद्यालय में पढ़ने का अवसर मिलता है, उनकी जिम्मेदारी है कि वह इस अवसर का समुचित लाभ उठाकर अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणास्पद बनें। प्रधानाचार्य एके श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाएं राष्ट्र शक्ति की धुरी हैं। सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक एवं तकनीकी विकास के क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता और उनकी उपलब्धियां किसी से कम नहीं हैं। इस मौके पर अवधेश श्रीवास्तव, विनोद, शिवम राना आदि मौजूद रहे।
टीएनपीजी कॉलेज टांडा के डॉ. रमेशचंद्र पाठक के मार्गदर्शन में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि जीवन को यदि सार्थक करना है, तो ऐसे प्रयास जरूर करें। कहा कि रक्तदान में लड़कियों को भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। रक्तदान की शुरुआत आंचल पासवान ने की। कुल 25 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। जांच के बाद शिव प्रताप सिंह, डॉ. रमेश चंद्र पाठक, कुलदीप, रामसूरत यादव, अभय राज, प्रांजल मिश्रा, मंजू, कुमकुम, रूपम शर्मा, अमिता वर्मा, दीपा पाल, साधना कुमारी, सविता उपाध्याय, लक्ष्मी यादव, आंचल पासवान आदि ने रक्तदान किया।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जन शिक्षण संस्थान के तत्वावधान में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रतना में गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सत्यवती मिश्रा ने छात्राओं को कई जानकारियां दीं। वार्डेन ममता उपाध्याय ने छात्राओं को बेहतर शिक्षा हासिल करने का आह्वान किया। संस्थान निदेशक अरुण कुमार शाही ने कहा कि बालिकाएं दो परिवारों को सिंचित करती हैं। ऐसे में बालिकाओं की शिक्षा व उनके अधिकारों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। इस मौके पर चेतन सक्सेना, शंभूलाल मौर्य, राकेश शर्मा व शैलेश कुमार आदि मौजूद रहे।
जलालपुर में मौलाना आजाद गर्ल्स इंटर कॉलेज जलालपुर में गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्या गुलिस्ता अंजुम ने बताया कि यह दिन अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाने की वजह देश की महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। समाज में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव के बारे में देश की महिलाओं के साथ ही सभी लोगों को जागरूक करना है। आज के दिन को मनाने का विशेष प्रयोजन महिलाओं से जुड़ी भ्रांतियों, कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, बेटियों को लेकर सभी में जागरूकता लाना है।
पैगाम फाउंडेशन के सदस्य मोहम्मदी खातून ने कहा कि महिलाएं समाज के विकास एवं तरक्की में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके बिना विकसित तथा समृद्ध समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती। देश में अहिल्याबाई होल्कर, मदर टेरेसा, इला भट्ट, महादेवी वर्मा, सुचेता कृपलानी, कस्तूरबा गांधी, अरुणा आसिफ अली, इंदिरा गांधी, कल्पना चावला आदि कुछ प्रसिद्ध महिलाओं ने अपने मन वचन व कर्म से सारे जग में अपना नाम रोशन किया है। इस मौके पर अमीना खातून, पूजा उपाध्याय, आयशा, सोनी, हसन जहरा, संगीता राजभर, जफर अहमद व गौरव कुमार आदि मौजूद रहे।

अंबेडकरनगर के देव इंद्रावती महाविद्यालय में महिला दिवस पर आयोजित गोष्ठी में मौजूद छात्राएं।- फोटो : AMBEDKAR NAGAR