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पेंशन स्कीम के नाम पर सेवानिवृत्त दरोगा से 10 लाख की ठगी, एसपी से लगाई गुहार
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आलापुर। भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक द्वारा पेंशन का झांसा देकर सेवानिवृत्त दरोगा से 10 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्राहक सेवा केंद्र संचालनक ने सेवानिवृत्त दरोगा को एसबीआई के बेहतर पेंशन प्लान का लाभ दिलाने का झांसा देकर पैसे ले लिए। तीन माह तक दरोगा व उसकी पत्नी के खाते में 15-15 हजार रुपये की किस्त भी भेजी, लेकिन बाद में जब पैसा आना बंद हो गया तो ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ने आलापुर थाने में तहरीर देने के साथ ही पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, आलापुर तहसील क्षेत्र के गोहनारपुर गांव निवासी रामचेत निषाद उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी मुलाकात आलापुर तहसील मुख्यालय पर एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक से हुई। उसने उन्हें बताया कि एसबीआई में एक प्लान है, जिसमें 10 लाख रुपये जमा करने पर पति-पत्नी को आजीवन 15-15 हजार रुपये मिलते रहेंगे। इसके बाद दरोगा ने चेक के माध्यम से 12 अप्रैल, 2019 को संचालक के खाते में 10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
दरोगा के मुताबिक, तीन माह तक उनके व पत्नी के खाते में 15-15 हजार रुपये आए। इसके बाद अचानक पैसा आना बंद हो गया। पैसा न आने पर उन्होंने संचालक से संपर्क किया। इस पर उसने कहा कि कुछ तकनीकी दिक्कत है। जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी। हालांकि, लंबा समय बीतने के बाद भी पैसा आना नहीं शुरू हुआ। इस बीच कोरोना महामारी के चलते ग्राहक सेवा केंद्र संचालक से मुलाकात भी नहीं हो पा रही थी। अब जब उन्होंने शिकायत दर्ज करायी तो वह कोई जानकारी देने से इंकार करने लगा। इस पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ। पैसा वापस मांगने पर धमकाने के साथ ही अभद्रता का भी प्रयास किया गया।
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दरोगा ने मामले की लिखित शिकायत आलापुर थाने में करने के साथ ही एसपी आलोक प्रियदर्शी को पत्र लिखा है। मामले में केस दर्ज करा कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने एसबीआई के उच्चाधिकारियों को भी पत्र लिख कार्रवाई की गुहार लगाई है। भारतीय स्टेट बैंक, आलापुर के शाखा प्रबंधक अच्छेलाल ने बताया कि मामला संज्ञान में है। जांच चल रही है।
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जानकारी के अनुसार, आलापुर तहसील क्षेत्र के गोहनारपुर गांव निवासी रामचेत निषाद उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी मुलाकात आलापुर तहसील मुख्यालय पर एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक से हुई। उसने उन्हें बताया कि एसबीआई में एक प्लान है, जिसमें 10 लाख रुपये जमा करने पर पति-पत्नी को आजीवन 15-15 हजार रुपये मिलते रहेंगे। इसके बाद दरोगा ने चेक के माध्यम से 12 अप्रैल, 2019 को संचालक के खाते में 10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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दरोगा के मुताबिक, तीन माह तक उनके व पत्नी के खाते में 15-15 हजार रुपये आए। इसके बाद अचानक पैसा आना बंद हो गया। पैसा न आने पर उन्होंने संचालक से संपर्क किया। इस पर उसने कहा कि कुछ तकनीकी दिक्कत है। जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी। हालांकि, लंबा समय बीतने के बाद भी पैसा आना नहीं शुरू हुआ। इस बीच कोरोना महामारी के चलते ग्राहक सेवा केंद्र संचालक से मुलाकात भी नहीं हो पा रही थी। अब जब उन्होंने शिकायत दर्ज करायी तो वह कोई जानकारी देने से इंकार करने लगा। इस पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ। पैसा वापस मांगने पर धमकाने के साथ ही अभद्रता का भी प्रयास किया गया।
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दरोगा ने मामले की लिखित शिकायत आलापुर थाने में करने के साथ ही एसपी आलोक प्रियदर्शी को पत्र लिखा है। मामले में केस दर्ज करा कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने एसबीआई के उच्चाधिकारियों को भी पत्र लिख कार्रवाई की गुहार लगाई है। भारतीय स्टेट बैंक, आलापुर के शाखा प्रबंधक अच्छेलाल ने बताया कि मामला संज्ञान में है। जांच चल रही है।