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नौकरी छोड़ पर्यावरण के लिए काम कर रहे सगे भाई
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अंबेडकरनगर के आलापुर के यह दोनों भाई प्लास्टिक मुक्त समाज के लिए कर रहे काम।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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आलापुर (अंबेडकरनगर)। पर्यावरण संरक्षण के साथ ही दो सगे भाई आसानी से रोजगार मुहैया कराने का काम कर रहे हैं। ईको फ्रेंडली उत्पाद बनाने के काम में जुटे अतुल त्रिपाठी व अंकित त्रिपाठी का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सबसे ज्यादा प्रयास युवाओं को करने की जरूरत है।
इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद निजी कंपनी की नौकरी छोड़कर युवा भाइयों ने प्लास्टिक मुक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने के लिए कंपनी बनाई है। इनके योगदान को देखते हुये ही वाहन निर्माण की प्रतिष्ठित कंपनी ऑडी ने लंदन में आयोजित होने वाली यंग वर्ल्ड समिट में भारत से सिर्फ अंकित त्रिपाठी को आमंत्रित किया है। इसमें विश्व से कुल 15 युवा शामिल हो रहे हैं।
बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के बीच एक तरफ जब पौधे लगाने की मुहिम ने गति पकड़ रखी है तो इन सब के बीच आलापुर तहसील क्षेत्र के बाभनपुर निवासी सत्येंद्र त्रिपाठी के पुत्रों ने अलग राह निकाली है। पर्यावरण को बचाने की मुहिम के तहत युवा भाइयों अतुल त्रिपाठी व अंकित त्रिपाठी ने समाज को प्लास्टिक मुक्त करने का संकल्प लिया है।
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इनका कहना है कि पर्यावरण को लेकर देश पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। इससे सभी को चेतने की जरूरत है। पर्यावरण प्रदूषण का कुप्रभाव प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई पड़ रहा है। कभी इंजीनियर बनकर नौकरी करने का सपना संजोने वाले इन युवाओं ने डिग्री हासिल करने के बाद अलग-अलग निजी कंपनी में नौकरी भी की। हालांकि पर्यावरण के प्रति इनका जुनून कुछ इस तरह था कि नौकरी रास नहीं आई।
नौकरी छोड़कर दोनों भाइयों ने यूनिको नाम से एक अपनी कंपनी बना डाली। इसके जरिए इन युवाओं ने इको फ्रेंडली प्रोडक्ट तैयार कराने का काम शुरू किया। अतुल कहते हैं कि हमने छोटे से प्रयास से अपनी मुहिम को आगे बढ़ाना शुरू किया। अब इन्होंने नई दिल्ली व ग्रेटर नोएडा में अलग-अलग फैक्टरी स्थापित कर दी है जिसमें 50 तरह के इको फ्रेंडली प्रोडक्ट तैैयार होते हैं। इन उत्पाद को तैयार करने में ज्यादातर आम लोगों को मौका दिया जा रहा है। ऐसा इसलिए ताकि एक तो उन्हें आसानी से रोजगार मिल सके, दूसरे यह कि वे इस तरह के उत्पादों को लेकर जागरूक हो सकें।
लंदन जाकर दिखाएंगे हुनर
दोनों सगे भाइयों के काम इतने ज्यादा प्रभावी हैं कि वाहन निर्माण की प्रतिष्ठित कंपनी ऑडी की सहयोगी संस्था ऑडी इनवायरमेंट फाउंडेशन द्वारा लंदन में आयोजित होने वाले यंग वर्ल्ड समिट में शामिल होने के लिए भारत से सिर्फ अंकित त्रिपाठी को आमंत्रित किया गया है। पूरे विश्व से सिर्फ 15 व्यक्ति आमंत्रित हुये हैं। सितंबर में आयोजित होने वाले इस समिट में भारत की तरफ से जाने वाले अंकित लंदन में अपने हुनर से सभी को अवगत करायेंगे।
बना रहे 50 इको फ्रैंडली उत्पाद
युवा भाइयों ने इको फ्रैंडली प्रोडक्ट तैयार करने में खास ध्यान दिया है। दोनों इको फ्रैंडली टूथ-ब्रश, बुके व हैंड बैग समेत 50 तरह के उत्पाद तैयार करते हैं। इन उत्पादों की खासियत यह है कि ये किसी भी तरह से पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। लंदन में इन्हीं उत्पादों की धमक सुनाई देगी। अंकित कहते हैं कि प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने के लिए ऐसेे ही प्रयास सभी को करने होंगे तभी बेहतर समाज की स्थापना हो पाएगी।
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इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद निजी कंपनी की नौकरी छोड़कर युवा भाइयों ने प्लास्टिक मुक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने के लिए कंपनी बनाई है। इनके योगदान को देखते हुये ही वाहन निर्माण की प्रतिष्ठित कंपनी ऑडी ने लंदन में आयोजित होने वाली यंग वर्ल्ड समिट में भारत से सिर्फ अंकित त्रिपाठी को आमंत्रित किया है। इसमें विश्व से कुल 15 युवा शामिल हो रहे हैं।
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बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के बीच एक तरफ जब पौधे लगाने की मुहिम ने गति पकड़ रखी है तो इन सब के बीच आलापुर तहसील क्षेत्र के बाभनपुर निवासी सत्येंद्र त्रिपाठी के पुत्रों ने अलग राह निकाली है। पर्यावरण को बचाने की मुहिम के तहत युवा भाइयों अतुल त्रिपाठी व अंकित त्रिपाठी ने समाज को प्लास्टिक मुक्त करने का संकल्प लिया है।
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इनका कहना है कि पर्यावरण को लेकर देश पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। इससे सभी को चेतने की जरूरत है। पर्यावरण प्रदूषण का कुप्रभाव प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई पड़ रहा है। कभी इंजीनियर बनकर नौकरी करने का सपना संजोने वाले इन युवाओं ने डिग्री हासिल करने के बाद अलग-अलग निजी कंपनी में नौकरी भी की। हालांकि पर्यावरण के प्रति इनका जुनून कुछ इस तरह था कि नौकरी रास नहीं आई।
नौकरी छोड़कर दोनों भाइयों ने यूनिको नाम से एक अपनी कंपनी बना डाली। इसके जरिए इन युवाओं ने इको फ्रेंडली प्रोडक्ट तैयार कराने का काम शुरू किया। अतुल कहते हैं कि हमने छोटे से प्रयास से अपनी मुहिम को आगे बढ़ाना शुरू किया। अब इन्होंने नई दिल्ली व ग्रेटर नोएडा में अलग-अलग फैक्टरी स्थापित कर दी है जिसमें 50 तरह के इको फ्रेंडली प्रोडक्ट तैैयार होते हैं। इन उत्पाद को तैयार करने में ज्यादातर आम लोगों को मौका दिया जा रहा है। ऐसा इसलिए ताकि एक तो उन्हें आसानी से रोजगार मिल सके, दूसरे यह कि वे इस तरह के उत्पादों को लेकर जागरूक हो सकें।
लंदन जाकर दिखाएंगे हुनर
दोनों सगे भाइयों के काम इतने ज्यादा प्रभावी हैं कि वाहन निर्माण की प्रतिष्ठित कंपनी ऑडी की सहयोगी संस्था ऑडी इनवायरमेंट फाउंडेशन द्वारा लंदन में आयोजित होने वाले यंग वर्ल्ड समिट में शामिल होने के लिए भारत से सिर्फ अंकित त्रिपाठी को आमंत्रित किया गया है। पूरे विश्व से सिर्फ 15 व्यक्ति आमंत्रित हुये हैं। सितंबर में आयोजित होने वाले इस समिट में भारत की तरफ से जाने वाले अंकित लंदन में अपने हुनर से सभी को अवगत करायेंगे।
बना रहे 50 इको फ्रैंडली उत्पाद
युवा भाइयों ने इको फ्रैंडली प्रोडक्ट तैयार करने में खास ध्यान दिया है। दोनों इको फ्रैंडली टूथ-ब्रश, बुके व हैंड बैग समेत 50 तरह के उत्पाद तैयार करते हैं। इन उत्पादों की खासियत यह है कि ये किसी भी तरह से पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। लंदन में इन्हीं उत्पादों की धमक सुनाई देगी। अंकित कहते हैं कि प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने के लिए ऐसेे ही प्रयास सभी को करने होंगे तभी बेहतर समाज की स्थापना हो पाएगी।