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Ambedkar Nagar News: साक्ष्य के अभाव में पूर्व सीएम की जमीन का दाखिल खारिज निरस्त

Tue, 17 Feb 2026 11:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Tue, 17 Feb 2026 11:15 PM IST
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Due to lack of evidence, the mutation of land of former CM was cancelled
आलापुर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की आलापुर तहसील के रामनगर महुवर स्थित भूमि को लेकर चल रहे विवाद में प्रस्तुत दाखिल-खारिज की अर्जी को नायब तहसीलदार कोर्ट ने खारिज कर दिया है। बैनामे के समर्थन में राजबहादुर व अन्य लोग पर्याप्त साक्ष्य नहीं उपलब्ध करा सके हैं। वहीं, फर्जी मुख्तार-ए-आम बनाकर पूर्व सीएम की जमीन के कराए गए बैनामे पर कार्रवाई अभी लंबित चल रही है।
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आलापुर तहसील क्षेत्र के रामनगर महुवर गांव के गाटा संख्या 1235 क क्षेत्रफल 0.152 हेक्टेयर दिग्विजय सिंह के नाम दर्ज है। पूर्व में जमीन उनकी मां के नाम थी। मां के निधन के बाद वरासत के लिए आवेदन करने पर 18 मई 2024 को जमीन दिग्विजय सिंह के नाम दर्ज हो गई थी। जमीन की कीमत 50 लाख रुपये के आसपास है। इस जमीन को हंसवर के ग्राम क्वेटला निवासी रामहरक चौहान ने 1989 में मुख्तार-ए-आम दिग्विजय सिंह बनकर जमीन को जियालाल, राजबहादुर व मंगली निवासी रामनगर महुवर के नाम बैनामा कर दिया था। फरवरी 2025 में इस जमीन पर जब निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, पूर्व सीएम के केयर टेकर अनिल यादव ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की थी। मामले में पूर्व सीएम ने डीएम से फोन पर वार्ता भी की थी। इसके बाद से इस प्रकरण में जांच की गई, जिसमें पाया गया कि मुख्तार-ए-आम बनाने के लिए दिग्विजय सिंह के स्थान पर दुर्विजय सिंह के हस्ताक्षर बनाए गए थे। नाम-पता भी बदला गया था। इसकी रिपोर्ट लगाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई थी। हालांकि, अब तक यह प्रकरण लंबित चल रहा है। इसी बीच 19 फरवरी 2025 में राजबहादुर व अन्य लोगों ने तहसील आलापुर में दाखिल खारिज का आवेदन किया गया था। इसकी सुनवाई नायब तहसीलदार हुबलाल कोर्ट में चली। नायब तहसीलदार ने अभिलेखों के परीक्षण के दौरान पाया कि बैनामा मुख्तार-ए-आम बनाकर किया गया था। मुख्तार-ए-आम की मूलप्रति या प्रमाणित प्रतिलिपि नहीं प्रस्तुत की गई। ऐसे में साक्ष्य अपूर्ण पाते हुए कोर्ट ने वाद खारिज कर दिया है। एसडीएम सुभाष सिंह ने बताया कि दाखिल खारिज की अपील निरस्त कर दी गई है। अन्य प्रकरण की जांच उच्च स्तर पर चल रही है।
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