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राज्य कर्मचारियों ने की पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग
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अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में विभिन्न मांगों से संबंधित प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। कहा गया कि यदि उनकी मांगों का निस्तारण नहीं किया गया तो आंदोलन करने को विवश होंगे।
तहसीलदार को सौंपे ज्ञापन में संयोजक रविश्याम पटेल ने कहा कि कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वह्न पूरी ईमानदारी के साथ कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी लगातार उपेक्षा की जा रही है। जब भी मागों को लेकर आवाज बुलंद की जाती है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। इससे आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ती। कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसे लेकर कई बार धरना प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया जा सका है। इससे कर्मचारियों का हित मारा जा रहा है। नई पेंशन व्यवस्था से कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित नहीं होने वाला है। ऐसे में कर्मचारियों के हित को देखते हुए अति शीघ्र पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
वक्ताओं ने कहा कि रिक्त स्थानों पर तैनाती की मांग को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। आउट सोर्सिंग पर रखे जाने वाले कर्मचारियों को समान कार्य, समान वेतन दिए जाने, केंद्रीय कर्मचारियों की तरह ही उन्हें भी भत्ता दिए जाने, ग्रेड पे बढ़ाए जाने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार लोगों द्वारा इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मागों का निस्तारण नहीं हुआ तो आंदोलन छेड़ने के लिए विवश होंगे। इस दौरान रामलाल वर्मा, नरेंद्र वर्मा, मंजू सिंह, बांके प्रसाद, योगेंद्र सिंह, रमेश कुमार, शैलेंद्र त्रिपाठी, दिनेश यादव, पारसनाथ आदि मौजूद रहे।
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तहसीलदार को सौंपे ज्ञापन में संयोजक रविश्याम पटेल ने कहा कि कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वह्न पूरी ईमानदारी के साथ कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी लगातार उपेक्षा की जा रही है। जब भी मागों को लेकर आवाज बुलंद की जाती है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। इससे आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ती। कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसे लेकर कई बार धरना प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया जा सका है। इससे कर्मचारियों का हित मारा जा रहा है। नई पेंशन व्यवस्था से कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित नहीं होने वाला है। ऐसे में कर्मचारियों के हित को देखते हुए अति शीघ्र पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
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वक्ताओं ने कहा कि रिक्त स्थानों पर तैनाती की मांग को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। आउट सोर्सिंग पर रखे जाने वाले कर्मचारियों को समान कार्य, समान वेतन दिए जाने, केंद्रीय कर्मचारियों की तरह ही उन्हें भी भत्ता दिए जाने, ग्रेड पे बढ़ाए जाने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार लोगों द्वारा इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मागों का निस्तारण नहीं हुआ तो आंदोलन छेड़ने के लिए विवश होंगे। इस दौरान रामलाल वर्मा, नरेंद्र वर्मा, मंजू सिंह, बांके प्रसाद, योगेंद्र सिंह, रमेश कुमार, शैलेंद्र त्रिपाठी, दिनेश यादव, पारसनाथ आदि मौजूद रहे।
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