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50 हजार लोगों ने 12 घंटे झेला बिजली संकट
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अंबेडकरनगर। कोटवा महमदपुर से अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र को आपूर्ति की जाने वाली बिजली केबल रविवार भोर में जल गई। नतीजा यह हुआ कि अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र से आपूर्ति होने वाली बिजली पूरी तरह से ठप हो गई। गड़बड़ी दूर कर दोपहर बाद आपूर्ति बहाल तो की गई, लेकिन फिर से जगह-जगह केबल के फुंकने से उपभोक्ताओं को शाम तक सुचारु बिजली नहीं मिल सकी।
इससे लगभग 50 हजार आबादी को बगैर बिजली के दिन गुजारना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी सुबह पेयजल को लेकर हुई। एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ा। साथ ही संबंधित क्षेत्र में बिजली से संचालित लघु उद्योग धंधे भी नहीं चल सके। लगभग 12 घंटे तक नगर के कई मोहल्लों में बिजली का संकट बना रहा।
पावर कॉर्पोरेशन उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध करा पाने मेें पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। जर्जर हो चुके उपकरण समय-समय पर जवाब देते रहते हैं। रविवार सुबह पांच बजे अचानक अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र को कोटवा महमदपुर से उपलब्ध होने वाली बिजली की केबल फुंक गई। उपभोक्ताओं ने इसे सामान्य कटौती समझा, लेकिन जब काफी देर तक बिजली नहीं आई, तो जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों को फोन किया गया। पता चला कि अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र के निकट केबल जल गई है। इसे दुरुस्त कराया जा रहा है।
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दोपहर बाद एक बजे केबल ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल की गई, लेकिन कुछ ही देर बाद तमसा मार्ग, अकबरपुर-अयोध्या मार्ग समेत कई अन्य क्षेत्रों में केबल जल गई। इससे फिर से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। नतीजा यह हुआ कि पेवाड़ा, मुरादाबाद, अहिराना, मीरानपुर, रसूलपुर हौजपट्टी, बनगांव रोड, तमसा मार्ग समेत जिला मुख्यालय के कई अन्य क्षेत्रों की लगभग 50 हजार आबादी की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। शाम तक आपूर्ति बहाल हुई तो उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली।
पानी के लिए इधर-उधर भटके लोग
जिला मुख्यालय के ज्यादातर क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप होने से रविवार सुबह सबसे अधिक समस्या पेयजल को लेकर खड़ी हो गई। उपभोक्ता एक-एक बाल्टी पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हुए। मीरानपुर के रेहान जैदी व राकेश कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पावर कॉर्पोरेशन उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध कराने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। जर्जर उपकरणों को बदलने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। अकबरपुर-अयोध्या मार्ग निवासी राहुल व दीपक ने कहा कि सुचारु बिजली न मिलने से सबसे अधिक समस्या पेयजल को लेकर हुई। इसके लिए इधर-उधर की दौड़ लगानी पड़ी। तमसा मार्ग निवासी शांति व विनीता ने कहा कि बिजली न होने से पेयजल का बड़ा संकट खड़ा हो गया। पावर कॉर्पोरेशन को इसे लेकर गंभीरता दिखानी पड़ेगी।
दुरुस्त कराई गई गड़बड़ी
उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध हो सके, इसके लिए गड़बड़ी को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराने का कार्य प्रारंभ किया गया। ज्यादातर क्षेत्रों में गड़बड़ी दूर कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
एके वशिष्ठ, अधीक्षण अभियंता
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इससे लगभग 50 हजार आबादी को बगैर बिजली के दिन गुजारना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी सुबह पेयजल को लेकर हुई। एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ा। साथ ही संबंधित क्षेत्र में बिजली से संचालित लघु उद्योग धंधे भी नहीं चल सके। लगभग 12 घंटे तक नगर के कई मोहल्लों में बिजली का संकट बना रहा।
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पावर कॉर्पोरेशन उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध करा पाने मेें पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। जर्जर हो चुके उपकरण समय-समय पर जवाब देते रहते हैं। रविवार सुबह पांच बजे अचानक अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र को कोटवा महमदपुर से उपलब्ध होने वाली बिजली की केबल फुंक गई। उपभोक्ताओं ने इसे सामान्य कटौती समझा, लेकिन जब काफी देर तक बिजली नहीं आई, तो जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों को फोन किया गया। पता चला कि अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र के निकट केबल जल गई है। इसे दुरुस्त कराया जा रहा है।
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दोपहर बाद एक बजे केबल ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल की गई, लेकिन कुछ ही देर बाद तमसा मार्ग, अकबरपुर-अयोध्या मार्ग समेत कई अन्य क्षेत्रों में केबल जल गई। इससे फिर से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। नतीजा यह हुआ कि पेवाड़ा, मुरादाबाद, अहिराना, मीरानपुर, रसूलपुर हौजपट्टी, बनगांव रोड, तमसा मार्ग समेत जिला मुख्यालय के कई अन्य क्षेत्रों की लगभग 50 हजार आबादी की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। शाम तक आपूर्ति बहाल हुई तो उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली।
पानी के लिए इधर-उधर भटके लोग
जिला मुख्यालय के ज्यादातर क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप होने से रविवार सुबह सबसे अधिक समस्या पेयजल को लेकर खड़ी हो गई। उपभोक्ता एक-एक बाल्टी पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हुए। मीरानपुर के रेहान जैदी व राकेश कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पावर कॉर्पोरेशन उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध कराने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। जर्जर उपकरणों को बदलने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। अकबरपुर-अयोध्या मार्ग निवासी राहुल व दीपक ने कहा कि सुचारु बिजली न मिलने से सबसे अधिक समस्या पेयजल को लेकर हुई। इसके लिए इधर-उधर की दौड़ लगानी पड़ी। तमसा मार्ग निवासी शांति व विनीता ने कहा कि बिजली न होने से पेयजल का बड़ा संकट खड़ा हो गया। पावर कॉर्पोरेशन को इसे लेकर गंभीरता दिखानी पड़ेगी।
दुरुस्त कराई गई गड़बड़ी
उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध हो सके, इसके लिए गड़बड़ी को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराने का कार्य प्रारंभ किया गया। ज्यादातर क्षेत्रों में गड़बड़ी दूर कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
एके वशिष्ठ, अधीक्षण अभियंता