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Ambedkar Nagar News: जिला अस्पताल में उमड़ी मरीजों की भीड़, घंटों इंतजार के बाद मिला उपचार
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अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। सबसे ज्यादा खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज आए। इनमें बच्चों व बुजुर्गों की संख्या अधिक रही। दवा वितरण कक्ष, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और पैथाेलॉजी के बाहर लाइनें लगी रहीं। पर्चा काउंटर और दवा वितरण केंद्र पर लंबी कतार में लोग धक्का-मुक्की करते नजर आए। दोपहर दो बजे तक 839 नए मरीजोंं ने उपचार के लिए रजिस्ट्रेशन कराया।जिला अस्पताल के पर्चा काउंटर पर सुबह 10:45 बजे पर मरीजों की चार कतारें लगी थीं। लोग पर्चा बनवाने के लिए परेशान थे। जो सुबह कतार में लग गए, उनका तो ठीक, लेकिन देर से आने वाले मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए काफी समय देना पड़ा। सुबह 11 बजे ओपीडी में मरीजों का रेला लगा मिला। सर्जन के कक्ष के बाहर भी महिला और पुरुष की अलग-अलग लाइन लगी थी।
यहां डॉ. नंदलाल मरीजों को देख रहे थे। फिजिशियन डॉ. मनोज शुक्ल का कक्ष खाली था। बाहर कई मरीज उनके आने का इंतजार कर रहे थे। वहां मौजूद एक कर्मचारी ने बताया की चिकित्सक सीएमएस के पास गए हैं। फिजिशियिन डॉ. डीपी वर्मा और डॉ. योगेश मरीजों का उपचार कर दवा का पर्चा बनाते नजर मिले। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अब्दुल हलीम भी अपने कक्ष में मरीजों का उपचार करते मिले।
जांच के लिए लंबा इंतजार
दोपहर 12 बजे अल्ट्रासाउंड कक्ष में ठीकठाक भीड़ थे। कक्ष के बाहर बैठे सतीश कुमार ने बताया कि दो घंटे से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। एक्सरे कक्ष के बाहर भी भीड़ थी। आर्थोपैडिक सर्जन के कक्ष के बार दोस्तपुर के नंदलाल बैसाखी के सहारे पहुंचे। उन्होंने बताया कि बीते माह पैर का ऑपरेशन कराया था। दवा लेने आया हूं, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा है कि डर लग रहा है कि यदि किसी ने धक्का दे दिया तो फिर समस्या बढ़ जाएगी।
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वार्ड बॉय नहीं आते नजर
अस्पताल में मरीजों की मदद के लिए वार्डबॉय नजर नहीं आए। कई मरीजाें को उनके तीमारदार ही सहारा देकर ओपीडी तक ले जाते मिले। स्ट्रेचर और व्हील चेयर होने के बावजूद उनका उपयोग नहीं हो रहा है।
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बेहतर सेवाएं देने का प्रयास
हमारे पास पर्याप्त चिकित्सक हैं। सोमवार को भीड़ ज्यादा रहती ही है। मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलें, इसके लिए उचित प्रबंध किए गए हैं। भीड़ में जांच और इलाज के लिए थोड़ा ज्यादा वक्त देना पड़ता है। मौजूदा समय में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज बढ़े हैं। बदलते मौसम में सेहत दुरुस्त रखने के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है।
डॉ. ओम प्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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यहां डॉ. नंदलाल मरीजों को देख रहे थे। फिजिशियन डॉ. मनोज शुक्ल का कक्ष खाली था। बाहर कई मरीज उनके आने का इंतजार कर रहे थे। वहां मौजूद एक कर्मचारी ने बताया की चिकित्सक सीएमएस के पास गए हैं। फिजिशियिन डॉ. डीपी वर्मा और डॉ. योगेश मरीजों का उपचार कर दवा का पर्चा बनाते नजर मिले। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अब्दुल हलीम भी अपने कक्ष में मरीजों का उपचार करते मिले।
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जांच के लिए लंबा इंतजार
दोपहर 12 बजे अल्ट्रासाउंड कक्ष में ठीकठाक भीड़ थे। कक्ष के बाहर बैठे सतीश कुमार ने बताया कि दो घंटे से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। एक्सरे कक्ष के बाहर भी भीड़ थी। आर्थोपैडिक सर्जन के कक्ष के बार दोस्तपुर के नंदलाल बैसाखी के सहारे पहुंचे। उन्होंने बताया कि बीते माह पैर का ऑपरेशन कराया था। दवा लेने आया हूं, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा है कि डर लग रहा है कि यदि किसी ने धक्का दे दिया तो फिर समस्या बढ़ जाएगी।
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वार्ड बॉय नहीं आते नजर
अस्पताल में मरीजों की मदद के लिए वार्डबॉय नजर नहीं आए। कई मरीजाें को उनके तीमारदार ही सहारा देकर ओपीडी तक ले जाते मिले। स्ट्रेचर और व्हील चेयर होने के बावजूद उनका उपयोग नहीं हो रहा है।
बेहतर सेवाएं देने का प्रयास
हमारे पास पर्याप्त चिकित्सक हैं। सोमवार को भीड़ ज्यादा रहती ही है। मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलें, इसके लिए उचित प्रबंध किए गए हैं। भीड़ में जांच और इलाज के लिए थोड़ा ज्यादा वक्त देना पड़ता है। मौजूदा समय में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज बढ़े हैं। बदलते मौसम में सेहत दुरुस्त रखने के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है।
डॉ. ओम प्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक