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जल संरक्षण के लिए सभी को करना होगा वैश्विक प्रयास
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अंबेडकरनगर। जनपद कारागार परिसर में मंगलवार को विश्व जल दिवस के अवसर पर जल संरक्षण विषय पर गोष्ठी हुई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव प्रियंका सिंह ने सभी से जल संरक्षण अभियान को गंभीरता से लेने का आह्वान किया। कहा कि प्रकृति प्रदत्त इस बहुमूल्य धरोहर को संरक्षित करना प्रत्येक मानव का कर्तव्य है। हमें न सिर्फ स्वयं इसके प्रति गंभीर होने की जरूरत है, बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करते रहना होगा। बाद में उन्होंने जनपद कारागार का निरीक्षण भी किया। सचिव ने कहा कि विश्व जल दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
उन्होंने कहा कि प्रकृति द्वारा मानवता के लिए जल एक अनमोल उपहार है। जल की वजह से ही धरती पर जीवन संभव है। जल संरक्षण का अर्थ है, जल के प्रयोग को घटाना एवं सफाई एवं कृषि आदि के लिए अवशिष्ट जल का पुन: चक्रण करना। स्वच्छ जल की आवश्यकता आज विश्व में सभी को है। जल का अभाव एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। इस भीषण समस्या से अकेले या कुछ लोग नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर लोगों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है।
भविष्य में जल की कमी की समस्या को सुलझाने के लिए जल संरक्षण ही जल बचाना है। भारत और विश्व के दूसरे देशों में शुद्घ जल की भारी कमी है। इसकी वजह से कई क्षेत्रों में लोगों को पीने और खाना बनाने के साथ ही रोजमर्रा के कार्यों को पूरा करने के लिए जरूरी पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। दूसरी ओर पर्याप्त जल के क्षेत्रों में अपने दैनिक जरूरतों से ज्यादा पानी लोग बर्बाद कर देते हैं। हम सभी को जल के महत्व और भविष्य में जल की कमी से संबन्धित समस्याओं को समझना चाहिए।
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जेल अधीक्षिका हर्षिता मिश्रा ने कहा कि हमें अपने जीवन में उपयोगी जल को बर्बाद और प्रदूषित होने से बचाना होगा। लोगों के बीच जल संरक्षण को और बढ़ावा मिले इसके लिए जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाना होगा। कहा कि यह बिल्कुल स्पष्ट है कि धरती पर जीवन के अस्तित्व के लिए जल बहुत जरूरी है। इसलिए हमें धरती पर स्वच्छ जल के महत्व को समझना चाहिए और इसके संरक्षण की पूरी कोशिश करनी चाहिए। दूषित जल पीने से कई तरह की बीमारियां भी फैलती हैं। ऐसे में हम सभी को शुद्घ पेयजल की सुरक्षा के लिए आगे आने की जरूरत है। इस मौके पर कारापाल गिरिजाशंकर यादव, उपकारापाल राजेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि प्रकृति द्वारा मानवता के लिए जल एक अनमोल उपहार है। जल की वजह से ही धरती पर जीवन संभव है। जल संरक्षण का अर्थ है, जल के प्रयोग को घटाना एवं सफाई एवं कृषि आदि के लिए अवशिष्ट जल का पुन: चक्रण करना। स्वच्छ जल की आवश्यकता आज विश्व में सभी को है। जल का अभाव एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। इस भीषण समस्या से अकेले या कुछ लोग नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर लोगों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है।
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भविष्य में जल की कमी की समस्या को सुलझाने के लिए जल संरक्षण ही जल बचाना है। भारत और विश्व के दूसरे देशों में शुद्घ जल की भारी कमी है। इसकी वजह से कई क्षेत्रों में लोगों को पीने और खाना बनाने के साथ ही रोजमर्रा के कार्यों को पूरा करने के लिए जरूरी पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। दूसरी ओर पर्याप्त जल के क्षेत्रों में अपने दैनिक जरूरतों से ज्यादा पानी लोग बर्बाद कर देते हैं। हम सभी को जल के महत्व और भविष्य में जल की कमी से संबन्धित समस्याओं को समझना चाहिए।
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जेल अधीक्षिका हर्षिता मिश्रा ने कहा कि हमें अपने जीवन में उपयोगी जल को बर्बाद और प्रदूषित होने से बचाना होगा। लोगों के बीच जल संरक्षण को और बढ़ावा मिले इसके लिए जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाना होगा। कहा कि यह बिल्कुल स्पष्ट है कि धरती पर जीवन के अस्तित्व के लिए जल बहुत जरूरी है। इसलिए हमें धरती पर स्वच्छ जल के महत्व को समझना चाहिए और इसके संरक्षण की पूरी कोशिश करनी चाहिए। दूषित जल पीने से कई तरह की बीमारियां भी फैलती हैं। ऐसे में हम सभी को शुद्घ पेयजल की सुरक्षा के लिए आगे आने की जरूरत है। इस मौके पर कारापाल गिरिजाशंकर यादव, उपकारापाल राजेश कुमार आदि मौजूद रहे।