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चार लाख कार्डधारकों को नहीं मिला राशन
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अंबेडकरनगर। जिले के लगभग चार लाख राशन कार्डधारकों को मौजूदा माह में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राशन नहीं मिल सका। इसमें उन्हें गेहूं और चावल मिलना था। अब इसका वितरण अप्रैल में होने की उम्मीद है। उधर, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत होने वाले नियमित राशन वितरण के लिए उठान समय पर न हो पाने का खामियाजा भी उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ा। माह के अंत तक गेहूं, चावल, चना, नमक व रिफाइंड ऑयल का वितरण होता रहा।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत निशुल्क राशन की उम्मीद लगाने वाले जिले के चार लाख एक हजार उपभोक्ताओं को झटका लगा है। कार्यदायी संस्था नैफेड व एफसीआई की बड़ी लापरवाही के चलते मार्च में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के लाभ से उपभोक्ताओं को वंचित रहना पड़ा। दरअसल प्रत्येक माह में एक-एक बार कोटे से जुड़े उपभोक्ताओं को नियमित राशन वितरण व प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत निशुल्क राशन उपलब्ध कराया जाता है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में नियमित राशन वितरण योजना के तहत अंत्योदय कार्डधारकों को 20 किग्रा. गेहूं व 15 किग्रा. चावल प्रति कार्ड, जबकि पात्र गृहस्थी के कार्डधारकों को प्रति यूनिट 3 किग्रा. गेहूं व 2 किग्रा. चावल के साथ ही सभी प्रकार के राशन कार्डधारकों को एक किग्रा. नमक, एक लीटर रिफाइंड ऑयल व एक किग्रा. चना उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सभी प्रकार के राशन कार्डधारकों को प्रति यूनिट 3 किग्रा. गेहूं व 2 किग्रा. चावल दिया जाता है। बताते चलें कि जिले में 4 लाख एक हजार राशन कार्डधारक हैं। इसमें 3 लाख 35 हजार 33 पात्र गृहस्थी व 65 हजार 967 अंत्योदय राशन कार्डधारक हैं।
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नियमित राशन वितरण के लिए कार्यदायी संस्था नैफेड की ओर से समय से चना, नमक व रिफाइंड ऑयल उपलब्ध नहीं कराया जा सका, जबकि एफसीआई की ओर से खाद्य विभाग को गेहूं की उपलब्धता समय पर नहीं कराई सकी। नतीजा यह रहा कि मार्च के अंत तक न सिर्फ उठान होती रही, बल्कि कोटों से इनका वितरण भी चलता रहा। इससे नियमित राशन वितरण तो मौजूदा माह के अंतिम दौर तक पूरा कर लिया गया, लेकिन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गेहूं व चावल की उपलब्धता अब तक नहीं हो पायी। इससे अब मौजूदा माह में राशन कार्डधारकों को अतिरिक्त गेहूं व चावल मिल पाना संभव नहीं दिख रहा है। खाद्य विभाग के अनुसार जैसे-जैसे सामग्री उपलब्ध कराई गई, उसी के अनुसार संबंधित कोटेदारों ने उठान किया। 28 मार्च तक नियमित राशन का वितरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
गेहूं की कमी के चलते हुई देरी
कार्यदायी संस्था नैफेड की ओर से नमक, रिफाइंड व चना उपलब्ध कराने में विलंब हुआ। इसके अलावा एफसीआई गोदाम में गेहूं की उपलब्धता न होने के चलते भी राशन वितरण में देरी हुई। जैसे-जैसे गेहूं की रैक आ रही है, उसे गोदाम में पहुंचाया जा रहा है। ऐसी स्थिति सिर्फ जिले में ही नहीं, बल्कि समूचे प्रदेश में है। नियमित राशन योजना के वितरण में अंबेडकरनगर जनपद प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। पीएम अन्न योजना का राशन भी अगले माह तक वितरित हो जाएगा।
-राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत निशुल्क राशन की उम्मीद लगाने वाले जिले के चार लाख एक हजार उपभोक्ताओं को झटका लगा है। कार्यदायी संस्था नैफेड व एफसीआई की बड़ी लापरवाही के चलते मार्च में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के लाभ से उपभोक्ताओं को वंचित रहना पड़ा। दरअसल प्रत्येक माह में एक-एक बार कोटे से जुड़े उपभोक्ताओं को नियमित राशन वितरण व प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत निशुल्क राशन उपलब्ध कराया जाता है।
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में नियमित राशन वितरण योजना के तहत अंत्योदय कार्डधारकों को 20 किग्रा. गेहूं व 15 किग्रा. चावल प्रति कार्ड, जबकि पात्र गृहस्थी के कार्डधारकों को प्रति यूनिट 3 किग्रा. गेहूं व 2 किग्रा. चावल के साथ ही सभी प्रकार के राशन कार्डधारकों को एक किग्रा. नमक, एक लीटर रिफाइंड ऑयल व एक किग्रा. चना उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सभी प्रकार के राशन कार्डधारकों को प्रति यूनिट 3 किग्रा. गेहूं व 2 किग्रा. चावल दिया जाता है। बताते चलें कि जिले में 4 लाख एक हजार राशन कार्डधारक हैं। इसमें 3 लाख 35 हजार 33 पात्र गृहस्थी व 65 हजार 967 अंत्योदय राशन कार्डधारक हैं।
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नियमित राशन वितरण के लिए कार्यदायी संस्था नैफेड की ओर से समय से चना, नमक व रिफाइंड ऑयल उपलब्ध नहीं कराया जा सका, जबकि एफसीआई की ओर से खाद्य विभाग को गेहूं की उपलब्धता समय पर नहीं कराई सकी। नतीजा यह रहा कि मार्च के अंत तक न सिर्फ उठान होती रही, बल्कि कोटों से इनका वितरण भी चलता रहा। इससे नियमित राशन वितरण तो मौजूदा माह के अंतिम दौर तक पूरा कर लिया गया, लेकिन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गेहूं व चावल की उपलब्धता अब तक नहीं हो पायी। इससे अब मौजूदा माह में राशन कार्डधारकों को अतिरिक्त गेहूं व चावल मिल पाना संभव नहीं दिख रहा है। खाद्य विभाग के अनुसार जैसे-जैसे सामग्री उपलब्ध कराई गई, उसी के अनुसार संबंधित कोटेदारों ने उठान किया। 28 मार्च तक नियमित राशन का वितरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
गेहूं की कमी के चलते हुई देरी
कार्यदायी संस्था नैफेड की ओर से नमक, रिफाइंड व चना उपलब्ध कराने में विलंब हुआ। इसके अलावा एफसीआई गोदाम में गेहूं की उपलब्धता न होने के चलते भी राशन वितरण में देरी हुई। जैसे-जैसे गेहूं की रैक आ रही है, उसे गोदाम में पहुंचाया जा रहा है। ऐसी स्थिति सिर्फ जिले में ही नहीं, बल्कि समूचे प्रदेश में है। नियमित राशन योजना के वितरण में अंबेडकरनगर जनपद प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। पीएम अन्न योजना का राशन भी अगले माह तक वितरित हो जाएगा।
-राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी