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ढाई अरब की लागत से अकबरपुर में बनेगा बाईपास
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अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय को बाईपास निर्माण की बहु प्रतीक्षित मंजूरी अंतत: मिल गई है। शासन के वित्त विभाग ने सोमवार को इसके लिए अपनी विधिवत मंजूरी दे दी। 254 करोड़ की लागत से अकबरपुर में लगभग सवा बारह किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण कराया जाएगा। इसका व्यापक लाभ अंबेडकरनगर जनपद के नागरिकों समेत दूरदराज के जनपदों के यात्रियों को भी मिलेगा।
जिला मुख्यालय पर लंबे समय से रिंग रोड या फिर अयोध्या मार्ग से होकर टांडा मार्ग तक बाईपास निर्माण की मांग चली आ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि अकबरपुर नगर में यातायात का दबाव लगातार बढ़ने के साथ ही जाम की समस्या विकराल होती जा रही है। बीते दिनों अयोध्या से लेकर जिला मुख्यालय होते हुए बसखारी तक मार्ग के फोरलेन निर्माण को शासन ने मंजूरी दी थी। इसके लिए कार्यदायी संस्था भी तय कर दी गई।
इसके कुछ दिनों बाद ही टांडा विधायक संजू देवी के प्रयासों से बसखारी बाजार में बाईपास निर्माण की मंजूरी शासन ने दी दी। हालांकि तब जिला मुख्यालय पर जाम की समस्या की अनदेखी हो गई थी। बसखारी में बाईपास निर्माण को मंजूरी से लाभ यह हुआ था कि बसखारी बाजार के बाहर तक अयोध्या से आने वाली सड़क का चौड़ीकरण हो जाने के बाद इस सड़क से निकलने वाला बाईपास बसखारी बाजार के बाहर जाकर टांडा से बसखारी होते हुए आजमगढ़ जाने वाले नेशनल हाईवे में मिलना तय हो गया। इसका नागरिकों ने खुलकर स्वागत किया। क्योंकि ज्यादातर बड़े वाहन बसखारी बाजार में प्रवेश करने की बजाय आने वाले दिनों में बनने वाले बाईपास से होकर ही गुजर जाया करेंगे।
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बसखारी में बाईपास निर्माण की मंजूरी के बाद जिला मुख्यालय पर बाईपास निर्माण को मंजूरी देने के लिए तमाम स्तरों पर आवाज उठने लगीं। लोक निर्माण विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने भी इसमें रुचि दिखाई। नतीजा यह हुआ कि बाईपास निर्माण की पत्रावली तेजी से आगे बढ़ गई। पिछले तीन-चार माह में कई बार उच्चस्तरीय बैठकों का दौर चला। चरणबद्ध ढंग से प्रगति होती रही। अंतत: सोमवार को शासन के वित्त विभाग ने जिला मुख्यालय पर बाईपास निर्माण को वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी।
अन्नावां के पास से होगा निर्माण
2 अरब 54 करोड़ की लागत से बाईपास का निर्माण अकबरपुर शहर के बाहर से होगा। लोक निर्माण विभाग के अभियंता अजीत यादव ने बताया कि बाईपास की कुल दूरी बारह किलोमीटर 300 मीटर निर्धारित की गई है। अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर स्थित ग्लोबल विज्डम स्कूल के बगल से बाईपास निर्माण की शुरूआत होगी। इसके बाद गौहनिया होते हुए बाईपास अकबरपुर इल्तिफातगंज मार्ग पर सर्वोदय बालिका इंटर कॉलेज के निकट जाकर मिलेगा। इसके बाद यह बाईपास अकबरपुर टांडा मुख्य मार्ग पर कटरिया याकूबपुर बाग के निकट मिलेगा। यहां पर नेशनल हाईवे 232 से होता हुआ अकबरपुर बसखारी मार्ग पर हाशिमपुर स्थित टाटा मोटर्स के पास जाकर मिल जाएगा। इस तरह यह बाईपास मार्ग जिले के चार प्रमुख मार्गों अकबरपुर अयोध्या, अकबरपुर इल्तिफातगंज, अकबरपुर टांडा व अकबरपुर बसखारी मार्ग को सीधे तौर पर आपस में जोड़ेगा।
लोगों को जाम से मिलेगी निजात
जिला मुख्यालय पर बाईपास निर्माण को वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद आगामी दिनों में इसके निर्माण से जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है। यूं तो लगभग पांच वर्ष पहले जिला मुख्यालय आए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर जिला मुख्यालय पर रिंग रोड निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिल पाई। बाद में टांडा से होकर सुल्तानपुर होते हुए रायबरेली तक जिस नेशनल हाईवे का निर्माण पूरा हुुआ। उसने जिला मुख्यालय को आने वाले ज्यादातर मार्गों को अपनी परिधि में शामिल कर लिया। सिर्फ अकबरपुर अयोध्या मार्ग से टांडा मार्ग तथा अकबरपुर अयोध्या मार्ग से अकबरपुर महरुआ मार्ग का जुड़ना शेष रह गया था। अब अकबरपुर से टांडा मार्ग को जोड़ने के लिए बाईपास निर्माण को हरी झंडी मिल जाने से आने वाले दिनों में जाम के संकट से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। गौरतलब है कि अकबरपुर अयोध्या मार्ग से महरुआ मार्ग को जोड़ने के लिए अन्नावां बाजार से पहितीपुर तक जाने वाले मार्ग के टू लेन निर्माण को बीते दिनों ही मंजूरी दी गई है।
मिल गई वित्तीय स्वीकृति
शासन स्तर पर लगातार जिला मुख्यालय पर बाईपास निर्माण को लेकर सकारात्मक माहौल था। उसी के चलते प्राथमिकता के साथ अब 2 अरब 54 करोड़ की लागत से बाईपास निर्माण को वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। इसका व्यापक लाभ न सिर्फ अंबेडकरनगर जनपद वरन आजमगढ़, मऊ, अयोध्या आदि जनपदों के यात्रियों को भी मिलेगा।
- शंकर्षणलाल, अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी
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जिला मुख्यालय पर लंबे समय से रिंग रोड या फिर अयोध्या मार्ग से होकर टांडा मार्ग तक बाईपास निर्माण की मांग चली आ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि अकबरपुर नगर में यातायात का दबाव लगातार बढ़ने के साथ ही जाम की समस्या विकराल होती जा रही है। बीते दिनों अयोध्या से लेकर जिला मुख्यालय होते हुए बसखारी तक मार्ग के फोरलेन निर्माण को शासन ने मंजूरी दी थी। इसके लिए कार्यदायी संस्था भी तय कर दी गई।
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इसके कुछ दिनों बाद ही टांडा विधायक संजू देवी के प्रयासों से बसखारी बाजार में बाईपास निर्माण की मंजूरी शासन ने दी दी। हालांकि तब जिला मुख्यालय पर जाम की समस्या की अनदेखी हो गई थी। बसखारी में बाईपास निर्माण को मंजूरी से लाभ यह हुआ था कि बसखारी बाजार के बाहर तक अयोध्या से आने वाली सड़क का चौड़ीकरण हो जाने के बाद इस सड़क से निकलने वाला बाईपास बसखारी बाजार के बाहर जाकर टांडा से बसखारी होते हुए आजमगढ़ जाने वाले नेशनल हाईवे में मिलना तय हो गया। इसका नागरिकों ने खुलकर स्वागत किया। क्योंकि ज्यादातर बड़े वाहन बसखारी बाजार में प्रवेश करने की बजाय आने वाले दिनों में बनने वाले बाईपास से होकर ही गुजर जाया करेंगे।
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बसखारी में बाईपास निर्माण की मंजूरी के बाद जिला मुख्यालय पर बाईपास निर्माण को मंजूरी देने के लिए तमाम स्तरों पर आवाज उठने लगीं। लोक निर्माण विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने भी इसमें रुचि दिखाई। नतीजा यह हुआ कि बाईपास निर्माण की पत्रावली तेजी से आगे बढ़ गई। पिछले तीन-चार माह में कई बार उच्चस्तरीय बैठकों का दौर चला। चरणबद्ध ढंग से प्रगति होती रही। अंतत: सोमवार को शासन के वित्त विभाग ने जिला मुख्यालय पर बाईपास निर्माण को वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी।
अन्नावां के पास से होगा निर्माण
2 अरब 54 करोड़ की लागत से बाईपास का निर्माण अकबरपुर शहर के बाहर से होगा। लोक निर्माण विभाग के अभियंता अजीत यादव ने बताया कि बाईपास की कुल दूरी बारह किलोमीटर 300 मीटर निर्धारित की गई है। अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर स्थित ग्लोबल विज्डम स्कूल के बगल से बाईपास निर्माण की शुरूआत होगी। इसके बाद गौहनिया होते हुए बाईपास अकबरपुर इल्तिफातगंज मार्ग पर सर्वोदय बालिका इंटर कॉलेज के निकट जाकर मिलेगा। इसके बाद यह बाईपास अकबरपुर टांडा मुख्य मार्ग पर कटरिया याकूबपुर बाग के निकट मिलेगा। यहां पर नेशनल हाईवे 232 से होता हुआ अकबरपुर बसखारी मार्ग पर हाशिमपुर स्थित टाटा मोटर्स के पास जाकर मिल जाएगा। इस तरह यह बाईपास मार्ग जिले के चार प्रमुख मार्गों अकबरपुर अयोध्या, अकबरपुर इल्तिफातगंज, अकबरपुर टांडा व अकबरपुर बसखारी मार्ग को सीधे तौर पर आपस में जोड़ेगा।
लोगों को जाम से मिलेगी निजात
जिला मुख्यालय पर बाईपास निर्माण को वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद आगामी दिनों में इसके निर्माण से जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है। यूं तो लगभग पांच वर्ष पहले जिला मुख्यालय आए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर जिला मुख्यालय पर रिंग रोड निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिल पाई। बाद में टांडा से होकर सुल्तानपुर होते हुए रायबरेली तक जिस नेशनल हाईवे का निर्माण पूरा हुुआ। उसने जिला मुख्यालय को आने वाले ज्यादातर मार्गों को अपनी परिधि में शामिल कर लिया। सिर्फ अकबरपुर अयोध्या मार्ग से टांडा मार्ग तथा अकबरपुर अयोध्या मार्ग से अकबरपुर महरुआ मार्ग का जुड़ना शेष रह गया था। अब अकबरपुर से टांडा मार्ग को जोड़ने के लिए बाईपास निर्माण को हरी झंडी मिल जाने से आने वाले दिनों में जाम के संकट से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। गौरतलब है कि अकबरपुर अयोध्या मार्ग से महरुआ मार्ग को जोड़ने के लिए अन्नावां बाजार से पहितीपुर तक जाने वाले मार्ग के टू लेन निर्माण को बीते दिनों ही मंजूरी दी गई है।
मिल गई वित्तीय स्वीकृति
शासन स्तर पर लगातार जिला मुख्यालय पर बाईपास निर्माण को लेकर सकारात्मक माहौल था। उसी के चलते प्राथमिकता के साथ अब 2 अरब 54 करोड़ की लागत से बाईपास निर्माण को वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। इसका व्यापक लाभ न सिर्फ अंबेडकरनगर जनपद वरन आजमगढ़, मऊ, अयोध्या आदि जनपदों के यात्रियों को भी मिलेगा।
- शंकर्षणलाल, अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी