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धनतेरस पर 80 करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद
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अंबेडकरनगर। धनतेरस को लेकर एक दिन पहले ही जिले के प्रमुख बाजार सज उठे। सराफा से लेकर बर्तनों की दुकान खासतौर पर सजाई गई। वाहनों के शोरूम भी रंग-बिरंगी झालरों से सजा दिए गए। मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व कपड़े आदि की दुकानों पर भी विशेष व्यवस्थाएं पूरी कर ली गईं। तकरीबन 80 करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद लगाई जा रही है।
धनतेरस का उल्लास शुक्रवार को ही चहुंओर दिखने लगा। ग्राहकों के लिए बाजार सजकर तैयार हो गए हैं। वाहनों के शोरूम भव्य रूप से सजा दिए गए हैं तो वहीं सराफ बाजार भी आकर्षक डिजाइन के आभूषणों की बिक्री के लिए तैयार दिखे। शहजादपुर के युवा सराफा व्यवसायी पीयूष सेठ ने कहा कि नए व आकर्षक डिजाइन के गहने मंगाए गए हैं। खरीदारी पर विशेष ऑफर भी दिया जा रहा है।
वरिष्ठ सराफा व्यवसायी राजकुमार सेठ ने कहा कि धनतेरस पर आभूषणों की बिक्री अधिक होने की संभावना है। इसे देखते हुए सराफा बाजार पूरी तरह से तैयार है। वाहनों की बुकिंग को लेकर धनतेरस से पहले शोरूम पर भीड़ देखने को मिली। टीवीएस एजेंसी के प्रोपराइटर रानू सरदार ने कहा कि धनतेरस पर वाहनों की खरीदारी करने वालों के लिए शोरूम को भव्य ढंग से सजा दिया गया है। बताया कि वाहनों की बुकिंग शुक्रवार को भी की गई।
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बर्तन दुकानदारों ने भी एक दिन पहले ही तैयार कर ली। कुछ दुकानदारों ने तो अपने रिश्तेदारों को भी बुला लिया है। शहजादपुर के बर्तन दुकानदार अवधेश कसौधन ने कहा कि पूरी उम्मीद है कि बड़ी संख्या में बर्तन की बिक्री होगी। इसे देखते हुए दो रिश्तेदारों को भी बुला लिया है। वे धनतेरस के दिन सहयोग करेंगे।
दीप पर्व के मौके पर होने वाली लक्ष्मी-गणेश की विशेष पूजा-अर्चना को देखते हुए मूर्तियों की बिक्री तेज हो गई है। विगत वर्ष की तुलना में मूर्तियों के दाम में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है लेकिन इसकी खरीदारी पर किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
अकबरपुर ब्लॉक के निकट मूर्तियों की बिक्री करने वाले हर्षित गुप्ता ने कहा कि लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की बिक्री जमकर हो रही है। इनके दाम में वृद्धि जरूरी हुई है लेकिन बिक्री पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। शीतला आश्रम के निकट मूर्तियों के विक्रेता कमला जायसवाल ने कहा कि विगत वर्ष की तुलना में बिक्री अधिक हो रही है। धनतेरस से पहले ही लोगों ने मूर्तियों की खूब खरीदारी की।
रंग-बिरंगी झालरों के बीच मिट्टी के दीये भी अपनी जगह बनाए हुए हैं। एक तरफ जहां रंग-बिरंगी झालरों की बिक्री जमकर हो रही है तो इन सबके बीच मिट्टी के दीयों की भी खरीदारी लोग बढ़-चढ़कर कर रहे हैं। गोविंद गनेशपुर अटिका के रामकरन ने कहा कि रंग-बिरंगी झालरों ने मिट्टी के दीयों के कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव जरूर डाला है लेकिन इसके बाद भी लोगों द्वारा बढ़-चढ़कर खरीदारी की जा रही है।
विलंब से बारिश होने के चलते दीया बनाने के लिए अच्छी व पर्याप्त मात्रा में मिट्टी नहीं मिल सकी। इसके चलते विगत वर्ष की तुलना में इस बार दीयों के दाम में कुछ वृद्धि हुई है। 140 रुपये प्रति सैकड़ा की दर से दीये बिक रहे हैं जबकि विगत वर्ष इसका दाम 120 रुपये प्रति सैकड़ा था।
धनतेरस व दीप पर्व को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए शुक्रवार को पुलिस कर्मियों ने अकबरपुर समेत जिले के अन्य क्षेत्रों में रूट मार्च किया। न सिर्फ गणमान्य नागरिकों से बल्कि दुकानदारों से भी मुलाकात कर सीधा संवाद किया। पर्व को सकुशल निपटाने के लिए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। कहा गया कि आपस में मिल जुलकर पर्व मनाएं। कोई ऐसा काम न करें जिससे पर्व की खुशियों में बाधा उत्पन्न हो। यह भी कहा गया कि यदि कहीं कोई संदिग्ध नजर आए तो इसकी जानकारी तत्काल जिम्मेदारों को दें। एएसपी संजय कुमार राय ने बताया कि धनतेरस को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
सूर्य ग्रहण के चलते इस बार दीप पर्व पांच के बजाए छह दिन तक मनेगा। धनतेरस भी इस बार न सिर्फ शनिवार बल्कि रविवार को भी मनेगा। कटरिया सम्मनपुर के पंडित जमुना तिवारी ने बताया कि शनिवार को शाम 4:13 बजे धनतेरस का शुभ मुहूर्त है। 23 अक्तूबर को छोटी दीपावली व 24 अक्तूबर को बड़ी दीपावली उल्लास के साथ मनेगी। 24 अक्तूबर को दीप जलाने का शुभ मुहूर्त शाम पांच बजे से रात्रि 12 बजे तक रहेगा।
लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 24 अक्तूबर की रात आठ बजकर 37 मिनट पर होगा। लक्ष्मी जी की विशेष पूजा देर रात्रि एक बजकर पांच मिनट से तीन बजकर 19 मिनट तक होगी। 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण के चलते गोवर्धन पूजा नहीं हो पाएगी। 25 अक्तूबर को शाम चार बजकर 42 मिनट से पांच बजकर 22 मिनट तक सूर्य पर ग्रहण की छाया रहेगी। ऐसे में गोवर्धन पूजा 26 अक्तूबर को जबकि 27 अक्तूबर को भैया दूज पर्व मनाया जाएगा।
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धनतेरस का उल्लास शुक्रवार को ही चहुंओर दिखने लगा। ग्राहकों के लिए बाजार सजकर तैयार हो गए हैं। वाहनों के शोरूम भव्य रूप से सजा दिए गए हैं तो वहीं सराफ बाजार भी आकर्षक डिजाइन के आभूषणों की बिक्री के लिए तैयार दिखे। शहजादपुर के युवा सराफा व्यवसायी पीयूष सेठ ने कहा कि नए व आकर्षक डिजाइन के गहने मंगाए गए हैं। खरीदारी पर विशेष ऑफर भी दिया जा रहा है।
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वरिष्ठ सराफा व्यवसायी राजकुमार सेठ ने कहा कि धनतेरस पर आभूषणों की बिक्री अधिक होने की संभावना है। इसे देखते हुए सराफा बाजार पूरी तरह से तैयार है। वाहनों की बुकिंग को लेकर धनतेरस से पहले शोरूम पर भीड़ देखने को मिली। टीवीएस एजेंसी के प्रोपराइटर रानू सरदार ने कहा कि धनतेरस पर वाहनों की खरीदारी करने वालों के लिए शोरूम को भव्य ढंग से सजा दिया गया है। बताया कि वाहनों की बुकिंग शुक्रवार को भी की गई।
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बर्तन दुकानदारों ने भी एक दिन पहले ही तैयार कर ली। कुछ दुकानदारों ने तो अपने रिश्तेदारों को भी बुला लिया है। शहजादपुर के बर्तन दुकानदार अवधेश कसौधन ने कहा कि पूरी उम्मीद है कि बड़ी संख्या में बर्तन की बिक्री होगी। इसे देखते हुए दो रिश्तेदारों को भी बुला लिया है। वे धनतेरस के दिन सहयोग करेंगे।
दीप पर्व के मौके पर होने वाली लक्ष्मी-गणेश की विशेष पूजा-अर्चना को देखते हुए मूर्तियों की बिक्री तेज हो गई है। विगत वर्ष की तुलना में मूर्तियों के दाम में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है लेकिन इसकी खरीदारी पर किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
अकबरपुर ब्लॉक के निकट मूर्तियों की बिक्री करने वाले हर्षित गुप्ता ने कहा कि लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की बिक्री जमकर हो रही है। इनके दाम में वृद्धि जरूरी हुई है लेकिन बिक्री पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। शीतला आश्रम के निकट मूर्तियों के विक्रेता कमला जायसवाल ने कहा कि विगत वर्ष की तुलना में बिक्री अधिक हो रही है। धनतेरस से पहले ही लोगों ने मूर्तियों की खूब खरीदारी की।
रंग-बिरंगी झालरों के बीच मिट्टी के दीये भी अपनी जगह बनाए हुए हैं। एक तरफ जहां रंग-बिरंगी झालरों की बिक्री जमकर हो रही है तो इन सबके बीच मिट्टी के दीयों की भी खरीदारी लोग बढ़-चढ़कर कर रहे हैं। गोविंद गनेशपुर अटिका के रामकरन ने कहा कि रंग-बिरंगी झालरों ने मिट्टी के दीयों के कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव जरूर डाला है लेकिन इसके बाद भी लोगों द्वारा बढ़-चढ़कर खरीदारी की जा रही है।
विलंब से बारिश होने के चलते दीया बनाने के लिए अच्छी व पर्याप्त मात्रा में मिट्टी नहीं मिल सकी। इसके चलते विगत वर्ष की तुलना में इस बार दीयों के दाम में कुछ वृद्धि हुई है। 140 रुपये प्रति सैकड़ा की दर से दीये बिक रहे हैं जबकि विगत वर्ष इसका दाम 120 रुपये प्रति सैकड़ा था।
धनतेरस व दीप पर्व को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए शुक्रवार को पुलिस कर्मियों ने अकबरपुर समेत जिले के अन्य क्षेत्रों में रूट मार्च किया। न सिर्फ गणमान्य नागरिकों से बल्कि दुकानदारों से भी मुलाकात कर सीधा संवाद किया। पर्व को सकुशल निपटाने के लिए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। कहा गया कि आपस में मिल जुलकर पर्व मनाएं। कोई ऐसा काम न करें जिससे पर्व की खुशियों में बाधा उत्पन्न हो। यह भी कहा गया कि यदि कहीं कोई संदिग्ध नजर आए तो इसकी जानकारी तत्काल जिम्मेदारों को दें। एएसपी संजय कुमार राय ने बताया कि धनतेरस को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
सूर्य ग्रहण के चलते इस बार दीप पर्व पांच के बजाए छह दिन तक मनेगा। धनतेरस भी इस बार न सिर्फ शनिवार बल्कि रविवार को भी मनेगा। कटरिया सम्मनपुर के पंडित जमुना तिवारी ने बताया कि शनिवार को शाम 4:13 बजे धनतेरस का शुभ मुहूर्त है। 23 अक्तूबर को छोटी दीपावली व 24 अक्तूबर को बड़ी दीपावली उल्लास के साथ मनेगी। 24 अक्तूबर को दीप जलाने का शुभ मुहूर्त शाम पांच बजे से रात्रि 12 बजे तक रहेगा।
लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 24 अक्तूबर की रात आठ बजकर 37 मिनट पर होगा। लक्ष्मी जी की विशेष पूजा देर रात्रि एक बजकर पांच मिनट से तीन बजकर 19 मिनट तक होगी। 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण के चलते गोवर्धन पूजा नहीं हो पाएगी। 25 अक्तूबर को शाम चार बजकर 42 मिनट से पांच बजकर 22 मिनट तक सूर्य पर ग्रहण की छाया रहेगी। ऐसे में गोवर्धन पूजा 26 अक्तूबर को जबकि 27 अक्तूबर को भैया दूज पर्व मनाया जाएगा।