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25 हजार लोगों को मिलेगी इलाज की सुविधा
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राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। आलापुर तहसील क्षेत्र के जल्लापुर व आसपास के एक दर्जन गांवों के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। एक करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले पीएचसी का संचालन शीघ्र ही प्रारंभ कर दिया जाएगा। जिला योजना के तहत वर्ष 2018-19 में स्वीकृत पीएचसी का निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था पैक्सफेड ने बीते दिनों ही पूरा कर लिया। मौजूदा समय में पानी की टंकी का निर्माण अंतिम दौर में है। अस्पताल के संचालन के लिए बेड समेत अन्य जरूरी सामग्रियों की भी उपलब्धता कर ली गई है। ऐसे में संभावना है कि एक माह के अंदर अस्पताल का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। ऐसे में इसका सीधा लाभ लगभग 25 हजार आबादी को मिलेगा।
जल्लापुर व आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों के मरीजों को इलाज के लिए करीब छह किमी. की दौड़ लगाकर सीएचसी जहांगीरगंज तक न जाना पड़े, इसके लिए वर्ष 2018-19 में जिला योजना के तहत जल्लापुर में पीएचसी के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई थी। एक करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले पीएचसी के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को दी गई थी। पीएचसी के निर्माण से न सिर्फ जल्लापुर, बल्कि इर्दगिर्द के लगभग एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी।
उन्हें लगा कि अब उन्हें बेहतर इलाज के लिए लगभग छह किमी. दूर स्थित सीएचसी जहांगीरगंज तक की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। हालांकि समय बीतने के साथ ही उनकी उम्मीदों को झटका लगने लगा था। कारण यह कि धनाभाव व कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते पीएचसी का निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ सका। इसी के चलते ही वर्ष 2021 के अंत में पूरा होने वाले पीएचसी का निर्माण 2022 की शुरुआत में भी पूरा नहीं हो सका।
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हालांकि मार्च के अंत में शेष रह गई 22 लाख 25 हजार रुपये की राशि भी शासन से कार्यदायी संस्था को उपलब्ध हो गई। इससे बीते दिनों ही न सिर्फ भवन, बल्कि आवासों का भी निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया। मौजूदा समय में पेयजल के लिए पानी की टंकी का निर्माण अंतिम दौर में हैं। अस्पताल का संचालन सुचारु रूप से प्रारंभ हो सके, इसके लिए बेड समेत अन्य कई प्रकार के जरूरी सामग्रियां भी खरीद ली गई हैं। ऐसे में संभावना व्यक्त की जा रही है कि लगभग एक माह में अस्पताल का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसका सीधा लाभ लगभग 25 हजार आबादी को मिलेगा।
इन गांवों के लोगों को मिलेगी राहत
पीएचसी के संचालन से न सिर्फ जल्लापुर, बल्कि गंगासागर, नसीरपुर, छितौना, ऊंचेपुर, कोटिया, अशरफपुर सोल्हवां, केदरूपुर, हज्जीपुर, गिरैया, बढ़ईपुर, करमनपुर, पैकौली, नरवा पीतांबरपुर, जैती बंगालपुर, कबूलपुर, रामपुर करोंदी, रामदीन सिंह, शहाबुद्दीनपुर, उमरी जलाल, कल्याणपुर, इशहाकपुर समेत लगभग एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। इंदल सिंह व वीरेंद्र तिवारी ने कहा कि पीएचसी के संचालन से क्षेत्रवासियों को व्यापक लाभ मिलेगा। दरअसल अब तक इलाज के लिए छह किमी. दूर स्थित सीएचसी जहांगीरगंज की दौड़ लगानी पड़ती थी। अब पीएचसी के संचालन से इस प्रकार की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। अजय यादव, संदीप चौहान, महेंद्र मिश्र व उमेश सोनी तथा राकेश कनौजिया ने कहा कि अक्सर ऐसा होता था कि जहांगीरगंज सीएचसी तक मरीज को ले जाने के दौरान बड़ी मुश्किल खड़ी हो जाती थी। अब जबकि पीएचसी का संचालन शुरू होने वाला है, तो इससे काफी राहत मिलेगी।
शीघ्र हैंडओवर होगा भवन
पीएचसी का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। मौजूदा समय में पानी की टंकी का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा पेंटिंग, बिजली का कार्य चल रहा है। बेड व अन्य उपकरण की उपलब्धता हो चुकी है। ऐसे में शीघ्र सीएमओ कार्यालय को हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसके बाद पीएचसी का संचालन प्रारंभ हो जाएगा।
विजय पाल सिंह, सहायक अभियंता स्वास्थ्य
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जल्लापुर व आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों के मरीजों को इलाज के लिए करीब छह किमी. की दौड़ लगाकर सीएचसी जहांगीरगंज तक न जाना पड़े, इसके लिए वर्ष 2018-19 में जिला योजना के तहत जल्लापुर में पीएचसी के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई थी। एक करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले पीएचसी के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को दी गई थी। पीएचसी के निर्माण से न सिर्फ जल्लापुर, बल्कि इर्दगिर्द के लगभग एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी।
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उन्हें लगा कि अब उन्हें बेहतर इलाज के लिए लगभग छह किमी. दूर स्थित सीएचसी जहांगीरगंज तक की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। हालांकि समय बीतने के साथ ही उनकी उम्मीदों को झटका लगने लगा था। कारण यह कि धनाभाव व कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते पीएचसी का निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ सका। इसी के चलते ही वर्ष 2021 के अंत में पूरा होने वाले पीएचसी का निर्माण 2022 की शुरुआत में भी पूरा नहीं हो सका।
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हालांकि मार्च के अंत में शेष रह गई 22 लाख 25 हजार रुपये की राशि भी शासन से कार्यदायी संस्था को उपलब्ध हो गई। इससे बीते दिनों ही न सिर्फ भवन, बल्कि आवासों का भी निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया। मौजूदा समय में पेयजल के लिए पानी की टंकी का निर्माण अंतिम दौर में हैं। अस्पताल का संचालन सुचारु रूप से प्रारंभ हो सके, इसके लिए बेड समेत अन्य कई प्रकार के जरूरी सामग्रियां भी खरीद ली गई हैं। ऐसे में संभावना व्यक्त की जा रही है कि लगभग एक माह में अस्पताल का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसका सीधा लाभ लगभग 25 हजार आबादी को मिलेगा।
इन गांवों के लोगों को मिलेगी राहत
पीएचसी के संचालन से न सिर्फ जल्लापुर, बल्कि गंगासागर, नसीरपुर, छितौना, ऊंचेपुर, कोटिया, अशरफपुर सोल्हवां, केदरूपुर, हज्जीपुर, गिरैया, बढ़ईपुर, करमनपुर, पैकौली, नरवा पीतांबरपुर, जैती बंगालपुर, कबूलपुर, रामपुर करोंदी, रामदीन सिंह, शहाबुद्दीनपुर, उमरी जलाल, कल्याणपुर, इशहाकपुर समेत लगभग एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। इंदल सिंह व वीरेंद्र तिवारी ने कहा कि पीएचसी के संचालन से क्षेत्रवासियों को व्यापक लाभ मिलेगा। दरअसल अब तक इलाज के लिए छह किमी. दूर स्थित सीएचसी जहांगीरगंज की दौड़ लगानी पड़ती थी। अब पीएचसी के संचालन से इस प्रकार की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। अजय यादव, संदीप चौहान, महेंद्र मिश्र व उमेश सोनी तथा राकेश कनौजिया ने कहा कि अक्सर ऐसा होता था कि जहांगीरगंज सीएचसी तक मरीज को ले जाने के दौरान बड़ी मुश्किल खड़ी हो जाती थी। अब जबकि पीएचसी का संचालन शुरू होने वाला है, तो इससे काफी राहत मिलेगी।
शीघ्र हैंडओवर होगा भवन
पीएचसी का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। मौजूदा समय में पानी की टंकी का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा पेंटिंग, बिजली का कार्य चल रहा है। बेड व अन्य उपकरण की उपलब्धता हो चुकी है। ऐसे में शीघ्र सीएमओ कार्यालय को हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसके बाद पीएचसी का संचालन प्रारंभ हो जाएगा।
विजय पाल सिंह, सहायक अभियंता स्वास्थ्य