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नहाय-खाय परंपरा के साथ जिले में शुरू हुआ डाला छठ पर्व
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फोटो 16, अंबेडकरनगर के शहजादपुर में छठ पर्व के मद्देनजर कपड़ों की खरीददारी करतीं महिलाएं।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। नहाए खाए परंपरा के साथ ही जिले में डाला छठ पर्व की शुरुआत हुई। इसे लेकर महिलाओं में व्यापक उत्साह का माहौल दिखा। इससे पहले पर्व के उल्लास में किसी भी प्रकार की कमी न रह जाए, इसके लिए बाजारों में पहुंचकर जमकर खरीदारी की गई। कपड़े, फल, आभूषण समेत श्रृंगार की दुकानों पर लगभग पूरे दिन खरीदारों की भीड़ लगी रही। उधर, पर्व के मद्देनजर घाटों पर भी जरूरी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सफाई के साथ ही प्रकाश की समुचित व्यवस्थाएं प्रारंभ कर दी गई हैं।
डाला छठ पर्व मनाने का चलन बीते कुछ वर्षों से जिले में तेजी से बढ़ा है। शहरी क्षेत्रों से निकलकर ग्रामीण क्षेत्रों में पर्व उल्लास के साथ मनाया जाने लगा है। चार दिवसीय पर्व को लेकर जिले में बुधवार को चहुंओर उल्लास का माहौल दिखा। बुधवार को नहाय खाय व्रत के साथ ही पर्व का शुभारंभ हुआ। व्रत रखने वाली महिलाएं लौकी की सब्जी व चावल खाती हैं। इसके बाद गुरुवार को खरना के दिन महिलाएं खीर व रोटी खाकर पूजन अर्चन की शुरुआत करेंगी। शुक्रवार को दिन में दिनभर चले पूजन-अर्चन के दौर के बाद शनिवार को छठ मातारानी की पूजा अर्चना होगी। साथ ही शाम में नदी व पवित्र तालाब के किनारे जाकर सूर्य को नमन करते हुए अर्घ्य देंगी। इसके बाद रविवार को सूर्योदय होते ही एक बार फिर से महिलाएं नदी व तालाब के किनारे पहुंचकर नमन के साथ अर्घ्य देंगी। इसके बाद निर्जल व्रत का पारण करेंगी।
इससे पहले पर्व के उल्लास में किसी भी प्रकार की कमी न रह जाए, इसके लिए जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बाजारें बुधवार को पूरे दिन खरीदारों से गुलजार रहीं। पर्व से संबंधित सामग्रियों की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर खरीदारी की। कपड़े, फल, साज-श्रृंगार के साथ ही आभूषणों की जमकर खरीदारी हुई। शहजादपुर में कपड़ों की खरीदारी करती मिलीं सरोजा व ममता ने कहा कि उन्होंने सिल्क की साड़ी की खरीदारी की है। इसके अलावा सोने के हल्के व आकर्षक डिजाइन वाले आभूषण भी लिए। कहा कि वह परंपरागत ढंग से पर्व मनाती चली आ रही हैं। इस बार भी उल्लासपूर्वक मनाएंगी। साक्षी व शशिबाला ने कहा कि उन्होंने साड़ी के साथ ही श्रृंगार के सामान की खरीदारी की। व्रत के चलते फल की भी खरीदारी की।
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डाला छठ पर्व मनाने का चलन बीते कुछ वर्षों से जिले में तेजी से बढ़ा है। शहरी क्षेत्रों से निकलकर ग्रामीण क्षेत्रों में पर्व उल्लास के साथ मनाया जाने लगा है। चार दिवसीय पर्व को लेकर जिले में बुधवार को चहुंओर उल्लास का माहौल दिखा। बुधवार को नहाय खाय व्रत के साथ ही पर्व का शुभारंभ हुआ। व्रत रखने वाली महिलाएं लौकी की सब्जी व चावल खाती हैं। इसके बाद गुरुवार को खरना के दिन महिलाएं खीर व रोटी खाकर पूजन अर्चन की शुरुआत करेंगी। शुक्रवार को दिन में दिनभर चले पूजन-अर्चन के दौर के बाद शनिवार को छठ मातारानी की पूजा अर्चना होगी। साथ ही शाम में नदी व पवित्र तालाब के किनारे जाकर सूर्य को नमन करते हुए अर्घ्य देंगी। इसके बाद रविवार को सूर्योदय होते ही एक बार फिर से महिलाएं नदी व तालाब के किनारे पहुंचकर नमन के साथ अर्घ्य देंगी। इसके बाद निर्जल व्रत का पारण करेंगी।
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इससे पहले पर्व के उल्लास में किसी भी प्रकार की कमी न रह जाए, इसके लिए जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बाजारें बुधवार को पूरे दिन खरीदारों से गुलजार रहीं। पर्व से संबंधित सामग्रियों की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर खरीदारी की। कपड़े, फल, साज-श्रृंगार के साथ ही आभूषणों की जमकर खरीदारी हुई। शहजादपुर में कपड़ों की खरीदारी करती मिलीं सरोजा व ममता ने कहा कि उन्होंने सिल्क की साड़ी की खरीदारी की है। इसके अलावा सोने के हल्के व आकर्षक डिजाइन वाले आभूषण भी लिए। कहा कि वह परंपरागत ढंग से पर्व मनाती चली आ रही हैं। इस बार भी उल्लासपूर्वक मनाएंगी। साक्षी व शशिबाला ने कहा कि उन्होंने साड़ी के साथ ही श्रृंगार के सामान की खरीदारी की। व्रत के चलते फल की भी खरीदारी की।
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