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धूमधाम से मनाई गई देवोत्थानी एकादशी, विविध धार्मिक अनुष्ठान हुए
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फोटो 18, अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर प्रबोधिनी एकादशी के मौके पर होती गन्ने की बिक्री।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। देवोत्थानी एकादशी का पर्व जिलेे में बुधवार को उल्लास के साथ मना। विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी हुआ। महिलाओं व पुरुषों ने एकादशी का व्रत रखकर भगवान विष्णु की आराधना की। काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने घर पर सत्यनारायण भगवान की कथा सुनकर दान पुण्य भी किया। एकादशी पर्व के मौके पर बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। बड़ी संख्या में नागरिकों ने गन्ना, सिंघाड़ा व शकरकंद आदि सामानों की जमकर खरीददारी की। देरशाम तक सामानों की खरीददारी जारी रही। शाम को घरों में लोगों ने गन्ना चूसने की भी परंपरा का निर्वहन किया।
देवोत्थानी एकादशी का पर्व जिले में उल्लास व श्रद्धा के बीच बुधवार को मनाया गया। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में इस पर्व के मौके पर श्रद्धालुओं ने विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया। बड़ी संख्या में महिलाओं व पुरुषों ने व्रत रखकर भगवान विष्णु की आराधना की। मान्यता है कि एकादशी व्रत रखने का लाभ स्वयं को मिलता है। अन्य सभी व्रत दूसरों के लिए होता है, लेकिन एकादशी व्रत स्वयं के लिए रखा जाता है।
इसी दिन भगवान विष्णु शयन से बाहर आते हैं और सृष्टि सृजन में जुटते हैं। इसके बाद ही धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन शुरू होता है। इसी परंपरा का निर्वहन बुधवार को पूरी परंपरा के साथ मनाया गया। काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने सत्यनारायण भगवान की कथा सुनकर प्रसाद वितरण किया। माना जाता है कि इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा सुनने व दान पुण्य करना काफी फलदायी होता है। बड़ी संख्या में श्रद्घालुओं ने विभिन्न नदियों के पवित्र घाटों पर पहुंचकर स्नान कर भी दान पुण्य किया।
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देवोत्थानी एकादशी मौके पर बुधवार को बाजारों में भी खूब रौनक दिखी। गन्ना, सिंघाड़ा व शकरकंद आदि की खूब बिक्री हुई। अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर शीतला आश्रम के पास गन्ने व सिंघाड़े की सबसे ज्यादा दुकान लगी दिखी। जिला मुख्यालय के अयोध्या मार्ग के अलावा शहजादपुर सब्जी मंडी तथा पहितीपुर चौराहे के आस पास के क्षेत्र में भी सिंघाड़े, गन्ने व शकरकंद की बिक्री बड़े पैमाने पर हुई। देरशाम तक नागरिकों ने सामानों की खरीददारी की। टांडा, आलापुर, जलालपुर, भीटी, महरुआ व कटेहरी आदि क्षेत्रों में भी श्रद्धालुओं ने देवोत्थानी एकादशी पर विधि विधान से पूजन अर्चन किया।
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देवोत्थानी एकादशी का पर्व जिले में उल्लास व श्रद्धा के बीच बुधवार को मनाया गया। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में इस पर्व के मौके पर श्रद्धालुओं ने विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया। बड़ी संख्या में महिलाओं व पुरुषों ने व्रत रखकर भगवान विष्णु की आराधना की। मान्यता है कि एकादशी व्रत रखने का लाभ स्वयं को मिलता है। अन्य सभी व्रत दूसरों के लिए होता है, लेकिन एकादशी व्रत स्वयं के लिए रखा जाता है।
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इसी दिन भगवान विष्णु शयन से बाहर आते हैं और सृष्टि सृजन में जुटते हैं। इसके बाद ही धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन शुरू होता है। इसी परंपरा का निर्वहन बुधवार को पूरी परंपरा के साथ मनाया गया। काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने सत्यनारायण भगवान की कथा सुनकर प्रसाद वितरण किया। माना जाता है कि इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा सुनने व दान पुण्य करना काफी फलदायी होता है। बड़ी संख्या में श्रद्घालुओं ने विभिन्न नदियों के पवित्र घाटों पर पहुंचकर स्नान कर भी दान पुण्य किया।
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देवोत्थानी एकादशी मौके पर बुधवार को बाजारों में भी खूब रौनक दिखी। गन्ना, सिंघाड़ा व शकरकंद आदि की खूब बिक्री हुई। अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर शीतला आश्रम के पास गन्ने व सिंघाड़े की सबसे ज्यादा दुकान लगी दिखी। जिला मुख्यालय के अयोध्या मार्ग के अलावा शहजादपुर सब्जी मंडी तथा पहितीपुर चौराहे के आस पास के क्षेत्र में भी सिंघाड़े, गन्ने व शकरकंद की बिक्री बड़े पैमाने पर हुई। देरशाम तक नागरिकों ने सामानों की खरीददारी की। टांडा, आलापुर, जलालपुर, भीटी, महरुआ व कटेहरी आदि क्षेत्रों में भी श्रद्धालुओं ने देवोत्थानी एकादशी पर विधि विधान से पूजन अर्चन किया।