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कोरोना जांच के नाम पर कर्मियों की मनमानी
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर राजकीय स्वास्थ्य केंद्र पर कोरोना जांच के नाम पर मनमानी का वीडियो शनिवार को वायरल हो गया। इसमें एंटीजन किट लेकर मरीज खुद जांच करते दिखे। इसका संज्ञान लेते हुए सीएमओ ने दो सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया। इसमें कहा गया कि तीन दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट दी जाए।
सोशल मीडिया पर शनिवार को वीडियो वायरल हुआ, जिसमें अकबरपुर संयुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोरोना जांच के नाम पर मजाक होता पाया गया। वीडियो में जांच कराने पहुंचे एक पुरुष व एक महिला ने बताया कि वे सब यहां जांच कराने आए हैं। उन्हें एंटीजन किट दे दी गई। कहा गया कि आप खुद ही जांच कर लो। नागरिकों ने बताया कि उन्हें जांच करने का तरीका नहीं पता था, लेकिन अस्पताल में मौजूद कर्मचारी ठीक से कुछ बताने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि कायदे से कर्मचारियों को ही किट के माध्यम से जांच करनी चाहिए, लेकिन वे खुद जांच करने की बजाय किट थमा कर बाहर कर दे रहे।
नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे में तो ठीक से पता भी नहीं चल पाएगा कि कोरोना संक्रमण है भी या नहीं। उधर, सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आया है। इसे देखते हुए ही अपर सीएमओ डॉ. अशोक कुमार गुप्ता व डा. सुभाष की दो सदस्यीय टीम को जांच अधिकारी बना दिया गया है। तीन दिन में इन्हें रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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गौरतलब है कि डॉ. सुभाष ही अकबरपुर पीएचसी के प्रभारी भी हैं। ऐसे में सीएमओ से सवाल हुआ कि जिस अस्पताल के कर्मचारियों पर आरोप लगा है, उसी अस्पताल के प्रभारी को जांच अधिकारी बनाने का क्या मतलब है। इस पर सीएमओ ने कहा कि टीम का नेतृत्व अपर सीएमओ कर रहे हैं। जांच निष्पक्ष ढंग से संपन्न होगी।
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सोशल मीडिया पर शनिवार को वीडियो वायरल हुआ, जिसमें अकबरपुर संयुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोरोना जांच के नाम पर मजाक होता पाया गया। वीडियो में जांच कराने पहुंचे एक पुरुष व एक महिला ने बताया कि वे सब यहां जांच कराने आए हैं। उन्हें एंटीजन किट दे दी गई। कहा गया कि आप खुद ही जांच कर लो। नागरिकों ने बताया कि उन्हें जांच करने का तरीका नहीं पता था, लेकिन अस्पताल में मौजूद कर्मचारी ठीक से कुछ बताने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि कायदे से कर्मचारियों को ही किट के माध्यम से जांच करनी चाहिए, लेकिन वे खुद जांच करने की बजाय किट थमा कर बाहर कर दे रहे।
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नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे में तो ठीक से पता भी नहीं चल पाएगा कि कोरोना संक्रमण है भी या नहीं। उधर, सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आया है। इसे देखते हुए ही अपर सीएमओ डॉ. अशोक कुमार गुप्ता व डा. सुभाष की दो सदस्यीय टीम को जांच अधिकारी बना दिया गया है। तीन दिन में इन्हें रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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गौरतलब है कि डॉ. सुभाष ही अकबरपुर पीएचसी के प्रभारी भी हैं। ऐसे में सीएमओ से सवाल हुआ कि जिस अस्पताल के कर्मचारियों पर आरोप लगा है, उसी अस्पताल के प्रभारी को जांच अधिकारी बनाने का क्या मतलब है। इस पर सीएमओ ने कहा कि टीम का नेतृत्व अपर सीएमओ कर रहे हैं। जांच निष्पक्ष ढंग से संपन्न होगी।