{"_id":"5fa03bc18ebc3e9bcc42d094","slug":"2686-houses-are-not-being-constructed-ambedkar-nagar-news-lko5483099151","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठप पड़ा 2686 आवास का निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठप पड़ा 2686 आवास का निर्माण
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। पक्के आवास का सपना देखने वाले 2686 पात्रों की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। 27 करोड़ की राशि न मिलने से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनने वाले उनके आवास का निर्माण ठप है। एक-एक दिन बीतता जा रहा है लेकिन दूसरी व तीसरी किस्त मिलने की उम्मीद पूरी नहीं हो पा रही।
यही हाल 1028 उन शहरी पात्रों का भी है जिन्हें निर्माण शुरू करने के लिए 5 करोड़ की राशि मिलने का इंतजार है। यह राशि मिले तो इन पात्रों का भवन निर्माण शुरू हो सके। ऐसे सभी पात्र नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। नतीजतन इन पात्रों का पक्के आवास में रहने का सपना अधर में ही है।
गरीबी से जूझ रहे शहरी पात्रों के लिए पक्के आवास में रहने का सपना पूरा होने में आर्थिक संकट रोड़ा बनकर सामने आ गया है। पहले से ही गरीबी से जूझ रहे ऐसे पात्रों के सामने अब सरकार की तरफ से मिलने वाली रकम का इंतजार करना मजबूरी बन गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्र द्वारा संचालित प्रधानमंत्री शहरी आवासीय योजना हिचकोले खा रही है।
विज्ञापन
आवास के निर्माण कार्य को गति प्रदान करने के लिए शासन द्वारा पात्रों को जरूरी रकम उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। नतीजतन पहली किस्त न मिलने से एक तरफ जहां चयनित पात्र आवास का निर्माण शुरू नहीं करा सके हैं, वहीं जिन्होंने प्रारंभ करा रखा है, उनका निर्माण कार्य दूसरी व तीसरी किस्त अभी तक न मिल पाने से निर्माण कार्य अधर में है।
परियोजना कार्यालय डूडा के लिपिक एमके मौर्या ने बताया कि 3714 पात्रों के लिए शासन से 30 करोड़ 87 लाख रुपये की मांग की गई है। इसमें पहली किस्त के 1028 पात्रों के लिए 50 हजार रुपये की दर से 5 करोड़ 14 लाख रुपये, 1230 पात्रों के लिए दूसरी किस्त के रूप में डेढ़ लाख रुपये की दर से 18 करोड़ 45 लाख रुपये जबकि 1456 पात्रों के लिए तीसरी किस्त के रूप में 50 हजार रुपये की दर से 7 करोड़ 28 लाख रुपये की मांग की गई है।
ऐसे में पहली किस्त न मिलने से एक तरफ जहां 1028 पात्र आवास का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं करा सके हैं तो वहीं 2686 पात्र ऐसे हैं जिनके आवास का निर्माण रकम न मिल पाने के चलते अधूरे पड़े हैं। लगभग डेढ़ माह से पात्र लोग रकम की प्राप्ति के लिए जिम्मेदारों के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। नतीजतन दीपावली से पहले नए आवास में जाने का सपना जहां तीसरी किस्त पाने वालों का चूर-चूर हुआ है तो वहीं पर्व से पहले आवास का निर्माण शुरू करने के लिए पहली किस्त पाने वालों का भी सपना अधूरा रह गया है।
डूडा के परियोजना निदेशक आदित्य कुमार ने बताया कि आवास निर्माम के लिए पहली, दूसरी व तीसरी किस्त की रकम के लिए शासन को तीन बार पत्र भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि शीघ्र ही शासन से पात्रों के खाते में राशि पहुंच जाएगी।
विज्ञापन
यही हाल 1028 उन शहरी पात्रों का भी है जिन्हें निर्माण शुरू करने के लिए 5 करोड़ की राशि मिलने का इंतजार है। यह राशि मिले तो इन पात्रों का भवन निर्माण शुरू हो सके। ऐसे सभी पात्र नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। नतीजतन इन पात्रों का पक्के आवास में रहने का सपना अधर में ही है।
विज्ञापन
गरीबी से जूझ रहे शहरी पात्रों के लिए पक्के आवास में रहने का सपना पूरा होने में आर्थिक संकट रोड़ा बनकर सामने आ गया है। पहले से ही गरीबी से जूझ रहे ऐसे पात्रों के सामने अब सरकार की तरफ से मिलने वाली रकम का इंतजार करना मजबूरी बन गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्र द्वारा संचालित प्रधानमंत्री शहरी आवासीय योजना हिचकोले खा रही है।
विज्ञापन
आवास के निर्माण कार्य को गति प्रदान करने के लिए शासन द्वारा पात्रों को जरूरी रकम उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। नतीजतन पहली किस्त न मिलने से एक तरफ जहां चयनित पात्र आवास का निर्माण शुरू नहीं करा सके हैं, वहीं जिन्होंने प्रारंभ करा रखा है, उनका निर्माण कार्य दूसरी व तीसरी किस्त अभी तक न मिल पाने से निर्माण कार्य अधर में है।
परियोजना कार्यालय डूडा के लिपिक एमके मौर्या ने बताया कि 3714 पात्रों के लिए शासन से 30 करोड़ 87 लाख रुपये की मांग की गई है। इसमें पहली किस्त के 1028 पात्रों के लिए 50 हजार रुपये की दर से 5 करोड़ 14 लाख रुपये, 1230 पात्रों के लिए दूसरी किस्त के रूप में डेढ़ लाख रुपये की दर से 18 करोड़ 45 लाख रुपये जबकि 1456 पात्रों के लिए तीसरी किस्त के रूप में 50 हजार रुपये की दर से 7 करोड़ 28 लाख रुपये की मांग की गई है।
ऐसे में पहली किस्त न मिलने से एक तरफ जहां 1028 पात्र आवास का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं करा सके हैं तो वहीं 2686 पात्र ऐसे हैं जिनके आवास का निर्माण रकम न मिल पाने के चलते अधूरे पड़े हैं। लगभग डेढ़ माह से पात्र लोग रकम की प्राप्ति के लिए जिम्मेदारों के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। नतीजतन दीपावली से पहले नए आवास में जाने का सपना जहां तीसरी किस्त पाने वालों का चूर-चूर हुआ है तो वहीं पर्व से पहले आवास का निर्माण शुरू करने के लिए पहली किस्त पाने वालों का भी सपना अधूरा रह गया है।
डूडा के परियोजना निदेशक आदित्य कुमार ने बताया कि आवास निर्माम के लिए पहली, दूसरी व तीसरी किस्त की रकम के लिए शासन को तीन बार पत्र भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि शीघ्र ही शासन से पात्रों के खाते में राशि पहुंच जाएगी।