तीन तहसीलों ने नहीं दिया खर्च का ब्यौरा

AmbedkarNagar Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
अंबेडकरनगर। जिले में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण योजना पूरी तरह विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। एनआरएचएम के अंतर्गत चलाई जा रही इस योजना को लेकर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 08 से अब तक योजना में खर्च का ब्यौरा तीन तहसीलों द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। अकबरपुर व भीटी तहसील में भी योजना की पूरी रकम खर्च नहीं हो पाई है। नतीजतन योजना का सुचारु लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
ग्राम पंचायतों में साफ सफाई, गरीब परिवारों को नि:शुल्क चिकित्सालयों तक पहुंचाने की व्यवस्था किए जाने एवं सार्वजनिक स्थानों जैसे बारातघर, विद्यालयों व सचिवालय की साफ सफाई के लिए वर्ष 08 में एनआरएचएम के तहत ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण योजना चलाई गई। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान व एएनएम का संयुक्त खाता खुलवाया गया। योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायतों को प्रत्येक वर्ष 10-10 हजार रुपये दिए जाने का प्राविधान रखा गया। योजना के चलने से विशेषकर उन ग्रामीणों में खुशी हुई, जो धन के अभाव में अपने मरीजों को चिकित्सालय तक नहीं पहुंचा पा रहे थे। हालांकि समय बीतने के साथ ही यह योजना संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ती गई। गांव-गांव न तो साफ सफाई की ही कोई विशेष व्यवस्था की जा रही है और न ही गरीबों को नि:शुल्क चिकित्सालयों तक जाने की व्यवस्था ही हो रही है।
योजना के तहत मिलने वाले धन का बंदरबांट धड़ल्ले से किया जाता रहा, लेकिन विभागीय अधिकारी मौन साधे रहे। लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2008 से 2011 तक ग्राम पंचायतों को योजना के अंतर्गत दिए गए धन के खर्च का कोई लेखा-जोखा विभाग के पास नहीं है। जो रिपोर्ट है भी वह आधी अधूरी ही है, जबकि वर्ष 2008 से 2011 तक जनपद के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से प्रतिवर्ष 10-10 हजार रुपये ग्राम प्रधान व एएनएम के संयुक्त खाते में भेज दिया गया। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2008-09 में 805 ग्राम पंचायत में 80 लाख 50 हजार, 2009-2010 में भी 805 ग्राम पंचायतों को 80 लाख 50 हजार तथा 2010-2011 में 786 ग्राम पंचायतों को 78 लाख 60 रुपये दिए गए। इन तीनों वर्षों में किस ग्राम ग्राम पंचायत में कितना धन खर्च हुआ और कितना बचा, इसका कोई ब्यौरा विभाग के पास नहीं है। योजना से संबंधित जिला लेखाकार प्रबंधक विजय कुमार भारती ने बताया कि मात्र अकबरपुर व भीटी तहसील की रिपोर्ट ही उनके पास आई है। इसमें अकबरपुर में 30 लाख व भीटी में 20 लाख रुपया अभी तक नहीं खर्च किया जा सका है। अन्य तहसीलों की रिपोर्ट नहीं मिल सकी है।

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