{"_id":"67095e9bf5e5f840f10d8101","slug":"final-warning-notice-to-five-hospital-teachers-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1002-122714-2024-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: पांच अस्पताल संचालकों को अंतिम चेतावनी नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: पांच अस्पताल संचालकों को अंतिम चेतावनी नोटिस
Fri, 11 Oct 2024 10:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 11 Oct 2024 10:51 PM IST
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। बगैर पंजीयन के पांच अस्पतालों के संचालन की शिकायत का संज्ञान लेते हुए सीएमओ कार्यालय ने जांच के लिए अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। एक हफ्ते में कागजात न उपलब्ध कराने पर अस्पताल को सील कर संबंधित संचालक के खिलाफ केस दर्ज करवाया जाएगा।
बीते माह कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि बिना लाइसेंस के अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ कार्यालय ने नेशनल डायग्नोस्टिक सेंटर टांडा, प्रांजल डायग्नोस्टिक बसखारी, डॉ. अमरेंद्र शर्मा सुलेमपुर चौराहा बसखारी, डॉ. रविंद्र यादव आर सी मेडिकल सेंटर बसखारी, सिद्धिविनायक डायग्नोस्टिक सेंटर जहांगीरगंज को नोटिस भेजकर लाइसेंस सहित सभी कागजात प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। खबर है कि संबंधित अस्पताल के संचालकों ने कोई कागजात मुहैया नहीं कराया। इस पर अब अंतिम चेतावनी नोटिस जारी किया गया है। अपर सीएमओ डॉ. रामानंद सिद्धार्थ ने बताया कि सभी को एक सप्ताह का समय दिया गया है। अगर इस अवधि में कागजात नहीं उपलब्ध कराए गए तो सभी अस्पतालों को सील कर संचालक के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
विज्ञापन
बीते माह कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि बिना लाइसेंस के अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ कार्यालय ने नेशनल डायग्नोस्टिक सेंटर टांडा, प्रांजल डायग्नोस्टिक बसखारी, डॉ. अमरेंद्र शर्मा सुलेमपुर चौराहा बसखारी, डॉ. रविंद्र यादव आर सी मेडिकल सेंटर बसखारी, सिद्धिविनायक डायग्नोस्टिक सेंटर जहांगीरगंज को नोटिस भेजकर लाइसेंस सहित सभी कागजात प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। खबर है कि संबंधित अस्पताल के संचालकों ने कोई कागजात मुहैया नहीं कराया। इस पर अब अंतिम चेतावनी नोटिस जारी किया गया है। अपर सीएमओ डॉ. रामानंद सिद्धार्थ ने बताया कि सभी को एक सप्ताह का समय दिया गया है। अगर इस अवधि में कागजात नहीं उपलब्ध कराए गए तो सभी अस्पतालों को सील कर संचालक के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
विज्ञापन