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50 ग्राम पंचायत भवन अधूरे पड़े

Fri, 27 Aug 2021 10:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 10:57 PM IST
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50 gram panchayat buildings lying incomplete
अंबेडकरनगर। जिले में पंचायत भवन निर्माण को लेकर ग्राम पंचायत सचिवों व एडीओ पंचायत की बड़ी लापरवाही सामने आई है। लगभग एक वर्ष बीत जाने के बावजूद 50 से अधिक ग्राम पंचायत भवन अधूरे पड़े हैं। लापरवाही की हद यह है कि कुछ ऐसे भी भवन हैं, जिनका निर्माण कार्य लगभग नौ माह से पूरी तरह से ठप पड़ा है। इसके चलते केंद्र व प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल इस योजना को जिले में तगड़ा झटका लगा है। इस मामले को गंभीरता से लेकर हुए सीडीओ के निर्देश डीपीआरओ ने सभी 18 ग्राम पंचायत सचिवों व एडीओ पंचायत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। चेतावनी दी गई है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम पंचायतों में होने वाली खुली बैठक के साथ ही अन्य कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए सभी ग्राम पंचायत में मिनी सचिवालय के नाम से ग्राम पंचायत भवन का निर्माण कराया जा रहा है। केंद्र व प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक इस योजना को लेकर जिले में लापरवाही बरती जा रही है। आलम यह है कि जिले में 50 से अधिक ऐसे ग्राम पंचायत भवन हैं, जिनका निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। धन की उपलब्धता के बावजूद ग्राम पंचायत सचिवों व एडीओ पंचायत की लापरवाही के चलते करीब एक वर्ष बीत जाने के बावजूद संबंधित ग्राम पंचायत भवन का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है।
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बताते चलें कि लगभग एक वर्ष पूर्व 446 ग्राम पंचायत भवन के निर्माण को शासन ने मंजूरी प्रदान की थी। औसतन 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले प्रत्येक पंचायत भवन के निर्माण को लेकर शुरुआती दौर से ही लापरवाही बरते जाने की शिकायतें सामने आने लगीं। बीते दिनों समीक्षा में सीडीओ घनश्याम मीणा ने पाया कि 50 से अधिक ग्राम पंचायत भवन का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। टांडा विकास खंड में निर्माण को लेकर सबसे अधिक लापरवाही पाई गई। इस पर सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने टांडा विकास खंड के 10 ग्राम पंचायत सचिव व भियांव को छोड़कर अन्य 8 विकास खंड के एडीओ पंचायत को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। चेतावनी दी गई कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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इन ग्राम पंचायतों में नहीं हुआ कार्य
डीपीआरओ अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बीती 13 जुलाई को सभी विकास खंड के खंड विकास अधिकारियों ने जो रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, उसके अनुसार टांडा विकास खंड में ज्यादातर ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन के निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। बताया कि ग्राम पंचायत सचिव कुमारी मंडवी उपाध्याय द्वारा अमिया बाभनपुर, पिपरी सैदपुर व माुहिउद्दीनपुर में, विक्रम सागर द्वारा पियारेपुर, विनय कुमार वर्मा द्वारा दौलतपुर महमूदपुर, फरीदपुर कुतुब, इस्लामपुर बेलदहा, पियारेपुर द्वितीय, प्रदीप वर्मा द्वारा बहिउद्दीनपुर, हसनपुर, सुंथर, राकेश यादव द्वारा अलनपुर, कृष्ण कुमार वर्मा द्वारा देईपुर, केशवपुर, अजय कुमार वर्मा द्वारा बिलासपुर, दानपुर, धीरेंद्र पासवान द्वारा बिहरोजपुर, धौरहरा, विमल कुमार वर्मा द्वारा भसड़ा, सद्दरपुर व दिनेश कुमार यादव द्वारा बिलाहरी व नरायनपुर में पंचायत भवन का निर्माण कार्य कराया जाना था, जो कि अब तक पूर्ण नहीं हो सका है। इतना ही नहीं, मोहिउद्दीनपुर गांव में पंचायत भवन निर्माण कार्य बीते नौ माह से ठप पड़ा है। निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

होगी विधिक कार्रवाई
ग्राम पंचायत भवन के निर्माण में जिन ग्राम पंचायत सचिव व एडीओ पंचायत की ओर से लापरवाही बरती गई है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यदि संतोषजनक जवाब न दिया गया, तो संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
-घनश्याम मीणा, सीडीओ
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