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ऑपरेशन नसबंदी का, काट दी पेशाब की नली
AmbedkarNagar
Updated Sat, 12 Oct 2013 05:38 AM IST
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आलापुर (अंबेडकरनगर)। जहांगीरगंज सीएचसी में नसबंदी कराने गई एक महिला की ऑपरेशन के दौरान पेशाब की नली काट दी। इससे हालत गंभीर होने पर उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। वहां चले इलाज के बाद भी महिला की हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने उसे आजमगढ़ रेफर कर दिया। उसे एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। पति के अनुसार आजमगढ़ में डॉक्टरों ने बताया कि महिला की मूत्र नली में चीरा लगने की वजह से उसकी हालत गंभीर हुई है। जबकि सीएचसी और जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया था कि ट्यूमर के कारण उसकी हालत खराब हुई है। नाराज पति ने दोषी लोगों पर कार्रवाई के लिए जहांगीरगंज थाने में तहरीर सौंपी है।
आलापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सैदापुर गांव निवासी अभिषेक त्रिपाठी की पत्नी रेखा (26) का नसबंदी ऑपरेशन एक अक्तूबर को जहांगीरगंज सीएचसी में दोपहर बाद दो बजे करीब किया गया। पति का आरोप है कि चिकित्सक की मौजूदगी में सीएचसी के एक कर्मचारी ने ऑपरेशन किया। कर्मचारी के अप्रशिक्षित होने के चलते ऑपरेशन के बाद उसकी पत्नी को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। तमाम प्रयासों के बाद जब सफलता नहीं मिली, तो उसी दिन देर सायं डॉक्टरों ने पत्नी को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। सीएचसी के चिकित्सकों ने बताया कि उसकी पत्नी को ट्यूमर है, इसलिए यह दिक्कत हो रही है। उसने तथा परिवारीजनों ने चिकित्सकों की बात पर विश्वास किया और महिला को उसी दिन जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया।
अभिषेक के मुताबिक जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने भी उन्हें ट्यूमर होने की जानकारी दी। चार दिन तक भर्ती रहने के बाद भी पत्नी की हालत और खराब होने लगी। इस पर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे आजमगढ़ रेफर कर दिया। अभिषेक ने बताया कि सरकारी अस्पताल में इलाज में बरती जा रही लापरवाही से आजिज परिवारीजनों ने उसकी पत्नी को आजमगढ़ के एक निजी चिकित्सालय में ले जाकर भर्ती कराया। उसने थाने में दी तहरीर में कहा है कि आजमगढ़ के निजी चिकित्सक ने उन्हें बताया कि पत्नी रेखा को ट्यूमर नहीं है। उसकी मूत्र नली में चीरा लगा हुआ है।
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इसी वजह से यह सारी समस्या सामने आई है। उसने तहरीर में सीएचसी और जिला चिकित्सालय के दोषी चिकित्सकों व संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया अभी उन्हें कोई तहरीर नहीं मिली है। वहीं जहांगीरगंज सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पीके राय का कहना है कि महिला का ऑपरेशन मैने ही किया था। किसी कर्मचारी द्वारा ऑपरेशन करने की बात गलत है। यह पूछे जाने पर कि महिला की तबियत कैसे बिगड़ी, तो उन्होेंने फोन काट दिया।
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आलापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सैदापुर गांव निवासी अभिषेक त्रिपाठी की पत्नी रेखा (26) का नसबंदी ऑपरेशन एक अक्तूबर को जहांगीरगंज सीएचसी में दोपहर बाद दो बजे करीब किया गया। पति का आरोप है कि चिकित्सक की मौजूदगी में सीएचसी के एक कर्मचारी ने ऑपरेशन किया। कर्मचारी के अप्रशिक्षित होने के चलते ऑपरेशन के बाद उसकी पत्नी को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। तमाम प्रयासों के बाद जब सफलता नहीं मिली, तो उसी दिन देर सायं डॉक्टरों ने पत्नी को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। सीएचसी के चिकित्सकों ने बताया कि उसकी पत्नी को ट्यूमर है, इसलिए यह दिक्कत हो रही है। उसने तथा परिवारीजनों ने चिकित्सकों की बात पर विश्वास किया और महिला को उसी दिन जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया।
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अभिषेक के मुताबिक जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने भी उन्हें ट्यूमर होने की जानकारी दी। चार दिन तक भर्ती रहने के बाद भी पत्नी की हालत और खराब होने लगी। इस पर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे आजमगढ़ रेफर कर दिया। अभिषेक ने बताया कि सरकारी अस्पताल में इलाज में बरती जा रही लापरवाही से आजिज परिवारीजनों ने उसकी पत्नी को आजमगढ़ के एक निजी चिकित्सालय में ले जाकर भर्ती कराया। उसने थाने में दी तहरीर में कहा है कि आजमगढ़ के निजी चिकित्सक ने उन्हें बताया कि पत्नी रेखा को ट्यूमर नहीं है। उसकी मूत्र नली में चीरा लगा हुआ है।
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इसी वजह से यह सारी समस्या सामने आई है। उसने तहरीर में सीएचसी और जिला चिकित्सालय के दोषी चिकित्सकों व संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया अभी उन्हें कोई तहरीर नहीं मिली है। वहीं जहांगीरगंज सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पीके राय का कहना है कि महिला का ऑपरेशन मैने ही किया था। किसी कर्मचारी द्वारा ऑपरेशन करने की बात गलत है। यह पूछे जाने पर कि महिला की तबियत कैसे बिगड़ी, तो उन्होेंने फोन काट दिया।