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कैश न होने पर उपभोक्ताओं ने बैंक में जड़ा ताला
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Fri, 02 Dec 2016 11:24 PM IST
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बैंक के बाहर लगी भीड़।
- फोटो : symbolic
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कैश संकट को लेकर जिले में उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब देने लगा है। पांच दिन से नरियांव स्थित काशी गोमती क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में कैश न होने से नाराज उपभोक्ताओं ने शुक्रवार को बैंक का ताला ही नहीं खुलने दिया। उपभोक्ताओं ने उसमें अपना भी ताला लगा दिया। इसके बाद घंटों बैंक के सामने हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने समझा-बुझाकर उनका आक्रोश शांत किया।
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उधर, भारतीय स्टेट बैंक की जिला मुख्यालय स्थित कृषि शाखा में पूरे दिन कैश न होने से उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा। कई अन्य बैंकों में भी पूरे दिन कैश संकट को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी का माहौल देखने को मिला। नोटबंदी को तीन सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों में उपभोक्ताओं के लिए मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
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लगातार कैश संकट बना हुआ है। कई शाखाएं तो ऐसी हैं जहां कई-कई दिन भुगतान नहीं हो पा रहा है। जहांगीरगंज प्रतिनिधि के अनुसार नरियांव स्थित काशी गोमती क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में शुक्रवार सुबह उपभोक्ताओं का धैर्य उस समय जवाब दे गया, जब उन्हें पता चला कि आज भी कैश नहीं पहुंच पाया है। यहां पिछले पांच कार्य दिवस से कैश की उपलब्धता नहीं हो पाई थी।
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छठवें दिन भी भुगतान न होते देख उपभोक्ताओं ने बैंक का ताला ही नहीं खुलने दिया। नाराज उपभोक्ताओं ने अपना भी ताला कुछ देर बाद उसमें जड़ दिया। इसके बाद वे सब बैंक प्रबंधन की लापरवाही को लेकर नाराजगी प्रकट करने लगे। नाराज उपभोक्ताओं ने कहा कि नोटबंदी का निर्णय लागू करने से पहले आवश्यक तैयारियां आखिर क्यों नहीं की गईं।
महिला उपभोक्ताओं ने इस दौरान अपने आक्रोश का खुलकर इजहार किया। कहा कि कई जरूरी काम छोड़कर उन्हें लाइन में लगने को विवश होना पड़ रहा है लेकिन इसके बाद भी पूरा भुगतान नहीं मिल पा रहा है। दो घंटे से अधिक चले हंगामे के बाद जहांगीरगंज थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीणों ने ताला खुलने दिया।
शाखा प्रबंधक विश्वजीत प्रजापति ने बताया कि कैश की उपलब्धता के प्रयास चल रहे हैं। उपभोक्ताओं ने ताला ही नहीं खुलने दिया। उधर, जिला मुख्यालय स्थित स्टेट बैंक की कृषि शाखा में भी कैश नहीं पहुंच सका। इससे धन-निकासी के लिए पहुंचे उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटने को मजबूर होना पड़ा। उपभोक्ता हरखू व सुमिरन ने कहा कि यह शाखा आमतौर पर किसान हितों के लिए है।
इसके बाद भी इस शाखा में कैश उपलब्ध न होना चिंताजनक व दुर्भाग्यपूर्ण है। उधर जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के अन्य बैंकों में कैश की कमी का संकट पूरे दिन बना रहा। ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर बैंकों से एक से दो हजार रुपये ही निकल सके। जिला मुख्यालय स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया, एक्सिस बैंक व एचडीएफसी बैंक से ही औसतन 15 हजार रुपये तक की निकासी हो सकी।
आवश्यकतानुसार धनराशि न मिलने से उपभोक्ताओं में आक्रोश का माहौल भी दिखा। एलडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि कैश का संकट जरूर है लेकिन स्थिति में सुधार के प्रयास चल रहे हैं और इसमें सुधार आ भी रहा है। एटीएम भी अब पहले से ज्यादा काम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में स्थिति और ज्यादा सुधरेगी।