{"_id":"6164728c8ebc3e05ce76bb5c","slug":"coal-crisis-created-to-help-industrialist-friends-ambedkar-nagar-news-lko599670044","type":"story","status":"publish","title_hn":"उद्योगपति मित्रों की मदद के लिए खड़ा किया कोयले का संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उद्योगपति मित्रों की मदद के लिए खड़ा किया कोयले का संकट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। उद्योगपति मित्रों की मदद के लिए कोयले का संकट जानबूझकर खड़ा किया गया है। इसका खामियाजा जनता को अनायास ही बडे़ पैमाने पर भुगतना पड़ा है। ऐसी सरकार को दो मिनट भी सत्ता में नहीं बने रहना चाहिए, जब कोयला खत्म हो गया और सरकार सोती रह गई।
जिले में आम आदमी पार्टी को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से सोमवार को पहुंचे प्रदेश प्रभारी व सांसद संजय सिंह का जगह-जगह स्वागत किया गया। इसमें न सिर्फ बड़ी तादाद में आप पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए, वरन दूसरे दलों के भी तमाम कार्यकर्ताओं ने पार्टी में आस्था जताई। सांसद ने अलग-अलग क्षेत्रों में मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि केंद्र सरकार को दो मिनट भी सत्ता में बने रहने का हक नहीं है। जिस सरकार को यदि यह न पता चल सके कि देश में कोयले का संकट खड़ा हो रहा है, तो फिर ऐसे में उसे सत्ता में बने रहने का अधिकार ही क्यों है। हमला करते हुए सांसद ने कहा कि सच तो यह है कि कोयले का संकट प्रायोजित किया गया है।
मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अडानी जैसे मित्र से कोयला खरीदने के लिए यह सब कुछ किया। पूरे हिंदुस्तान के अलग अलग क्षेत्रों में कोल इंडिया है। जानबूझकर अडानी से कोयला खरीदने के लिए जो कुछ किया गया, उसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। अरबपति मित्र तो लगातार मालामाल हो रहे हैं, लेकिन एक के बाद एक नई करतूतों से देश का आम आदमी बेहाल हो रहा है। मित्रों की मदद के लिए मोदी सरकार आम नागरिकों का हक मार रही है। प्रदेश प्रभारी ने सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के यूपी में सक्रिय होते ही बसपा व भाजपा की घबराहट बढ़ गई है।
विज्ञापन
राज्यसभा सदस्य ने कहा कि प्रदेश में मारो और मुआवजा दो वाली सरकार चल रही है। जनता को मुआवजा नही इंसाफ चाहिए। किसानों को जिस तरह कुचला व परेशान किया जा रहा है, वह अत्यंत जघन्य है। लखीमपुर कांड का जिक्र करते हए सांसद ने कहा कि जब तक केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अपने पद पर रहेंगे, तब तक पीड़ितों को न्याय मिलने वाला नही है। महंगाई का जिक्र करते हए कहा कि केंद्र व प्रदेश दोनों सरकारों को आम नागरिकों से कोई सरोकार नहीं है। महंगाई पर अंकुश लगाने की बजाय खुद को धन्यवाद देने की खुशफहमी पर जोर ज्यादा है।
विज्ञापन
जिले में आम आदमी पार्टी को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से सोमवार को पहुंचे प्रदेश प्रभारी व सांसद संजय सिंह का जगह-जगह स्वागत किया गया। इसमें न सिर्फ बड़ी तादाद में आप पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए, वरन दूसरे दलों के भी तमाम कार्यकर्ताओं ने पार्टी में आस्था जताई। सांसद ने अलग-अलग क्षेत्रों में मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि केंद्र सरकार को दो मिनट भी सत्ता में बने रहने का हक नहीं है। जिस सरकार को यदि यह न पता चल सके कि देश में कोयले का संकट खड़ा हो रहा है, तो फिर ऐसे में उसे सत्ता में बने रहने का अधिकार ही क्यों है। हमला करते हुए सांसद ने कहा कि सच तो यह है कि कोयले का संकट प्रायोजित किया गया है।
विज्ञापन
मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अडानी जैसे मित्र से कोयला खरीदने के लिए यह सब कुछ किया। पूरे हिंदुस्तान के अलग अलग क्षेत्रों में कोल इंडिया है। जानबूझकर अडानी से कोयला खरीदने के लिए जो कुछ किया गया, उसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। अरबपति मित्र तो लगातार मालामाल हो रहे हैं, लेकिन एक के बाद एक नई करतूतों से देश का आम आदमी बेहाल हो रहा है। मित्रों की मदद के लिए मोदी सरकार आम नागरिकों का हक मार रही है। प्रदेश प्रभारी ने सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के यूपी में सक्रिय होते ही बसपा व भाजपा की घबराहट बढ़ गई है।
विज्ञापन
राज्यसभा सदस्य ने कहा कि प्रदेश में मारो और मुआवजा दो वाली सरकार चल रही है। जनता को मुआवजा नही इंसाफ चाहिए। किसानों को जिस तरह कुचला व परेशान किया जा रहा है, वह अत्यंत जघन्य है। लखीमपुर कांड का जिक्र करते हए सांसद ने कहा कि जब तक केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अपने पद पर रहेंगे, तब तक पीड़ितों को न्याय मिलने वाला नही है। महंगाई का जिक्र करते हए कहा कि केंद्र व प्रदेश दोनों सरकारों को आम नागरिकों से कोई सरोकार नहीं है। महंगाई पर अंकुश लगाने की बजाय खुद को धन्यवाद देने की खुशफहमी पर जोर ज्यादा है।