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30 हजार छात्र-छात्राओं को मिलेगी डेस्क व बेंच की सौगात
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अंबेडकरनगर। जिले के 271 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग 30 हजार छात्र-छात्राओं के लिए खुशखबरी है। लगभग 10 माह के इंतजार के बाद अब उन्हें भी कान्वेंट स्कूल की तरह ही डेस्क व बेंच पर बैठकर पढ़ने का मौका मिलेगा।
लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भोपाल की कृष्णा के इंडस्ट्रीज को सौंपी गई है। लगभग दस माह पूर्व ई-टेंडर के माध्यम से संबंधित विद्यालयों को डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था झाबर को सौंपी गई थी, लेकिन प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर टेंडर निरस्त कर दिया गया था।
कान्वेंट विद्यालय की तरह ही परिषदीय विद्यालय के छात्र-छात्राएं भी डेस्क-बेंच पर बैठकर पढ़ सकें। इसके लिए राज्य सरकार ने पहले चरण में सभी उच्च प्राथमिक विद्यालय में डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 520 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। बीते दिनों ही 249 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को डेस्क-बेंच उपलब्ध कराई जा चुकी है। शेष 271 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी फर्नीचर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
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लगभग 10 माह पूर्व मार्च में ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से झाबर कंपनी दिल्ली को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि जांच में झाबर कंपनी द्वारा लगाया गया प्रमाणपत्र फर्जी मिला। जिस पर टेंडर निरस्त कर संबंधित फर्म को काली सूची में डाल दिया गया।
शासन के निर्देश पर एक बार फिर से टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई। जिला कोआर्डिनेटर निर्माण विकास ने बताया कि 271 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को फर्नीचर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी कृष्णा के इंडस्ट्रीज भोपाल को सौंपी गई है। 3 करोड़ रुपये की लागत से संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा संबंधित विद्यालयों को डेस्क बेंच लगभग एक सप्ताह के अंदर ही भेज दिया जाएगा। इससे लगभग 30 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।
एक सप्ताह में उपलब्ध होगा डेस्क बेंच
जिले के 271 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को कृष्णा के इंडस्ट्रीज भोपाल को डेस्क बेंच उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक सप्ताह के अंदर परिषदीय विद्यालयों को डेस्क-बेंच उपलब्ध करा दिया जाएगा।
- भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भोपाल की कृष्णा के इंडस्ट्रीज को सौंपी गई है। लगभग दस माह पूर्व ई-टेंडर के माध्यम से संबंधित विद्यालयों को डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था झाबर को सौंपी गई थी, लेकिन प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर टेंडर निरस्त कर दिया गया था।
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कान्वेंट विद्यालय की तरह ही परिषदीय विद्यालय के छात्र-छात्राएं भी डेस्क-बेंच पर बैठकर पढ़ सकें। इसके लिए राज्य सरकार ने पहले चरण में सभी उच्च प्राथमिक विद्यालय में डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 520 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। बीते दिनों ही 249 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को डेस्क-बेंच उपलब्ध कराई जा चुकी है। शेष 271 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी फर्नीचर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
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लगभग 10 माह पूर्व मार्च में ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से झाबर कंपनी दिल्ली को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि जांच में झाबर कंपनी द्वारा लगाया गया प्रमाणपत्र फर्जी मिला। जिस पर टेंडर निरस्त कर संबंधित फर्म को काली सूची में डाल दिया गया।
शासन के निर्देश पर एक बार फिर से टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई। जिला कोआर्डिनेटर निर्माण विकास ने बताया कि 271 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को फर्नीचर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी कृष्णा के इंडस्ट्रीज भोपाल को सौंपी गई है। 3 करोड़ रुपये की लागत से संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा संबंधित विद्यालयों को डेस्क बेंच लगभग एक सप्ताह के अंदर ही भेज दिया जाएगा। इससे लगभग 30 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।
एक सप्ताह में उपलब्ध होगा डेस्क बेंच
जिले के 271 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को कृष्णा के इंडस्ट्रीज भोपाल को डेस्क बेंच उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक सप्ताह के अंदर परिषदीय विद्यालयों को डेस्क-बेंच उपलब्ध करा दिया जाएगा।
- भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए