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Ambedkar Nagar News: मोबाइल में अनजान फोटो आए तो बरतें सावधानी
Mon, 05 Jan 2026 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 05 Jan 2026 11:07 PM IST
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अंबेडकरनगर। बढ़ते ऑनलाइन लेनदेन के बीच साइबर अपराधियों को साइबर अटैक करने का खुलकर मौका दे दिया है। लोगों की कम जानकारी का फायदा उठाते हुए साइबर अपराधी तरह-तरह की तरकीब इस्तेमाल कर रुपये उड़ा रहे हैं। जिले में डिजिटल ठगी का खतरनाक ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है। एक साल में 50 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। साइबर जालसाजों ने ठगी को नया तरीका शुरू किया है।
वे एक फोटो भेजकर उसकी पहचान करने के लिए कहते हैं। लोग जैसे ही फोटो पर क्लिक करते हैं। अनजाने में एक एपीके (एंड्रॉयड पैकेज किट) फाइल भी डाउनलोड हो जाती है। इसके बाद फोन हैक हो जाता है। साइबर विशेषज्ञ कांस्टेबल कौशलेंद्र बताते हैं कि जिले में अब तक 200 से अधिक लोग एपीके फाइल डाउनलोड होने से ठगी का शिकार हो चुके हैं। साइबर थाने में आने वाली शिकायतों में हर तीसरी शिकायत एपीके फाइल को लेकर आ रही है।
एपीके फाइल से 18 लाख की ठगी
कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रत्याशी अमित जायसवाल के फोन में गलती से एक एपीके फाइल डाउनलोड हो गई। इसकी भनक उनको नहीं लग सकी। कई बाद उनके खाते से 18 लाख रुपये निकल गए। इसकी जानकारी उनको तब हुई जब बैंक खाते से सारे रुपये निकल चुके थे।
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कपड़ा व्यवसायी भी हुए शिकार
टांडा के एक कपड़ा व्यवसायी के मोबाइल में दो मई को एक संदेश पढ़ने के दौरान एपीके फाइल डाउनलोड हो गई थी। जब तक उनको इसकी जानकारी हुई, तब तक साइबर जालसाजों ने उनके खाते से 18 लाख रुपये निकाल लिए। साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
आप भी बता सकते हैं आप बीती
अगर आपके साथ भी साइबर ठगों ने धोखाधड़ी की है तो आप हमें अपनी आपबीती बता सकते हैं। अमर उजाला साइबर ठगों के खिलाफ अभियान चला रहा है। आपकी बताई गई समस्या प्रकाशित की जाएगी। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। आप हमें 9368724176 पर संपर्क कर सकते हैं।
एपीके फाइल के सहारे हैक कर रहे मोबाइल
इन दिनों जालसाज एपीके फाइल के सहारे लोगों को मोबाइल हैक कर ठगी का शिकार बना रहे हैं। एपीके फाइल पीड़ित के फोन में कई अनुमतियां हासिल कर लेती है, जिसमें यूपीआई और बैंक एप्लीकेशन जैसी महत्वपूर्ण एप्लीकेशन भी शामिल हैं। इन अनुमतियों के बाद ठग पीड़ित के बैंक खाते खाली कर देते हैं। लेन-देन के एसएमएस की सूचनाएं भी नहीं मिलती हैं। ऐसी फाइल यदि मोबाइल में डाउनलोड हो जाए, तो तत्काल साइबर थाने से संपर्क कर इसे निष्क्रिय कराएं।
- शुभम कुमार, सीओ टांडा/सीओ साइबर
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वे एक फोटो भेजकर उसकी पहचान करने के लिए कहते हैं। लोग जैसे ही फोटो पर क्लिक करते हैं। अनजाने में एक एपीके (एंड्रॉयड पैकेज किट) फाइल भी डाउनलोड हो जाती है। इसके बाद फोन हैक हो जाता है। साइबर विशेषज्ञ कांस्टेबल कौशलेंद्र बताते हैं कि जिले में अब तक 200 से अधिक लोग एपीके फाइल डाउनलोड होने से ठगी का शिकार हो चुके हैं। साइबर थाने में आने वाली शिकायतों में हर तीसरी शिकायत एपीके फाइल को लेकर आ रही है।
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एपीके फाइल से 18 लाख की ठगी
कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रत्याशी अमित जायसवाल के फोन में गलती से एक एपीके फाइल डाउनलोड हो गई। इसकी भनक उनको नहीं लग सकी। कई बाद उनके खाते से 18 लाख रुपये निकल गए। इसकी जानकारी उनको तब हुई जब बैंक खाते से सारे रुपये निकल चुके थे।
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कपड़ा व्यवसायी भी हुए शिकार
टांडा के एक कपड़ा व्यवसायी के मोबाइल में दो मई को एक संदेश पढ़ने के दौरान एपीके फाइल डाउनलोड हो गई थी। जब तक उनको इसकी जानकारी हुई, तब तक साइबर जालसाजों ने उनके खाते से 18 लाख रुपये निकाल लिए। साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
आप भी बता सकते हैं आप बीती
अगर आपके साथ भी साइबर ठगों ने धोखाधड़ी की है तो आप हमें अपनी आपबीती बता सकते हैं। अमर उजाला साइबर ठगों के खिलाफ अभियान चला रहा है। आपकी बताई गई समस्या प्रकाशित की जाएगी। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। आप हमें 9368724176 पर संपर्क कर सकते हैं।
एपीके फाइल के सहारे हैक कर रहे मोबाइल
इन दिनों जालसाज एपीके फाइल के सहारे लोगों को मोबाइल हैक कर ठगी का शिकार बना रहे हैं। एपीके फाइल पीड़ित के फोन में कई अनुमतियां हासिल कर लेती है, जिसमें यूपीआई और बैंक एप्लीकेशन जैसी महत्वपूर्ण एप्लीकेशन भी शामिल हैं। इन अनुमतियों के बाद ठग पीड़ित के बैंक खाते खाली कर देते हैं। लेन-देन के एसएमएस की सूचनाएं भी नहीं मिलती हैं। ऐसी फाइल यदि मोबाइल में डाउनलोड हो जाए, तो तत्काल साइबर थाने से संपर्क कर इसे निष्क्रिय कराएं।
- शुभम कुमार, सीओ टांडा/सीओ साइबर