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30 हजार लोगों ने 14 घंटे झेला बिजली संकट
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अंबेडकरनगर। ट्रक की टक्कर से बिजली खंभा क्षतिग्रस्त हो जाने से रविवार रात अकबरपुर नगर के आधा दर्जन से अधिक मोहल्ले अंधेरे में डूबे रहे। लगभग 30 हजार से अधिक आबादी को पूरी रात बिजली नहीं मिल पाई। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते करीब आधी रात बिजली का खंभा तो खड़ा कर दिया गया, लेकिन तार नहीं लगाया जा सका। इससे लगभग 14 घंटे तक जिला मुख्यालय के बड़े हिस्से की बिजली आपूर्ति ठप रही। सोमवार दोपहर को आपूर्ति बहाल हुई। क्षेत्र के अवर अभियंता की ओर से मौके पर बने रहने की बजाय बमुश्किल पांच मिनट रहकर घर लौट जाने की शिकायत डीएम से उपभोक्ताओं ने की। डीएम ने इस पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
अकबरपुर-जौनपुर मुख्य मार्ग पर नवीन सब्जी मंडी के निकट रविवार की रात अनियंत्रित ट्रक ने विद्युत खंभे को क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे खंभा टूटकर सड़क पर गिर पड़ा, जबकि उससे जुड़े तार क्षतिग्रस्त हो गए। इससे अकबरपुर नगर के चौक, सब्जी मंडी, रामजानकी मंदिर, पहितीपुर चौराहा, दोस्तपुर चौराहा तथा पूर्वी नाका आदि क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति रात करीब 10 बजे ठप हो गई।
रात में हुई इस घटना की जानकारी विद्युत कर्मियों को देने के साथ ही तमाम नागरिक मौके पर पहुंच गए। उपभोक्ताओं के अनुरोध पर कई संविदा व उनके साथ काम करने वाले निजी लाइनमैन लगभग एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे। नागरिकों की मौजूदगी के चलते आननफानन मशीन आदि मंगाकर नया खंभा रात 12 बजे के बाद खड़ा कर दिया गया। नागरिकों को उम्मीद हुई कि अब तार खींचकर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। इसके बाद वे सब घरों को लौट गए।
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उपभोक्ताओं के घरों की तरफ लौटते ही बिजली कर्मी भी काम वहीं पर छोड़कर चलते बने। नतीजा यह हुआ कि पूरी रात अकबरपुर शहर की एक तिहाई आबादी अंधेरे में डूबी रही। रात में काम छोड़ देने का नतीजा यह हुआ कि सुबह सात बजे से जब काम फिर शुरू हुआ, तो कुछ उपकरण न मिलने का संकट खड़ा हो गया। इसका प्रबंध करने में घंटों लग गए।
उपभोक्ताओं का कहना था कि यही काम रात में कराया गया होता, तो सुबह तक उपकरण का प्रबंध हो जाता। चूंकि तार लगाने का काम ही सुबह शुरू हुआ, इससे उपकरण आदि का प्रबंध करने में दोपहर हो गई। लगभग 14 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने के बाद दोपहर 12 बजे बहाल हुई, तो उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली। इस अवधि में उन्हें भीषण गर्मी से जूझना पड़ा। तमाम घरों में इन्वर्टर जवाब दे गए। पेयजल का संकट ज्यादातर घरों में देखने को मिला। दोपहर तक बिजली न रहने से विद्युत चालित लघु उद्योगों व अन्य कार्यों पर भी प्रतिकूल असर देखने को मिला।
कर्मचारी करते रहे काम, अभियंता चलते बने
बिजली विभाग के कई कर्मचारी जब आधी रात नए खंभे को लगाने में जुटे थे, तभी वहां शहजादपुर के अवर अभियंता रामजनम भी पहुंच गए। इससे पहले उपभोक्ताओं ने उन्हें फोन किया, तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। दो दिन पहले कृष्णानगर कॉलोनी में देर शाम विद्युत आपूर्ति में गड़बड़ी की वजह से बाधित हो जाने के दौरान भी उपभोक्ताओं ने अवर अभियंता को फोन लगाना शुरू किया, तो बंद मिला था। उपभोक्ताओं के अनुसार कई बार उनका फोन कर्मचारी उठाते हैं और सही जानकारी दिए बगैर काट देते हैं। रविवार रात भी इसी रवैये के चलते जेई मौके पर पहुंचे और अपने स्टॉफ को काम करता छोड़ घर लौट गए। उपभोक्ताओं ने जेई के इसी रवैये पर नाराजगी जताते हुए डीएम से शिकायत की। कहा गया कि यदि अवर अभियंता मौके पर बने रहे होते, तो कर्मचारी काम रात में अधूरा न छोड़ते। डीएम ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि इसकी पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी। प्रकरण में एक्शन लिया जाएगा।
नहीं बर्दाश्त की जाएगी लापरवाही
शहजादपुर में खंभा टूटने से आपूर्ति बाधित हुई थी। एक उपकरण का प्रबंध करने में थोड़ा समय लगा। इसके चलते विलंब हुआ। अवर अभियंता ने बताया कि वे मौके पर गए थे, लेकिन नागरिकों का फीडबैक है कि वे वहां से चले आए थे। इसेे लेकर जिलाधिकारी ने भी फोन कर जरूरी निर्देश दिए हैं। अवर अभियंताओं को नए सिरे से कहा जाएगा कि वे किसी भी बड़ी गड़बड़ी को दूर कराने के दौरान खुद मौजूद रहें। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वीके पटेल, अधिशाषी अभियंता विद्युत अकबरपुर
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अकबरपुर-जौनपुर मुख्य मार्ग पर नवीन सब्जी मंडी के निकट रविवार की रात अनियंत्रित ट्रक ने विद्युत खंभे को क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे खंभा टूटकर सड़क पर गिर पड़ा, जबकि उससे जुड़े तार क्षतिग्रस्त हो गए। इससे अकबरपुर नगर के चौक, सब्जी मंडी, रामजानकी मंदिर, पहितीपुर चौराहा, दोस्तपुर चौराहा तथा पूर्वी नाका आदि क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति रात करीब 10 बजे ठप हो गई।
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रात में हुई इस घटना की जानकारी विद्युत कर्मियों को देने के साथ ही तमाम नागरिक मौके पर पहुंच गए। उपभोक्ताओं के अनुरोध पर कई संविदा व उनके साथ काम करने वाले निजी लाइनमैन लगभग एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे। नागरिकों की मौजूदगी के चलते आननफानन मशीन आदि मंगाकर नया खंभा रात 12 बजे के बाद खड़ा कर दिया गया। नागरिकों को उम्मीद हुई कि अब तार खींचकर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। इसके बाद वे सब घरों को लौट गए।
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उपभोक्ताओं के घरों की तरफ लौटते ही बिजली कर्मी भी काम वहीं पर छोड़कर चलते बने। नतीजा यह हुआ कि पूरी रात अकबरपुर शहर की एक तिहाई आबादी अंधेरे में डूबी रही। रात में काम छोड़ देने का नतीजा यह हुआ कि सुबह सात बजे से जब काम फिर शुरू हुआ, तो कुछ उपकरण न मिलने का संकट खड़ा हो गया। इसका प्रबंध करने में घंटों लग गए।
उपभोक्ताओं का कहना था कि यही काम रात में कराया गया होता, तो सुबह तक उपकरण का प्रबंध हो जाता। चूंकि तार लगाने का काम ही सुबह शुरू हुआ, इससे उपकरण आदि का प्रबंध करने में दोपहर हो गई। लगभग 14 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने के बाद दोपहर 12 बजे बहाल हुई, तो उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली। इस अवधि में उन्हें भीषण गर्मी से जूझना पड़ा। तमाम घरों में इन्वर्टर जवाब दे गए। पेयजल का संकट ज्यादातर घरों में देखने को मिला। दोपहर तक बिजली न रहने से विद्युत चालित लघु उद्योगों व अन्य कार्यों पर भी प्रतिकूल असर देखने को मिला।
कर्मचारी करते रहे काम, अभियंता चलते बने
बिजली विभाग के कई कर्मचारी जब आधी रात नए खंभे को लगाने में जुटे थे, तभी वहां शहजादपुर के अवर अभियंता रामजनम भी पहुंच गए। इससे पहले उपभोक्ताओं ने उन्हें फोन किया, तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। दो दिन पहले कृष्णानगर कॉलोनी में देर शाम विद्युत आपूर्ति में गड़बड़ी की वजह से बाधित हो जाने के दौरान भी उपभोक्ताओं ने अवर अभियंता को फोन लगाना शुरू किया, तो बंद मिला था। उपभोक्ताओं के अनुसार कई बार उनका फोन कर्मचारी उठाते हैं और सही जानकारी दिए बगैर काट देते हैं। रविवार रात भी इसी रवैये के चलते जेई मौके पर पहुंचे और अपने स्टॉफ को काम करता छोड़ घर लौट गए। उपभोक्ताओं ने जेई के इसी रवैये पर नाराजगी जताते हुए डीएम से शिकायत की। कहा गया कि यदि अवर अभियंता मौके पर बने रहे होते, तो कर्मचारी काम रात में अधूरा न छोड़ते। डीएम ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि इसकी पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी। प्रकरण में एक्शन लिया जाएगा।
नहीं बर्दाश्त की जाएगी लापरवाही
शहजादपुर में खंभा टूटने से आपूर्ति बाधित हुई थी। एक उपकरण का प्रबंध करने में थोड़ा समय लगा। इसके चलते विलंब हुआ। अवर अभियंता ने बताया कि वे मौके पर गए थे, लेकिन नागरिकों का फीडबैक है कि वे वहां से चले आए थे। इसेे लेकर जिलाधिकारी ने भी फोन कर जरूरी निर्देश दिए हैं। अवर अभियंताओं को नए सिरे से कहा जाएगा कि वे किसी भी बड़ी गड़बड़ी को दूर कराने के दौरान खुद मौजूद रहें। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वीके पटेल, अधिशाषी अभियंता विद्युत अकबरपुर