{"_id":"595696e04f1c1b52318b4a56","slug":"40-million-transactions-affected-due-to-strike-in-rural-banks","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीण बैंकों में हड़ताल से 40 करोड़ का लेनदेन प्रभावित ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीण बैंकों में हड़ताल से 40 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Fri, 30 Jun 2017 11:52 PM IST
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केंद्रीय आह्वान पर शुक्रवार को बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। बैंकों में ताला लगाकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। पेेंशन योजना लागू करने, राष्ट्रीयकृत बैंक के बराबर भत्ता दिए जाने की मांग करते हुए कर्मचारियों ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों के समान वे भी पूरी ईमानदारी के साथ कार्य कर रहे हैं लेकिन इसके बाद भी उनकी उपेक्षा की जा रही है।
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चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। हड़ताल के चलते लगभग 40 करोड़ रुपये का लेनदेन ठप रहा। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के केंद्रीय आह्वान पर शुक्रवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित 48 शाखाओं के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। बैंकों में ताला जड़कर कर्मचारी बैंक के सामने धरने पर बैठ गए।
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प्रदर्शन करते हुए कहा गया कि बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंकों के कर्मचारी अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों की तरह पूरी ईमानदारी के साथ कार्य कर रहे हैं। इसके बाद भी उनकी लगातार उपेक्षा की जा रही है। आफीसर्स एसोसिएशन अध्यक्ष राजेश सिंह ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा कि तमाम मांग के बावजूद पेंशन योजना की बहाली नहीं की जा रही है और न ही राष्ट्रीयकृत बैंक के बराबर भत्ता ही दिया जा रहा है।
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जब भी इसे लेकर धरना-प्रदर्शन किया जाता है तो सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। अब आश्वासन से काम चलने वाला नहीं है। एसोसिएशन महामंत्री राजेश गुप्ता ने कहा कि अलग-अलग 56 ग्रामीण बैंकों को एक कर उसके स्थान पर अखिल भारतीय ग्रामीण बैंक बनाया जाए। इसके तहत ग्रामीण बैंकों में कार्य करने वाले कर्मचारियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।
वक्ताओं ने कहा कि अब और उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान अनिल पांडेय व रामप्रसाद आदि मौजूद रहे। जानकारी के अभाव में शुक्रवार को बड़ी संख्या में उपभोक्ता ग्रामीण बैंक शाखाओं में पहुंचे। यहां बैंक बंद होने की जानकारी होने के बाद उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
अकबरपुर के शिवसहाय व राजितराम ने कहा कि वे रकम जमा करने शहजादपुर स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में गए तो यहां जानकारी हुई कि बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। यदि हड़ताल करनी थी तो इसकी जानकारी पहले से ही उपभोक्ताओं को दी जानी चाहिए थी।
भीटी के जगन्नाथ व अमरजीत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के हड़ताल होने से उपभोक्ताओं को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। एलडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जिले की बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की 48 शाखाओं में कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे 40 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ।