फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   210 objections were filed within two days

दो दिन में ही दर्ज कराई गईं 210 आपत्तियां

Fri, 05 Mar 2021 11:26 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 05 Mar 2021 11:26 PM IST
विज्ञापन
210 objections were filed within two days
अंबेडकरनगर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए बीते दिनों आरक्षण सूची जारी होने के बाद आपत्तियों की भरमार हो गई है। मात्र दो दिन में ही 210 आपत्तियां दर्ज कराई गईं। इसमें सर्वाधिक ग्राम प्रधान पद के लिए 190 आपत्तियां शामिल हैं। 2 मार्च की रात त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के विभिन्न पदों के लिए आरक्षण सूची जारी हुई थी। 4 से 8 मार्च तक आपत्तियां दर्ज कराई जानी थी। मात्र दो दिन में ही 210 आपत्तियां दर्ज करा दी गईं।
विज्ञापन

उधर, ग्राम पंचायतों में आरक्षण लागू करने को लेकर कई तरह की गड़बड़ी भी सामने आ रही है। टांडा तहसील अंतर्गत बदरुद्दीनपुर गांव के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत प्रधान की सीट को अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित करने पर सवालिया निशान आंकड़ों के साथ खड़ा किया है। दर्ज कराई आपत्ति में कहा गया है कि अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी उनके गांव में अत्यंत कम है। इसके बावजूद यहां आरक्षण लागू कर दिया गया, जबकि जिन गांवों में लगभग तीन गुना अन्य पिछड़ा वर्ग हैं, उन्हें अनारक्षित कर दिया गया।
विज्ञापन

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए बीते दिनों आरक्षण सूची जारी होने के बाद आपत्तियों की भरमार हो गई है। मात्र दो दिन में ही 210 आपत्तियां दर्ज कराई गईं। इसमें सर्वाधिक ग्राम प्रधान पद के लिए 190 आपत्तियां शामिल हैं। 2 मार्च की रात त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के विभिन्न पदों के लिए आरक्षण सूची जारी हुई थी। 4 से 8 मार्च तक आपत्तियां दर्ज कराई जानी थी। मात्र दो दिन में ही 210 आपत्तियां दर्ज करा दी गईं। डीपीआरओ दुर्गाप्रसाद तिवारी ने बताया कि जो 210 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, उनमें 190 ग्राम प्रधान पद के लिए, 10 बीडीसी तथा 10 जिला पंचायत सदस्य पद के लिए हैं। आपत्तियों को 8 मार्च तक स्वीकार किया जाएगा। इसके बाद संबंधित कमेटी द्वारा विचार विमर्श के बाद जरूरी निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया कि टांडा तहसील की बदरुद्दीन ग्राम पंचायत में अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी सिर्फ लगभग 16 प्रतिशत है। इसके बावजूद ग्राम प्रधान की सीट को अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया। जबकि इसी तहसील की कटरिया ग्राम पंचायत में अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी 47 प्रतिशत से अधिक है। इसके बावजूद इसे अनारक्षित कर दिया गया। शिकायत में कहा गया कि वर्ष 1995 व 2000 में दोनों ग्राम पंचायत के प्रधान की सीट महिला के लिए आरक्षित थी। वर्ष 2005 एवं 2010 में दोनों ग्राम पंचायत के प्रधान की सीट अनारक्षित श्रेणी में रही। 2015 के चुनाव में एक बार फिर से दोनों ग्राम पंचायत के प्रधान की सीट महिला वर्ग के लिए आरक्षित कर दी गई।

यह आंकड़ा लिखित रूप से प्रशासन को देते हुए ग्रामीणों ने कहा कि मौजूदा चुनाव में यदि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए ग्राम पंचायत का चयन करना था, तो तीन गुना अधिक आबादी होने के चलते कटरिया ग्राम पंचायत का चयन होना चाहिए था। बदरुद्दीनपुर में कुल 3 हजार 72 आबादी की तुलना में अनय पिछड़ा वर्ग की आबादी सिर्फ 491 है, जबकि कटरिया में कुल आबादी 4274 की तुलना में अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी 2010 है। मोहम्मद उसैद सिद्दीकी आदि शिकायत में कहा कि आपत्तियों के अनुरूप जरूरी निर्णय लेते हुए शासनादेश के अनुसार आरक्षण क्रम लागू किया जाए। इसके अनुरूप बदरुद्दीन ग्राम पंचायत को अनारक्षित श्रेणी की घोषित करने का निर्णय अविलंब हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed