{"_id":"646cff3e8906f6299605b5d4","slug":"farmers-sons-shine-in-civil-service-exam-ambedkar-nagar-news-c-13-1-252229-2023-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: किसान के बेटों ने सिविल सेवा परीक्षा में जमाई धाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: किसान के बेटों ने सिविल सेवा परीक्षा में जमाई धाक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2022 में जिले के तीन मेधावियों ने सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। इसमें किसान के बेटे से लेकर दरोगा के पुत्र व पुत्री भी शामिल हैं।
अपने पहले ही प्रयास में आईएएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर 354वीं रैंक पाने वाली राशिदा खातून बसखारी ब्लाॅक के रामडीह सराय गांव की रहने वाली हैं। इनके पिता रहम नबी इन दिनों उन्नाव जनपद में बतौर सब इंस्पेक्टर तैनात हैं। सिपाही के तौर पर सरकारी सेवा की शुरुआत करने वाले रहम बेटी की सफलता से खासे खुश दिखे। राशिदा के बड़े पिता हमीदुल्लाह खान भी दरोगा हैं। तीन भाई-बहनों में राशिदा के बड़े भाई राशिद खान लखनऊ की एक निजी संस्था में अकाउंटेंट के तौर पर काम कर रहे हैं जबकि छोटा भाई आकिब खान सीए की पढ़ाई कर रहा है। राशिदा की प्रारंभिक शिक्षा अल हुदा मॉडल कॉलेज लखनऊ तथा स्नातक की शिक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय से हुई।
बसखारी ब्लाॅक के ही हरसम्हार गांव निवासी पूर्णमासी यादव के पुत्र अमित कुमार यादव को भी इस परीक्षा में सफलता मिली है। जूनियर तक की पढ़ाई भवानी भीखसिंह विद्यालय हीरापरुर तथा इंटर तक की पढ़ाई रांज्ञेयराघव हंसवर से करने वाले अमित ने राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बांदा से बीटेक किया। उनके पिता पूर्णमासी घर पर रहकर ही खेती करते हैं। अमित की सफलता से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
विज्ञापन
एक और किसान के बेटे ने सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है। जलालपुर तहसील के अवधना इस्माईलपुर निवासी मंदभान चौधरी किसान हैं। वे ग्रेजुएशन करने के बाद गांव पर ही रहकर खेती करते हैं जबकि उनकी पत्नी शीला देवी भी ग्रेजुएशन करने के बाद गृहिणी के तौर पर काम कर रही हैं। रजनीश अपने माता पिता के इकलौती संतान हैं। उन्हें सिविल सेवा परीक्षा के नतीजों में 526वां स्थान हासिल हुआ है। मंदभान खेती किसानी के साथ ही स्थानीय तौर पर निजी पशु चिकित्सक भी हैं।
विज्ञापन
अपने पहले ही प्रयास में आईएएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर 354वीं रैंक पाने वाली राशिदा खातून बसखारी ब्लाॅक के रामडीह सराय गांव की रहने वाली हैं। इनके पिता रहम नबी इन दिनों उन्नाव जनपद में बतौर सब इंस्पेक्टर तैनात हैं। सिपाही के तौर पर सरकारी सेवा की शुरुआत करने वाले रहम बेटी की सफलता से खासे खुश दिखे। राशिदा के बड़े पिता हमीदुल्लाह खान भी दरोगा हैं। तीन भाई-बहनों में राशिदा के बड़े भाई राशिद खान लखनऊ की एक निजी संस्था में अकाउंटेंट के तौर पर काम कर रहे हैं जबकि छोटा भाई आकिब खान सीए की पढ़ाई कर रहा है। राशिदा की प्रारंभिक शिक्षा अल हुदा मॉडल कॉलेज लखनऊ तथा स्नातक की शिक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय से हुई।
विज्ञापन
बसखारी ब्लाॅक के ही हरसम्हार गांव निवासी पूर्णमासी यादव के पुत्र अमित कुमार यादव को भी इस परीक्षा में सफलता मिली है। जूनियर तक की पढ़ाई भवानी भीखसिंह विद्यालय हीरापरुर तथा इंटर तक की पढ़ाई रांज्ञेयराघव हंसवर से करने वाले अमित ने राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बांदा से बीटेक किया। उनके पिता पूर्णमासी घर पर रहकर ही खेती करते हैं। अमित की सफलता से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
विज्ञापन
एक और किसान के बेटे ने सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है। जलालपुर तहसील के अवधना इस्माईलपुर निवासी मंदभान चौधरी किसान हैं। वे ग्रेजुएशन करने के बाद गांव पर ही रहकर खेती करते हैं जबकि उनकी पत्नी शीला देवी भी ग्रेजुएशन करने के बाद गृहिणी के तौर पर काम कर रही हैं। रजनीश अपने माता पिता के इकलौती संतान हैं। उन्हें सिविल सेवा परीक्षा के नतीजों में 526वां स्थान हासिल हुआ है। मंदभान खेती किसानी के साथ ही स्थानीय तौर पर निजी पशु चिकित्सक भी हैं।