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ओवरफ्लो होकर सड़क पर बह रहा नहर का पानी
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अंबेडकरनगर। सिंचाई विभाग की लापरवाही ने किसानों व ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। पखवाड़े भर के अंदर आलापुर व टांडा तहसील में करीब आधा दर्जन जगहों पर हुई कटान व उफान के चलते लगभग आठ सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई। इसके अलावा सड़कों पर पानी पहुंच जाने से आवागमन पर प्रतिकूल असर पड़ा। अब सोमवार को आलापुर के अछती में माइनर के उफना जाने से सड़कों पर पानी बहने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी बंद न हुआ तो यह खेतों तक पहुंच जाएगा।
पिछले कुछ समय तक बारिश न होने तथा नहरों में पानी न आने से किसान जहां परेशान थे, वहीं अब माइनरों में पानी अधिक आ जाने तथा जगह-जगह कटान हो जाने की स्थिति ने दिक्कतें खड़ी कर दी हैं। कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बताया गया लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। हालत यह है कि करीब 15 दिनों में ही आधा दर्जन स्थानों पर नहरों के उफान पर होने के साथ-साथ कटान की घटनाएं भी हो चुकी हैं। इससे किसानों व ग्रामीणों को अचानक से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
आलापुर तहसील क्षेत्र में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। बीते दिनों मजगवां के निकट माइनर की कटान से फसल जलमग्न हो गई थी। इसके बाद बरई का पूरा के निकट माइनर में हुई कटान ने रविवार को ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अवकाश होने के चलते अधिकारियों व कर्मचारियों का फोन भी रिसीव नहीं हो रहा था। जबकि पानी लगातार खेतों व गांव की तरफ बढ़ रहा था। समय रहते जरूरी इंतजाम न होने के चलते गांव तक पानी पहुंच गया। सड़क भी पानी से लबालब भर गई। देर रात इस पर काबू पाया जा सका।
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सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने बाद में कटान वाले क्षेत्र को दुरुस्त किया। इसके बाद अब सोमवार को अछती के निकट माइनर ओवरफ्लो हो गई। नतीजतन माइनर का पानी पुलिया से होकर सड़कों पर बहने लगा। कुछ देर बाद पानी खेतों की तरफ बढ़ने लगा। ग्रामीणों ने एक बार फिर से अधिकारियों को घटनाक्रम से अवगत कराया। शाम तक पानी को रोका जा सका।
इस बीच सबसे ज्यादा मुश्किल सड़क पर पानी भर जाने से महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों को हुई। टांडा तहसील क्षेत्र के मखदूम सराय के निकट भी कई बार नहर से पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों व खेतों तक पहुंच चुका है। लगभग आठ सौ बीघा क्षेत्रफल में लगी धान व गन्ना की फसल जलमग्न हो गई।
अछती निवासी पंकज ने कहा कि बार-बार माइनर में कटान हो जाने या फिर ओवरफ्लो हो जाने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। इस तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई तय करने की जरूरत है। आलापुर के कुंदन त्रिपाठी कहते हैं कि पिछले वर्ष भी तहसील क्षेत्र में कई जगह कटान हुई थी। इस बार भी यही स्थिति है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सिंचाई विभाग के लापरवाह कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
कहीं भी कटान हो जाने या फिर ओवरफ्लो की स्थिति में तत्काल उसका संज्ञान लिया जाता है। आगे इस तरह की स्थिति न उत्पन्न हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। किसानों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
-शिवप्रसाद सिंह, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई
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पिछले कुछ समय तक बारिश न होने तथा नहरों में पानी न आने से किसान जहां परेशान थे, वहीं अब माइनरों में पानी अधिक आ जाने तथा जगह-जगह कटान हो जाने की स्थिति ने दिक्कतें खड़ी कर दी हैं। कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बताया गया लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। हालत यह है कि करीब 15 दिनों में ही आधा दर्जन स्थानों पर नहरों के उफान पर होने के साथ-साथ कटान की घटनाएं भी हो चुकी हैं। इससे किसानों व ग्रामीणों को अचानक से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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आलापुर तहसील क्षेत्र में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। बीते दिनों मजगवां के निकट माइनर की कटान से फसल जलमग्न हो गई थी। इसके बाद बरई का पूरा के निकट माइनर में हुई कटान ने रविवार को ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अवकाश होने के चलते अधिकारियों व कर्मचारियों का फोन भी रिसीव नहीं हो रहा था। जबकि पानी लगातार खेतों व गांव की तरफ बढ़ रहा था। समय रहते जरूरी इंतजाम न होने के चलते गांव तक पानी पहुंच गया। सड़क भी पानी से लबालब भर गई। देर रात इस पर काबू पाया जा सका।
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सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने बाद में कटान वाले क्षेत्र को दुरुस्त किया। इसके बाद अब सोमवार को अछती के निकट माइनर ओवरफ्लो हो गई। नतीजतन माइनर का पानी पुलिया से होकर सड़कों पर बहने लगा। कुछ देर बाद पानी खेतों की तरफ बढ़ने लगा। ग्रामीणों ने एक बार फिर से अधिकारियों को घटनाक्रम से अवगत कराया। शाम तक पानी को रोका जा सका।
इस बीच सबसे ज्यादा मुश्किल सड़क पर पानी भर जाने से महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों को हुई। टांडा तहसील क्षेत्र के मखदूम सराय के निकट भी कई बार नहर से पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों व खेतों तक पहुंच चुका है। लगभग आठ सौ बीघा क्षेत्रफल में लगी धान व गन्ना की फसल जलमग्न हो गई।
अछती निवासी पंकज ने कहा कि बार-बार माइनर में कटान हो जाने या फिर ओवरफ्लो हो जाने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। इस तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई तय करने की जरूरत है। आलापुर के कुंदन त्रिपाठी कहते हैं कि पिछले वर्ष भी तहसील क्षेत्र में कई जगह कटान हुई थी। इस बार भी यही स्थिति है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सिंचाई विभाग के लापरवाह कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
कहीं भी कटान हो जाने या फिर ओवरफ्लो की स्थिति में तत्काल उसका संज्ञान लिया जाता है। आगे इस तरह की स्थिति न उत्पन्न हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। किसानों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
-शिवप्रसाद सिंह, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई