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बगैर काम कराए ही बेसिक शिक्षा विभाग हर महीने उड़ा रहा 26 लाख

Wed, 13 Jan 2021 10:29 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jan 2021 10:29 PM IST
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फोटो 09, अंबेडकरनगर में नवनियुक्त शिक्षकों को विद्यालय आवंटित नहीं कर पा रहा बेसिक शिक्षा विभाग। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में 65 नवनियुक्त शिक्षक बगैर काम किए ही दो माह से वेतन ले रहे हैं। कारण यह कि इनकी नियुक्ति तो बेसिक शिक्षा विभाग में बतौर शिक्षक हो गई, लेकिन इन्हें अब तक विद्यालय आवंटित नही हो सका है। संबंधित शिक्षक प्रतिदिन बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की रस्म अदायगी तो पूरा कर रहे हैं, लेकिन इसके बाद उनके पास कोई कार्य नहीं रहता। ऐसे में वह चाहें दिन भर बीएसए कार्यालय पर अपना समय बिताएं या फिर घर वापस लौट जाएं। करीब दो माह से यह सिलसिला चल रहा है, लेकिन विभाग इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसे में बगैर काम किए ही नवनियुक्त शिक्षकों का करीब 26 लाख रुपये प्रतिमाह का भुगतान बन रहा है।
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बताते चलें कि बीते दिनों प्रदेश सरकार के निर्देश पर सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया आयोजित हुई थी।दो चरण में हुई नियुक्ति प्रक्रिया में जिले में 600 नए शिक्षकों की नियुक्ति हुई। इनमें से 535 शिक्षकों को विद्यालय आवंटित हो गया, और वह अपने अपने विद्यालयों में अपनी सेवा भी दे रहे हैं, लेकिन 65 शिक्षक ऐसे हैं जो नवंबर माह से विद्यालय आवंटित होने के इंतजार में बैठे हैं। नियुक्ति होने के बाद से शिक्षक प्रतिदिन बीएसए कार्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। बीएसए कार्यालय पर उनके लिए काम भी मौजूद नही जिसमें वह अन्य कर्मचारियों का हाथ बटाएं।
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ऐसे में प्रतिदिन बीएसए कार्यालय पहुंचने वाले शिक्षक अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद घर चले जाएं, या फिर अपना दिन कार्यालय पर बिताएं यह उनकी मर्जी है। प्रतिदिन पहुंच रही इन शिक्षकों की फौज को भी विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। शासन व विभाग की उदासीनता के चलते ही करीब 26 लाख रुपए का वेतन भुगतान सरकार पर बगैर काम कराए ही देनदारी बन रही है। फिलहाल अभी शिक्षकों को वेतन का भुगतान नही मिला है, लेकिन विभाग पर उनका बकाया बनता जा रहा है।
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विभागीय सूत्रों की मानें तो विभाग की उदासीनता के चलते यह समस्या उत्पन्न हुई है। उच्चस्तर से संबंधित शिक्षकों के विद्यालय आवंटन की सूची नहीं आ सकी है। इसके चलते ही आवंटन नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों का कार्यकाल दो माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन उन्हें अब तक शिक्षण कार्य को लेकर कोई अनुभव नहीं प्राप्त हो सका है।
नवनियुक्ति शिक्षकों ने भी अविलंब विद्यालय आवंटन किए जाने की मांग की है। नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिम्मेदारों की उदासीनता से उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बगैर वेतन के करीब वह दो माह से जिला मुख्यालय का चक्कर लगाने को विवश हैं। यदि विद्यालय का आवंटन हो जाता तो प्रतिदिन की भागदौड़ से बचते।

विद्यालय आवंटन के लिए संबंधित रिपोर्ट ऊपर प्रेषित की गई है। आवश्यक दिशा निर्देश मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल नियुक्ति पत्र में ही दर्शाया गया है कि जब तक शिक्षकों को विद्यालय आवंटित नही होता, तब तक बीएसए कार्यालय पर उपस्थिति दर्ज करायी जाए।
अतुल कुमार सिंह बीएसए
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