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Ambedkar Nagar News: कटान से पांच बीघा और खेत नदी में समाया
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राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। तहसील क्षेत्र के माझा कम्हरिया व कम्हरिया में शुक्रवार को लगभग पांच बीघा खेत कटान की भेंट चढ़ गया। इसके साथ ही शुक्रवार सुबह परमात्मा सिंह की शीशम की पूरी बाग नदी में समा गई, इससे संबंधित छह किसानों को बड़ी आर्थिक चपत लगी। इस बीच बृहस्पतिवार से एक बार फिर से सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि शुरू हो गई। शुक्रवार को जलस्तर 85 मीटर पार कर गया। इसे माझा क्षेत्र के तीन मजरों व अराजी देवारा संपर्क मार्ग तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। इससे संबंधित क्षेत्र के लोगों की चिंता एक बार फिर से बढ़ गई।
माझा कम्हरिया व कम्हरिया में कटान का सिलसिला लगातार जारी है। बृहस्पतिवार को जहां आधा दर्जन से अधिक किसानों का लगभग दस बीघा खेत कटान की भेंट चढ़ गया था तो वहीं शुक्रवार को भी कटान ने लगभग पांच बीघा खेत व भूमि का अस्तित्व समाप्त कर दिया। शुक्रवार को ताल्लुकदार सिंह, राघवेंद्र सिंह, परमात्मा, संगमलाल श्रीवास्तव का लगभग पांच बीघा खेत कटान के चलते नदी में समा गया। परमात्मा सिंह की शीशम की पूरी बाग नदी में समा गई। परमात्मा के अनुसार बाग में लगभग सौ शीशम के पेड़ थे।
उधर, चार दिन की राहत के बाद बृहस्पतिवार देर शाम से एक बार फिर से नदी के जलस्तर में वृद्धि होने लगी। बृहस्पतिवार शाम छह बजे सरयू नदी का जलस्तर 84.73 मीटर था जबकि शुक्रवार सुबह आठ बजे 27 सेमी बढ़कर 85 मीटर हो गया। शाम होते होते जलस्तर 85 मीटर पार कर गया। इससे माझा कम्हरिया व अराजी देवारा ग्राम पंचायत के हंसू का पूरा, करिया लोनिया का पूरा, पटपरवा, सिद्धनाथ, कुर्मी प्रसाद का पूरा, निषाद बस्ती, दलित बस्ती समेत एक दर्जन से मजरों से अधिक की लगभग 24 हजार की आबादी की चिंता बढ़ गई।
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माना जा रहा है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही तो शीघ्र ही हंसू का पूरा, करिया लोनिया का पूरा व कुर्मी प्रसाद का पूरा व अराजी देवारा संपर्क मार्ग पानी में डूब जाएगा। दरअसल संबंधित स्थानों के निकट बाढ़ का पानी पहुंच गया है। यदि संपर्क मार्ग डूबता है तो एक बार फिर से नाव का संचालन करना होगा। मालूम हो कि बीते दिनों जब अराजी देवारा संपर्क मार्ग जलमग्न हुआ था तो वहां नाव का संचालन करना पड़ा था।
अधिकारियों ने लिया जायजा
एसडीएम आलापुर सदानंद सरोज ने राजस्वकर्मियों के साथ शुक्रवार को माझा कम्हरिया व कम्हरिया क्षेत्र में कटान वाले क्षेत्र में पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने जिम्मेदारों को निर्देशित किया कि कटान रोकने को लेकर सभी जरूरी कदम उठाए जाएं, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। इसके साथ ही कम्हरिया व दर्शननगर स्थित स्वस्थ्य शिविर में भी पहुंचकर जायजा लिया। चिकित्सकों को निर्देशित किया कि संचारी रोगों से निपटने के लिए ग्रामीणों के स्वास्थ्य की बेहतर ढंग से जांच की जाए। इसके साथ ही अभियान चलाकर लोगों को संचारी रोगों के बारे में जानकारी हासिल करें।
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माझा कम्हरिया व कम्हरिया में कटान का सिलसिला लगातार जारी है। बृहस्पतिवार को जहां आधा दर्जन से अधिक किसानों का लगभग दस बीघा खेत कटान की भेंट चढ़ गया था तो वहीं शुक्रवार को भी कटान ने लगभग पांच बीघा खेत व भूमि का अस्तित्व समाप्त कर दिया। शुक्रवार को ताल्लुकदार सिंह, राघवेंद्र सिंह, परमात्मा, संगमलाल श्रीवास्तव का लगभग पांच बीघा खेत कटान के चलते नदी में समा गया। परमात्मा सिंह की शीशम की पूरी बाग नदी में समा गई। परमात्मा के अनुसार बाग में लगभग सौ शीशम के पेड़ थे।
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उधर, चार दिन की राहत के बाद बृहस्पतिवार देर शाम से एक बार फिर से नदी के जलस्तर में वृद्धि होने लगी। बृहस्पतिवार शाम छह बजे सरयू नदी का जलस्तर 84.73 मीटर था जबकि शुक्रवार सुबह आठ बजे 27 सेमी बढ़कर 85 मीटर हो गया। शाम होते होते जलस्तर 85 मीटर पार कर गया। इससे माझा कम्हरिया व अराजी देवारा ग्राम पंचायत के हंसू का पूरा, करिया लोनिया का पूरा, पटपरवा, सिद्धनाथ, कुर्मी प्रसाद का पूरा, निषाद बस्ती, दलित बस्ती समेत एक दर्जन से मजरों से अधिक की लगभग 24 हजार की आबादी की चिंता बढ़ गई।
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माना जा रहा है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही तो शीघ्र ही हंसू का पूरा, करिया लोनिया का पूरा व कुर्मी प्रसाद का पूरा व अराजी देवारा संपर्क मार्ग पानी में डूब जाएगा। दरअसल संबंधित स्थानों के निकट बाढ़ का पानी पहुंच गया है। यदि संपर्क मार्ग डूबता है तो एक बार फिर से नाव का संचालन करना होगा। मालूम हो कि बीते दिनों जब अराजी देवारा संपर्क मार्ग जलमग्न हुआ था तो वहां नाव का संचालन करना पड़ा था।
अधिकारियों ने लिया जायजा
एसडीएम आलापुर सदानंद सरोज ने राजस्वकर्मियों के साथ शुक्रवार को माझा कम्हरिया व कम्हरिया क्षेत्र में कटान वाले क्षेत्र में पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने जिम्मेदारों को निर्देशित किया कि कटान रोकने को लेकर सभी जरूरी कदम उठाए जाएं, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। इसके साथ ही कम्हरिया व दर्शननगर स्थित स्वस्थ्य शिविर में भी पहुंचकर जायजा लिया। चिकित्सकों को निर्देशित किया कि संचारी रोगों से निपटने के लिए ग्रामीणों के स्वास्थ्य की बेहतर ढंग से जांच की जाए। इसके साथ ही अभियान चलाकर लोगों को संचारी रोगों के बारे में जानकारी हासिल करें।