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Ambedkar Nagar News: गड्ढों में तब्दील हुआ बेला परसा-टांडा मार्ग
Mon, 05 Oct 2026 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 05 Oct 2026 11:07 PM IST
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बसखारी क्षेत्र में गड्ढों में तब्दील बेला परसा-टांडा मार्ग।
बसखारी। बेला परसा से टांडा जाने वाला मार्ग जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो गया है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। वहीं, सड़क पर फैली गिटि्टयों और बालू से दोपहिया वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है।
मसड़ा बाजार से रामपुर कलां तक करीब छह किलोमीटर लंबा यह मार्ग ग्रामीणों को टांडा और बसखारी से जोड़ता है। लोक निर्माण विभाग ने करीब तीन वर्ष पहले सड़क की विशेष मरम्मत कराई थी। लगातार बारिश और भारी वाहनों की आवाजाही से कई स्थानों पर सड़क की सतह उखड़ गई और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क किनारे निर्माण सामग्री उतारने के दौरान गिट्टी और बालू मार्ग पर फैल जाती है। बारिश के बाद यही सामग्री सड़क पर फिसलन का कारण बनती है। पानी से भरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को सड़क की स्थिति का सही अंदाजा भी नहीं हो पाता।
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ग्रामीण सुरेश और मोहन ने बताया कि मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क किनारे निर्माण सामग्री फैलने पर निगरानी जरूरी है। उनका कहना है कि निर्माण सामग्री को सड़क पर फैलने से रोकने और भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने से मार्ग को जल्दी क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सकता है। लोगों ने सड़क का स्थलीय निरीक्षण कर मरम्मत कराने की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग ने गड्ढों में पैच लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। एई सुशील कुमार ने बताया कि भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क पर पानी रुकने से मार्ग जल्दी क्षतिग्रस्त होता है। गड्ढों में पैच लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही मरम्मत करा दी जाएगी।
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मसड़ा बाजार से रामपुर कलां तक करीब छह किलोमीटर लंबा यह मार्ग ग्रामीणों को टांडा और बसखारी से जोड़ता है। लोक निर्माण विभाग ने करीब तीन वर्ष पहले सड़क की विशेष मरम्मत कराई थी। लगातार बारिश और भारी वाहनों की आवाजाही से कई स्थानों पर सड़क की सतह उखड़ गई और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए।
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स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क किनारे निर्माण सामग्री उतारने के दौरान गिट्टी और बालू मार्ग पर फैल जाती है। बारिश के बाद यही सामग्री सड़क पर फिसलन का कारण बनती है। पानी से भरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को सड़क की स्थिति का सही अंदाजा भी नहीं हो पाता।
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ग्रामीण सुरेश और मोहन ने बताया कि मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क किनारे निर्माण सामग्री फैलने पर निगरानी जरूरी है। उनका कहना है कि निर्माण सामग्री को सड़क पर फैलने से रोकने और भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने से मार्ग को जल्दी क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सकता है। लोगों ने सड़क का स्थलीय निरीक्षण कर मरम्मत कराने की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग ने गड्ढों में पैच लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। एई सुशील कुमार ने बताया कि भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क पर पानी रुकने से मार्ग जल्दी क्षतिग्रस्त होता है। गड्ढों में पैच लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही मरम्मत करा दी जाएगी।