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निरीक्षण में गायब मिले 25 कर्मचारी, नोटिस
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अंबेडकरनगर। विकास भवन स्थिति कार्यालयों में काम काज की जमीनी हकीकत परखने को मंगलवार को सीडीओ घनश्याम मीणा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई कर्मचारी व अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यालय से गायब मिले। गैर हाजिर मिले अपर सांख्यिकी अधिकारी समेत कुल 25 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर वेतन कटौती की कार्रवाई होगी।
सीडीओ के औचक निरीक्षण की खबर विकास भवन परिसर में फैलते ही हड़कंप दिखने लगा। परिसर में इधर उधर मौजूद कर्मचारी आनन फानन में दौड़ भाग कर अपने अपने कार्यालय कक्षों में पहुंचते दिखे। निरीक्षण के लिए सीडीओ सबसे पहले पशुपालन विभाग पहुंचे। वहां वरिष्ठ सहायक विनीत कुमार यादव, वाहन चालक विजय प्रताप वर्मा और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के निरीक्षण में आशुलिपिक रामतेज, वरिष्ठ सहायक जया देवी व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कमलेश सिंह गैरहाजिर मिले।
पूछने पर बताया गया कि इनकी तरफ से अवकाश पर रहने की कोई पूर्व सूचना भी नहीं दी गयी। इसी तरह समाज कल्याण विभाग में कर्मचारी अनंत कुमार, कंप्यूटर आपरेटर अंकित सिंह व अतुल तिवारी तीन दिनों से आफिस से नदारद मिले। प्रोबेशन कार्यालय में जिला समन्वयक गायत्री सिंह, संरक्षण अधिकारी प्रीति सिंह, परामर्शदाता स्मिता, मंजू यादव, मोहित चौहान भी अनुपस्थित पाए गए।
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इसी तरह लघु सिंचाई विभाग में वरिष्ठ सहायक संतोष कुमार पांडेय, पंकज श्रीवास्तव, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण में सहायक लेखाकार सच्चिदानंद, पंचायतीराज कार्यालय में कनिष्ठ सहायक सुनील वर्मा, डीपीएम संजीत, ग्राम पंचायत अधिकारी दुर्गाप्रसाद पांडेय भी बीती 20 अप्रैल से बगैर किसी सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित चलते मिले। गन्ना विभाग कार्यालय के वरिष्ठ सहायक अखिलेश कुमार तिवारी, वरिष्ठ सहायक चंदन सिंह, आशीष सिंह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मनोज कुमार सिंह उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के आरपी रावत, अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग में अपर सांख्यिकी अधिकारी सतीश चंद्र आजाद भी बिना किसी सूचना के कार्यालय से गैरहाजिर मिले।
सीडीओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी गैरहाजिर मिले अफसरों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। चेतावनी दी है कि जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ वेतन कटौती तक की कड़ी दंडात्मक कार्रवाई तय होगी।
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सीडीओ के औचक निरीक्षण की खबर विकास भवन परिसर में फैलते ही हड़कंप दिखने लगा। परिसर में इधर उधर मौजूद कर्मचारी आनन फानन में दौड़ भाग कर अपने अपने कार्यालय कक्षों में पहुंचते दिखे। निरीक्षण के लिए सीडीओ सबसे पहले पशुपालन विभाग पहुंचे। वहां वरिष्ठ सहायक विनीत कुमार यादव, वाहन चालक विजय प्रताप वर्मा और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के निरीक्षण में आशुलिपिक रामतेज, वरिष्ठ सहायक जया देवी व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कमलेश सिंह गैरहाजिर मिले।
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पूछने पर बताया गया कि इनकी तरफ से अवकाश पर रहने की कोई पूर्व सूचना भी नहीं दी गयी। इसी तरह समाज कल्याण विभाग में कर्मचारी अनंत कुमार, कंप्यूटर आपरेटर अंकित सिंह व अतुल तिवारी तीन दिनों से आफिस से नदारद मिले। प्रोबेशन कार्यालय में जिला समन्वयक गायत्री सिंह, संरक्षण अधिकारी प्रीति सिंह, परामर्शदाता स्मिता, मंजू यादव, मोहित चौहान भी अनुपस्थित पाए गए।
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इसी तरह लघु सिंचाई विभाग में वरिष्ठ सहायक संतोष कुमार पांडेय, पंकज श्रीवास्तव, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण में सहायक लेखाकार सच्चिदानंद, पंचायतीराज कार्यालय में कनिष्ठ सहायक सुनील वर्मा, डीपीएम संजीत, ग्राम पंचायत अधिकारी दुर्गाप्रसाद पांडेय भी बीती 20 अप्रैल से बगैर किसी सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित चलते मिले। गन्ना विभाग कार्यालय के वरिष्ठ सहायक अखिलेश कुमार तिवारी, वरिष्ठ सहायक चंदन सिंह, आशीष सिंह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मनोज कुमार सिंह उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के आरपी रावत, अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग में अपर सांख्यिकी अधिकारी सतीश चंद्र आजाद भी बिना किसी सूचना के कार्यालय से गैरहाजिर मिले।
सीडीओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी गैरहाजिर मिले अफसरों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। चेतावनी दी है कि जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ वेतन कटौती तक की कड़ी दंडात्मक कार्रवाई तय होगी।