{"_id":"62b0be67568f6c6bdf4d849a","slug":"asha-bahus-demonstrated-to-stop-harassment-ambedkar-nagar-news-lko636093915","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्पीड़न रोकने को लेकर आशा बहुओं ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्पीड़न रोकने को लेकर आशा बहुओं ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। आशा संगिनी व आशा कार्यकर्ता संगठन के बैनर तले आशा बहुओें व संगिनी ने सोमवार को अकबरपुर नगर के मीरानपुर स्थित संयुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रदर्शन किया। इस दौरान आशा बहुओं का उत्पीड़न रोकने, मानदेय वृद्धि किए जाने समेत नियमित करने की मांग मजबूती के साथ उठाई गई। कहा गया कि समस्याओं के निस्तारण को लेकर जब भी धरना-प्रदर्शन किया गया तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है।
अध्यक्ष ऊषा पटेल ने कहा कि बढ़ती महंगाई को लेकर मानदेय में वृद्धि की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इससे आशा बहुओं और संगिनी के समक्ष आर्थिक मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। सुनीता, कंचन, स्नेहलता, बबिता, सुंदरी, विमला देवी आदि ने कहा कि आशा बहुओं व आशा संगिनी का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। इसकी शिकायत भी जिम्मेदारों से की जाती है, लेकिन इस पर अंकुश पाने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट के निकट धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
कहा गया कि जिस प्रकार से आशा बहुओं व संगिनी की लगातार उपेक्षा की जा रही है, वह अत्यंत चिंताजनक व निंदनीय है। आशा व संगिनी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ कर रही हैं, लेकिन इसके बाद भी उपेक्षा की जा रही है। उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। जिम्मेदारों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए, जिससे समस्याओं का निस्तारण हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
अध्यक्ष ऊषा पटेल ने कहा कि बढ़ती महंगाई को लेकर मानदेय में वृद्धि की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इससे आशा बहुओं और संगिनी के समक्ष आर्थिक मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। सुनीता, कंचन, स्नेहलता, बबिता, सुंदरी, विमला देवी आदि ने कहा कि आशा बहुओं व आशा संगिनी का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। इसकी शिकायत भी जिम्मेदारों से की जाती है, लेकिन इस पर अंकुश पाने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट के निकट धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
विज्ञापन
कहा गया कि जिस प्रकार से आशा बहुओं व संगिनी की लगातार उपेक्षा की जा रही है, वह अत्यंत चिंताजनक व निंदनीय है। आशा व संगिनी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ कर रही हैं, लेकिन इसके बाद भी उपेक्षा की जा रही है। उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। जिम्मेदारों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए, जिससे समस्याओं का निस्तारण हो सके।
विज्ञापन