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Ambedkar Nagar News: जान जोखिम में डाल जर्जर आवास में रह रहे कर्मचारी

Tue, 25 Apr 2023 11:22 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 25 Apr 2023 11:22 PM IST
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Employees living in dilapidated housing risking their lives
अंबेडकरनगर। संयुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकबरपुर का कर्मचारी आवास लगभग एक दशक से निष्प्रयोज्य घोषित हो चुका है। इसके बाद भी कर्मचारी परिवार के साथ जान-जोखिम में डालकर श्हां रहने को मजबूर हैं। मौजूदा समय में चार कर्मचारियों का परिवार इसमें रह रहे हैं। वहीं साफ-सफाई को लेकर भी लापरवाही बरती जा रही है। जगह-जगह कूड़ा करकट का ढेर है तो परिसर में छुट्टा जानवरों का भी बसेरा रहता है।
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लगभग चार दशक पहले अकबरपुर नगर के मीरानपुर मोहल्ले में संयुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना हुई थी। अस्पताल परिसर में ही चिकित्सकों व कर्मचारियों के लिए आवासीय कालोनी भी है। अस्पताल भवन की तो समय-समय पर मरम्मत होती रहती है लेकिन देखरेख के अभाव में आवासीय कालोनी जर्जर होता चला गया। छत व दीवारों में जगह जगह दरारें आ गईं हैं तो छत व दीवार के प्लास्टर भी टूट गए हैं। जर्जर भवन का हाल यह है कि बारिश होने पर सभी कमरे जलाशय में तब्दील हो जाते हैं।
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मालूम हो कि आवासीय कालोनी में आधा दर्जन कर्मचारियों के आवास हैं जबकि चिकित्सकों के रहने के लिए दो आवास हैं। चिकित्सकों के आवास तो फिर भी ठीक हैं लेकिन कर्मचारियों के आवास बुरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। लगभग एक दशक पहले कर्मचारी कालोनी को निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है। इसके बाद भी जान जोखिम में डालकर मौजूदा समय में चार कर्मचारियों के परिवार रह रहे हैं।
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उपलब्ध कराया जाए आवास

जर्जर आवास में रह रहीं स्टाफ नर्स ओमलता, वंदना व ऊषा गौतम ने कहा कि जान जोखिम में डाल हम सभी रह रहे हैं। भवन अत्यंत जर्जर हो चुका है कब गिर जाए कुछ पता नहीं है। सुरक्षित स्थान पर रहने के लिए कई बार जिम्मेदारों को पत्र लिखा गया लेकिन कोई कदम अब तक नहीं उठाया गया। फार्मासिस्ट रमेश ने कहा कि प्रत्येक समय डर लगा रहता है। छत व दीवारों में दरारें पड़ी हैं। जिम्मेदारों को चाहिए कि या तो इसकी मरम्मत कराएं या फिर अन्यत्र रहने की व्यवस्था करें।




जल्द कराया जाएगा शिफ्ट



जर्जर भवन में जो लोग रह रहे हैं उन्हें बीते दिनों ही अन्यत्र रहने के लिए कहा गया था। शीघ्र ही उन्हेंं सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। - डॉ. श्रीकांत शर्मा, सीएमओ
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