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बिजली गुल होने से डेढ़ हजार आबादी परेशान
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Tue, 11 Aug 2015 09:53 PM IST
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विद्युत वितरण खंड टांडा के मकोइया फीडर से जुड़े पटना मुबारकपुर गांव के ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। गांव में लगा 25 केवी का ट्रांसफार्मर आए दिन ओवरलोडिंग के चलते फुंक जाता है। छह माह में गांव का ये ट्रांसफार्मर पांच बार फुंक चुका है।
उपभोक्ता विभाग से ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। दो दिन पूर्व एक बार फिर ट्रांसफार्मर फुंकने से गांव की लगभग 1500 आबादी अंधेरे में रहने को विवश है। पावर कॉर्पोरेशन व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
पटना मुबारकपुर में बीते दिनों पावर कॉर्पोरेशन ने अभियान चलाकर गांव में बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिया है, लेकिन ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की सुध किसी को नहीं है। नतीजा है कि गांव की लगभग 1500 की आबादी को विद्युत आपूर्ति देने के लिए महज 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगा है।
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ओवरलोडिंग के चलते ये ट्रांसफार्मर पिछले छह माह में पांच बार फुंक चुका है। एक बार ट्रांसफार्मर फुंकने से गांव में एक सप्ताह से पखवारे भर तक आपूर्ति ठप रहती है। काफी उठापटक व ग्रामीणों के चंदा करने के बाद ट्रांसफार्मर बदला जाता है। चार दिन पूर्व गांव जला ट्रांसफार्मर कड़ी मशक्कत के बाद बदला जा सका, जो लगने के 48 घंटे के भीतर ही फुंक गया। इससे गांव के लोग एक बार फिर विद्युत संकट से जूझ रहे हैं। आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकने से ग्रामीण परेशान हैं।
पटना मुबारकपुर निवासी अवधेश व शौकत अली का कहना है कि गांव में पहले 25 उपभोक्ताओं का कनेक्शन था, तो विभाग ने 25 केवी का ट्रांसफार्मर दे रखा था। अब कनेक्शनों बढ़कर 100 से अधिक हो गए हैं। इसके बाद भी उसी क्षमता के ट्रांसफार्मर से ग्रामीणों को विद्युत आपूर्ति देने का विफल प्रयास किया जा रहा है।
यही नहीं आए दिन गांव की विद्युत आपूर्ति बाधित होने के बावजूद ग्रामीणों को बिल नियमित भेजा जा रहा है। इसको लेकर कई बार आपत्ति भी जाहिर की गई, लेकिन पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गांव के विनोद तिवारी, शैलेंद्र तिवारी, सरवर आलम, आजाद, अनूप मिश्र आदि ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर गांव के ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़वाने की मांग की है।
कहा कि यदि अविलंब इस पर अमल न किया गया तो ग्रामीण सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। उधर, अधिशाषी अभियंता ने बताया कि ट्रांसफार्मर की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है।
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उपभोक्ता विभाग से ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। दो दिन पूर्व एक बार फिर ट्रांसफार्मर फुंकने से गांव की लगभग 1500 आबादी अंधेरे में रहने को विवश है। पावर कॉर्पोरेशन व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
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पटना मुबारकपुर में बीते दिनों पावर कॉर्पोरेशन ने अभियान चलाकर गांव में बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिया है, लेकिन ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की सुध किसी को नहीं है। नतीजा है कि गांव की लगभग 1500 की आबादी को विद्युत आपूर्ति देने के लिए महज 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगा है।
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ओवरलोडिंग के चलते ये ट्रांसफार्मर पिछले छह माह में पांच बार फुंक चुका है। एक बार ट्रांसफार्मर फुंकने से गांव में एक सप्ताह से पखवारे भर तक आपूर्ति ठप रहती है। काफी उठापटक व ग्रामीणों के चंदा करने के बाद ट्रांसफार्मर बदला जाता है। चार दिन पूर्व गांव जला ट्रांसफार्मर कड़ी मशक्कत के बाद बदला जा सका, जो लगने के 48 घंटे के भीतर ही फुंक गया। इससे गांव के लोग एक बार फिर विद्युत संकट से जूझ रहे हैं। आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकने से ग्रामीण परेशान हैं।
पटना मुबारकपुर निवासी अवधेश व शौकत अली का कहना है कि गांव में पहले 25 उपभोक्ताओं का कनेक्शन था, तो विभाग ने 25 केवी का ट्रांसफार्मर दे रखा था। अब कनेक्शनों बढ़कर 100 से अधिक हो गए हैं। इसके बाद भी उसी क्षमता के ट्रांसफार्मर से ग्रामीणों को विद्युत आपूर्ति देने का विफल प्रयास किया जा रहा है।
यही नहीं आए दिन गांव की विद्युत आपूर्ति बाधित होने के बावजूद ग्रामीणों को बिल नियमित भेजा जा रहा है। इसको लेकर कई बार आपत्ति भी जाहिर की गई, लेकिन पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गांव के विनोद तिवारी, शैलेंद्र तिवारी, सरवर आलम, आजाद, अनूप मिश्र आदि ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर गांव के ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़वाने की मांग की है।
कहा कि यदि अविलंब इस पर अमल न किया गया तो ग्रामीण सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। उधर, अधिशाषी अभियंता ने बताया कि ट्रांसफार्मर की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है।