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बीएड प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने की परीक्षा निरस्त करने की मांग
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अंबेडकरनगर। पाठ्यक्रम पूरा न होने के बावजूद परीक्षा की तिथि घोषित होने से नाराज बीएड 2017 बैच के छात्र-छात्राओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन किया। कहा कि कोरोना संकट के चलते न तो पाठ्यक्रम पूरा हुआ और न ही पढ़ाई हो सकी है। यूजीसी के अनुसार प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को नई कक्षा में प्रवेश करने की घोषणा की गई है, लेकिन अवध विश्वविद्यालय द्वारा महाविद्यालयों को ऐसी किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई है। इन सबके बीच अब परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है। यह छात्र-छात्राओं के हित में नहीं है।
ऐसे में परीक्षा निरस्त करते हुए नई कक्षा में प्रवेश दिया जाए। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। बाद में मांग संबंधित शिकायतीपत्र जिलाधिकारी को सौंपा गया। सोमवार सुबह विभिन्न महाविद्यालयों में बीएड प्रथम वर्ष में पढ़ रहे बृजेश, अमित कुमार, संजय, आशुतोष, कृष्ण कुमार, अंकित आदि ने कलेक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। कहा कि सात माह से कोरोना संकट के चलते शिक्षण कार्य पूरी तरह ठप है।
बीते दिनों जब यूजीसी ने प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को बगैर परीक्षा के प्रमोट किए जाने की घोषणा की तो वे सब द्वितीय वर्ष के लिए ऑनलाइन शिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया। वे सभी निश्चिंत थे कि अब परीक्षा नहीं होगी। हालांकि यूजीसी द्वारा की गई घोषणा से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी अवध विश्व विद्यालय द्वारा संबंधित महाविद्यालयों को नहीं दी गई। इसके चलते वे सभी उहापोह की स्थिति में हैं कि उन्हें प्रमोशन मिलेगा या फिर परीक्षा होगी। इस बीच संबंधित महाविद्यालय में प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को प्रमोटेड मानते हुए द्वितीय वर्ष की ऑनलाइन पढ़ाई भी शुरू कर दी गई।
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कहा गया कि इन सबके बीच गत दिवस परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई। इसे लेकर वे सभी चिंतित हैं। किसी प्रकार की तैयारी भी नहीं है। ऐसे में छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए परीक्षा को निरस्त किया जाए और प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा के लिए प्रमोट किया जाए। बाद में शिकायत संबंधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
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ऐसे में परीक्षा निरस्त करते हुए नई कक्षा में प्रवेश दिया जाए। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। बाद में मांग संबंधित शिकायतीपत्र जिलाधिकारी को सौंपा गया। सोमवार सुबह विभिन्न महाविद्यालयों में बीएड प्रथम वर्ष में पढ़ रहे बृजेश, अमित कुमार, संजय, आशुतोष, कृष्ण कुमार, अंकित आदि ने कलेक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। कहा कि सात माह से कोरोना संकट के चलते शिक्षण कार्य पूरी तरह ठप है।
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बीते दिनों जब यूजीसी ने प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को बगैर परीक्षा के प्रमोट किए जाने की घोषणा की तो वे सब द्वितीय वर्ष के लिए ऑनलाइन शिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया। वे सभी निश्चिंत थे कि अब परीक्षा नहीं होगी। हालांकि यूजीसी द्वारा की गई घोषणा से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी अवध विश्व विद्यालय द्वारा संबंधित महाविद्यालयों को नहीं दी गई। इसके चलते वे सभी उहापोह की स्थिति में हैं कि उन्हें प्रमोशन मिलेगा या फिर परीक्षा होगी। इस बीच संबंधित महाविद्यालय में प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को प्रमोटेड मानते हुए द्वितीय वर्ष की ऑनलाइन पढ़ाई भी शुरू कर दी गई।
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कहा गया कि इन सबके बीच गत दिवस परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई। इसे लेकर वे सभी चिंतित हैं। किसी प्रकार की तैयारी भी नहीं है। ऐसे में छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए परीक्षा को निरस्त किया जाए और प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा के लिए प्रमोट किया जाए। बाद में शिकायत संबंधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।