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गर्मी की छुट्टी के बाद खुले परिषदीय स्कूल
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अंबेडकरनगर। जिले के 1582 परिषदीय स्कूल गर्मी की छुट्टी के बाद गुरुवार को एक बार फिर से गुलजार हो गये। पहले दिन हालांकि ज्यादा बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे। औसतन एक चौथाई बच्चे ही स्कूल आये। नतीजतन तमाम विद्यालयों में एमडीएम नहीं बना।
स्कूलों में पहुंचे शिक्षकों ने आगे की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए जरूरी तैयारियां कीं। अपने-अपने ब्लॉकों में खंड शिक्षाधिकारियों ने भ्रमण कर उपस्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षकों को निर्देश दिया। बीएसए समेत कई अन्य अधिकारियों ने भी स्कूलों का भ्रमण कर अध्यापकों से कहा कि वे बेहतर ढंग से पढ़ाई सुनिश्चित करने पर जोर दें। शासन की प्राथमिकता का ध्यान रखते हुये छात्र-छात्राओं को बेहतर माहौल उपलब्ध करायें।
बीएसए बीपी सिंह ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी करते हुये कहा कि अगले एक-दो दिन में विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति तय होनी चाहिए। इस बीच नई कॉपी व किताब न उपलब्ध हो पाने के कारण ज्यादातर बच्चे खाली हाथ पहुंचे तो वहीं तमाम बच्चों के हाथ में पुरानी किताबें थीं।
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विद्यालय में 177 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इनकी तुलना में पहले दिन 45 बच्चे स्कूल पहुंचे। प्रधानाध्यापिका कलावती देवी ने बताया कि उपस्थिति बढ़ाने के लिए गांव में अभियान चलाकर अभिभावकों से मुलाकात की गई और उन्हें बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया गया। मीनू के अनुसार रसोइया सरोजा देवी, उर्मिला व सुदामा रोटी व दाल बना रही थीं। विद्यालय में सहायक अध्यापक सत्यप्रकश यादव, रूपम चौधरी, सुनीता देवी, विकास पटेल, श्रद्धा यादव व शिक्षामित्र सुनीता गौड़ मौजूद रहीं।
अमर उजाला टीम विद्यालय पहुंची तो प्रधानाध्यापिका पूनम वर्मा, शिक्षामित्र नीलम वर्मा व श्रद्धा तिवारी नहीं थीं। विद्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ था। एक भी छात्र/छात्रा विद्यालय में नहीं मिली। रसोइया सीता, मनभावती व कांति भी नदारद रहीं। सहायक अध्यापिका पूजा मौर्या व अनुराधा यादव मौजूद थीं। बताया कि प्रधानाध्यापिका स्कूल आईं थीं लेकिन किसी काम से बाजार गई हैं। 236 बच्चे पंजीकृत हैं। कुछ बच्चे आए थे लेकिन बैग न होने से वापस चले गए। परिसर में इस बीच चारों तरफ गंदगी फैली मिली।
विद्यालय में प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी के अलावा सहायक अध्यापक अनिल कुमार, आत्मा प्रकाश सिंह, अनुदेशिका अर्चना तिवारी तो उपस्थित थीं लेकिन अनुदेशिका सरिता त्रिपाठी बिना किसी सूचना के नदारद थीं। यहां पंजीकृत 147 की तुलना में 14 बच्चे आए थे लेकिन पुस्तक न होने के चलते जल्दी वापस चले गए। रसोई गैस न होने की जानकारी देते हुए प्रधानाध्यापिका ने बताया कि इसके चलते एमडीएम नहीं बना।
टीम विद्यालय पहुंची तो 56 छात्र-छात्राएं मौजूद मिले। प्रधानाध्यापिका किरन चौधरी ने बताया कि विद्यालय में 290 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। शत-प्रतिशत उपस्थिति तय करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। बगल स्थित प्राथमिक विद्यालय बड़ेपुर की प्रधानाध्यापिका मंजू चक्रवर्ती ने बताया कि 226 की तुलना में 52 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। दोनों विद्यालयों में न सिर्फ सभी शिक्षक व रसोइया मौजूद थे बल्कि दोनों विद्यालयों में एमडीएम के तबत रोटी व दाल भी बन रही थी।
अमर उजाला टीम जब विद्यालय पहुंची तो वहां एमडीएम बनता मिला। प्रधानाध्यापक सतीश कुमार सिंह ने बताया कि 198 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। पहले दिन 22 बच्चों ने उपस्थिति दर्ज कराई। बताया कि शेष बच्चों की भी शीघ्र ही नियमित उपस्थिति तय की जाएगी। विद्यालय में न सिर्फ साफ सफाई थी बल्कि सभी शिक्षक भी मौजूद थे।
प्रधानाध्यापक अखिलेश सिंह ने बताया कि विद्यालय में 67 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। 12 बच्चे उपस्थित थे। एमडीएम बनता मिला। सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं व शिक्षामित्र उपस्थित मिले तो परिसर में समुचित साफ-सफाई भी की गई थी। प्रधानाध्यापक ने बताया कि अभियान चलाकर अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है।
विद्यालय में मिले प्रधानाध्यापक सुभाषचंद्र ने बताया कि 122 बच्चे नामांकित हैं। 15 बच्चे पहले दिन उपस्थित रहे। एमडीएम के तहत रोटी-दाल बन रही थी तो परिसर में समुचित साफ-सफाई भी की गई थी। एबीआरसी हरिप्रसाद चतुर्वेदी विद्यालय निरीक्षण पर पहुंचे हुए थे। उन्होंने जिम्मेदारों को निर्देशित किया कि विद्यालय में शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
विद्यालय में 88 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। 22 बच्चे पहले दिन उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापिका रेखा वर्मा ने बताया कि अभिभावकों से मुलाकात की गई। उन्हें अपने बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया गया। बताया कि एमडीएम योजना के तहत बच्चों को भोजन दिया गया।
अमर उजाला टीम जब विद्यालय पहुंची तो वहां प्रधानाध्यापिका दरखशां सूफिया उपस्थित मिलीं। बताया कि विद्यालय में 256 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इनकी तुलना में 45 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। बताया कि एमडीएम के तहत रोटी-दाल बनी। सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं व शिक्षामित्र विद्यालय में उपस्थित रहे। साफ-सफाई की भी समुचित व्यवस्था थी।
स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाई जायेगी। इसके लिए सभी जरूरी प्रयास तय किये जा रहे हैं। सभी खंड शिक्षाधिकारी लगातार स्कूलों का जायजा लेंगे। अन्य अधिकारी भी इस पर नजर रखेंगे।
-बीपी सिंह, बीएसए
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स्कूलों में पहुंचे शिक्षकों ने आगे की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए जरूरी तैयारियां कीं। अपने-अपने ब्लॉकों में खंड शिक्षाधिकारियों ने भ्रमण कर उपस्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षकों को निर्देश दिया। बीएसए समेत कई अन्य अधिकारियों ने भी स्कूलों का भ्रमण कर अध्यापकों से कहा कि वे बेहतर ढंग से पढ़ाई सुनिश्चित करने पर जोर दें। शासन की प्राथमिकता का ध्यान रखते हुये छात्र-छात्राओं को बेहतर माहौल उपलब्ध करायें।
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बीएसए बीपी सिंह ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी करते हुये कहा कि अगले एक-दो दिन में विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति तय होनी चाहिए। इस बीच नई कॉपी व किताब न उपलब्ध हो पाने के कारण ज्यादातर बच्चे खाली हाथ पहुंचे तो वहीं तमाम बच्चों के हाथ में पुरानी किताबें थीं।
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विद्यालय में 177 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इनकी तुलना में पहले दिन 45 बच्चे स्कूल पहुंचे। प्रधानाध्यापिका कलावती देवी ने बताया कि उपस्थिति बढ़ाने के लिए गांव में अभियान चलाकर अभिभावकों से मुलाकात की गई और उन्हें बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया गया। मीनू के अनुसार रसोइया सरोजा देवी, उर्मिला व सुदामा रोटी व दाल बना रही थीं। विद्यालय में सहायक अध्यापक सत्यप्रकश यादव, रूपम चौधरी, सुनीता देवी, विकास पटेल, श्रद्धा यादव व शिक्षामित्र सुनीता गौड़ मौजूद रहीं।
अमर उजाला टीम विद्यालय पहुंची तो प्रधानाध्यापिका पूनम वर्मा, शिक्षामित्र नीलम वर्मा व श्रद्धा तिवारी नहीं थीं। विद्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ था। एक भी छात्र/छात्रा विद्यालय में नहीं मिली। रसोइया सीता, मनभावती व कांति भी नदारद रहीं। सहायक अध्यापिका पूजा मौर्या व अनुराधा यादव मौजूद थीं। बताया कि प्रधानाध्यापिका स्कूल आईं थीं लेकिन किसी काम से बाजार गई हैं। 236 बच्चे पंजीकृत हैं। कुछ बच्चे आए थे लेकिन बैग न होने से वापस चले गए। परिसर में इस बीच चारों तरफ गंदगी फैली मिली।
विद्यालय में प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी के अलावा सहायक अध्यापक अनिल कुमार, आत्मा प्रकाश सिंह, अनुदेशिका अर्चना तिवारी तो उपस्थित थीं लेकिन अनुदेशिका सरिता त्रिपाठी बिना किसी सूचना के नदारद थीं। यहां पंजीकृत 147 की तुलना में 14 बच्चे आए थे लेकिन पुस्तक न होने के चलते जल्दी वापस चले गए। रसोई गैस न होने की जानकारी देते हुए प्रधानाध्यापिका ने बताया कि इसके चलते एमडीएम नहीं बना।
टीम विद्यालय पहुंची तो 56 छात्र-छात्राएं मौजूद मिले। प्रधानाध्यापिका किरन चौधरी ने बताया कि विद्यालय में 290 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। शत-प्रतिशत उपस्थिति तय करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। बगल स्थित प्राथमिक विद्यालय बड़ेपुर की प्रधानाध्यापिका मंजू चक्रवर्ती ने बताया कि 226 की तुलना में 52 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। दोनों विद्यालयों में न सिर्फ सभी शिक्षक व रसोइया मौजूद थे बल्कि दोनों विद्यालयों में एमडीएम के तबत रोटी व दाल भी बन रही थी।
अमर उजाला टीम जब विद्यालय पहुंची तो वहां एमडीएम बनता मिला। प्रधानाध्यापक सतीश कुमार सिंह ने बताया कि 198 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। पहले दिन 22 बच्चों ने उपस्थिति दर्ज कराई। बताया कि शेष बच्चों की भी शीघ्र ही नियमित उपस्थिति तय की जाएगी। विद्यालय में न सिर्फ साफ सफाई थी बल्कि सभी शिक्षक भी मौजूद थे।
प्रधानाध्यापक अखिलेश सिंह ने बताया कि विद्यालय में 67 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। 12 बच्चे उपस्थित थे। एमडीएम बनता मिला। सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं व शिक्षामित्र उपस्थित मिले तो परिसर में समुचित साफ-सफाई भी की गई थी। प्रधानाध्यापक ने बताया कि अभियान चलाकर अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है।
विद्यालय में मिले प्रधानाध्यापक सुभाषचंद्र ने बताया कि 122 बच्चे नामांकित हैं। 15 बच्चे पहले दिन उपस्थित रहे। एमडीएम के तहत रोटी-दाल बन रही थी तो परिसर में समुचित साफ-सफाई भी की गई थी। एबीआरसी हरिप्रसाद चतुर्वेदी विद्यालय निरीक्षण पर पहुंचे हुए थे। उन्होंने जिम्मेदारों को निर्देशित किया कि विद्यालय में शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
विद्यालय में 88 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। 22 बच्चे पहले दिन उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापिका रेखा वर्मा ने बताया कि अभिभावकों से मुलाकात की गई। उन्हें अपने बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया गया। बताया कि एमडीएम योजना के तहत बच्चों को भोजन दिया गया।
अमर उजाला टीम जब विद्यालय पहुंची तो वहां प्रधानाध्यापिका दरखशां सूफिया उपस्थित मिलीं। बताया कि विद्यालय में 256 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इनकी तुलना में 45 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। बताया कि एमडीएम के तहत रोटी-दाल बनी। सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं व शिक्षामित्र विद्यालय में उपस्थित रहे। साफ-सफाई की भी समुचित व्यवस्था थी।
स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाई जायेगी। इसके लिए सभी जरूरी प्रयास तय किये जा रहे हैं। सभी खंड शिक्षाधिकारी लगातार स्कूलों का जायजा लेंगे। अन्य अधिकारी भी इस पर नजर रखेंगे।
-बीपी सिंह, बीएसए