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छापेमारी के दौरान पुलिस ने घरों में की तोड़फोड़
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Sat, 09 Jul 2016 11:45 PM IST
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अंबेडकरनगर के मसेना मिर्जापुर में शुक्रवार देर रात छापेमारी के दौरान पुलिस द्वारा ग्रामीणों के चौपाल व घरों में की गई तोड़-फोड़।
- फोटो : अमर उजाला
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बहुचर्चित बेचन सिंह हत्याकांड मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने में नाकाम अलापुर पुलिस ने शुक्रवार रात आरोपियों के घरों पर जमकर उत्पात मचाया। पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ घरों में तोड़फोड़ की बल्कि परिवारीजनों की पिटाई व महिलाओं के साथ अभद्रता भी की।
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इतना ही नहीं, नाकामी का दंश झेल रही पुलिस ने आरोपियों के परिवारीजनों के अलावा उनके पड़ोसियों के साथ भी अभद्रता की। इससे ग्रामीणों में पुलिस-प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि पुलिस अपनी विफलता पर पर्दा डालने के लिए इस प्रकार के कदम उठा रही है।
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इसकी शिकायत न सिर्फ उच्चाधिकारियों वरन मानवाधिकार आयोग से भी की जाएगी। गौरतलब है कि 26 जून को थाना अंतर्गत मसेना मिर्जापुर निवासी ज्ञानसिंह उर्फ बेचन सिंह की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह रामनगर से बाइक से अपने घर जा रहा था।
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पुलिस ने मृतक की पत्नी प्रतिभा सिंह की तहरीर पर पांच लोगों के विरुद्ध हत्या व हत्या की साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज किया था। उच्चाधिकारियों के कड़े दिशा-निर्देश के बाद भी जब आरोपी पुलिस पकड़ से दूर बने रहे तो बीते दिनों एसओ जेएन सरोज को लाइन हाजिर कर उनके स्थान पर थाने की कमान शिव नरायण भगत को सौंपी गई।
आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसओ भगत ने शुक्रवार रात दलबल के साथ लोनीडीह, बसहिया, पतराभार, लखमीपुर व चहोड़ा घाट स्थित आरोपियों के घरों पर दबिश दी। परिवारीजनों का आरोप है कि छापेमारी के नाम पर पुलिस ने उनके घरों में जमकर तोड़फोड़ व परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की।
महिलाओं के साथ अभद्रता का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस अपनी नाकामियों से इतना अधिक परेशान है कि उसने अपना गुस्सा मवेशियों पर भी उतार दिया। न सिर्फ मवेशियों को पीटा बल्कि उन्हें रस्सी से खोलकर भगा दिया गया।
पतराभार निवासिनी पुष्पा ने आरोप लगाते हुए कहा कि दबिश के नाम पर पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ रसोईघर तहस-नहस कर दिया बल्कि बाइक, ट्रैक्टर, चारपाई व अन्य सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिए। आरोप के अनुसार पुलिस का उत्पात यहीं तक नहीं रुका। पड़ोसी लाल बिहारी के घर में भी तलाशी के नाम पर तोड़फोड़ की गई।
मध्यरात्रि में लगभग दो घंटे तक पुलिस के उत्पात के चलते ज्यादातर पुरुष खेतों की तरफ भाग गए। इस दौरान पुलिस ने पशुओं की भी पिटाई कर उन्हें खूंटे से खोलकर भगा दिया और पशुशाला में भी तोड़फोड़ की। इसके अलावा आलापुर के चहोड़ाघाट निवासी सत्यदेव के घर पर भी पुलिस ने दबिश देकर तोड़फोड़ की।
उधर, एसओ भगत ने तोड़फोड़, मारपीट व महिलाओं के साथ अभद्रता के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ आरोपियों के बारे में पूछताछ की थी। कहा कि यदि शीघ्र ही आरोपी गिरफ्तार किए जाएंगे। एएसपी राहुलराज ने बताया कि घर में घुसकर तोड़फोड़ और अभद्रता संबंधी ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराई जाएगी।