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Ambedkar Nagar News: फुट ओवर ब्रिज अधूरा, मजबूरी में ट्रैक पार करने को विवश लोग
Tue, 09 Dec 2025 11:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 09 Dec 2025 11:01 PM IST
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जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरियों को पार करते लोग।-
अंबेडकरनगर। अकबरपुर रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर फुट ओवर ब्रिज का निर्माण अधूरा होने से रोजाना हजारों लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। शहर के अनेक मोहल्लों, स्कूली छात्रों और आसपास के क्षेत्रों के लोग मजबूरी में पटरियों को पार कर रहे हैं। यह खतरनाक रास्ता अब लोगों की दिनचर्या बन चुका है, जबकि इसी ट्रैक से प्रतिदिन 33 जोड़ी ट्रेनें गुजरती हैं।
करीब 30 लाख रुपये की लागत से क्रॉसिंग के दोनों ओर फुट ओवर ब्रिज बनना था। पिलर बने डेढ़ साल हो चुके हैं, लेकिन उसके बाद से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आखिर पटरियों को जान जोखिम में डालकर पार करने की मजबूरी से कब मुक्ति मिलेगी।
ट्रैक पार करते वक्त हर दिन हादसे का डर
मुरादाबाद वार्ड निवासी राजाराम ने बताया कि पटरियों को पार करते समय हर क्षण हादसे का भय बना रहता है। जरूरतों के कारण लोग इस जोखिम भरे मार्ग का इस्तेमाल करने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि फुट ओवर ब्रिज का निर्माण पूरा न होने से हजारों लोगों की जिंदगी दांव पर लगी है।
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कई बार हो चुकी दुर्घटनाएं
स्थानीय निवासी शेरबहादुर के अनुसार फुट ओवर ब्रिज का काम शुरू हुआ लेकिन अधूरा छोड़ दिया गया। बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और साइकिल सवार सभी बिना किसी सुरक्षा उपाय के सीधे ट्रैक पर उतरकर आवागमन करने को विवश हैं।
प्रस्ताव भेजा गया
फुट ओवर ब्रिज के लिए पिलर का निर्माण पूरा करा दिया गया है। शेष कार्य रेलवे ब्रिज वर्कशॉप के तहत किया जाना है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
— प्रियंवदा यादव, अवर अभियंता निर्माण, रेलवे
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करीब 30 लाख रुपये की लागत से क्रॉसिंग के दोनों ओर फुट ओवर ब्रिज बनना था। पिलर बने डेढ़ साल हो चुके हैं, लेकिन उसके बाद से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आखिर पटरियों को जान जोखिम में डालकर पार करने की मजबूरी से कब मुक्ति मिलेगी।
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ट्रैक पार करते वक्त हर दिन हादसे का डर
मुरादाबाद वार्ड निवासी राजाराम ने बताया कि पटरियों को पार करते समय हर क्षण हादसे का भय बना रहता है। जरूरतों के कारण लोग इस जोखिम भरे मार्ग का इस्तेमाल करने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि फुट ओवर ब्रिज का निर्माण पूरा न होने से हजारों लोगों की जिंदगी दांव पर लगी है।
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कई बार हो चुकी दुर्घटनाएं
स्थानीय निवासी शेरबहादुर के अनुसार फुट ओवर ब्रिज का काम शुरू हुआ लेकिन अधूरा छोड़ दिया गया। बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और साइकिल सवार सभी बिना किसी सुरक्षा उपाय के सीधे ट्रैक पर उतरकर आवागमन करने को विवश हैं।
प्रस्ताव भेजा गया
फुट ओवर ब्रिज के लिए पिलर का निर्माण पूरा करा दिया गया है। शेष कार्य रेलवे ब्रिज वर्कशॉप के तहत किया जाना है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
— प्रियंवदा यादव, अवर अभियंता निर्माण, रेलवे