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Ambedkar Nagar News: मतदाताओं की शुरू हुई घर-घर तलाश
Wed, 03 Dec 2025 12:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 03 Dec 2025 12:04 AM IST
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अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र के एक बूथ पर विशेष पुनरीक्षण अभियान का जायजा लेते बीडीओ राजेंद्र तिवार
अंबेडकरनगर। विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष पुनरीक्षण अभियान में अब तक 82.22 प्रतिशत गणना प्रपत्र जमा कराते हुए उन्हें डिजिटाइज कराया जा चुका है। पिछले 24 घंटों डिजिटाइजेशन की रफ्तार सुस्त पड़ी है। इसके पीछे वजह यह है कि ज्यादातर बीएलओ के पास मतदाताओं ने गणना प्रपत्र जमा नहीं किए हैं। इसे देखते हुए एक फिर से डोर-टू-डोर कलेक्शन और डिजिटाइजेशन अभियान शुरू किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी बीएलओ को मतदाताओं से संपर्क कर प्रपत्र भरवाने के निर्देश दिए हैं।
जिले में 18,70,756 मतदाताओं में से 15,382,22 के प्रपत्र डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जो लक्ष्य के सापेक्ष 82.22 प्रतिशत हैं। शनिवार दोपहर दो बजे से लेकर मंगलवार दोपहर 12 बजे तक 13,749 गणना प्रपत्र ही डिजिटाइज किए जा सकें हैं। सबसे ज्यादा समस्या ऐसी महिलाओं के गणना प्रपत्र भरने में आ रही है, जिनकी ससुराल किसी अन्य जनपद या विधानसभा क्षेत्र में है। महिलाएं अपने माता-पिता या रिश्तेदारों का वर्ष 2003 की सूची के अनुसार ब्योरा नहीं जुटा पा रहीं हैं। मंगलवार से बीएलओ ने घर-घर संपर्क करना शुरू किया है। इस दौरान जिन लोगों के गणना प्रपत्र नहीं भर पाएं हैं, उनके मौके पर ही प्रपत्र भरवाए जा रहे हैं। बीएलओ वर्ष 2003 की सूची के अनुसार उनका ब्योरा जुटाने में भी मदद कर रहे हैं। इसके बाद बीएलओ के साथ लगे सहायक उन प्रपत्रों को ऑनलाइन करा रहे हैं।
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जिले में 18,70,756 मतदाताओं में से 15,382,22 के प्रपत्र डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जो लक्ष्य के सापेक्ष 82.22 प्रतिशत हैं। शनिवार दोपहर दो बजे से लेकर मंगलवार दोपहर 12 बजे तक 13,749 गणना प्रपत्र ही डिजिटाइज किए जा सकें हैं। सबसे ज्यादा समस्या ऐसी महिलाओं के गणना प्रपत्र भरने में आ रही है, जिनकी ससुराल किसी अन्य जनपद या विधानसभा क्षेत्र में है। महिलाएं अपने माता-पिता या रिश्तेदारों का वर्ष 2003 की सूची के अनुसार ब्योरा नहीं जुटा पा रहीं हैं। मंगलवार से बीएलओ ने घर-घर संपर्क करना शुरू किया है। इस दौरान जिन लोगों के गणना प्रपत्र नहीं भर पाएं हैं, उनके मौके पर ही प्रपत्र भरवाए जा रहे हैं। बीएलओ वर्ष 2003 की सूची के अनुसार उनका ब्योरा जुटाने में भी मदद कर रहे हैं। इसके बाद बीएलओ के साथ लगे सहायक उन प्रपत्रों को ऑनलाइन करा रहे हैं।
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