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टाट-पट्टी पर पढ़ने को मजबूर 20 हजार छात्र
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अंबेडकरनगर। जिले के 231 उच्च व कंपोजिट परिषदीय विद्यालयों के लगभग 20 हजार छात्र-छात्राओं को टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ने को विवश होना पड़ रहा है। उन्हें अब तक डेस्क व बेंच नहीं उपलब्ध कराई जा सकी है। नए शिक्षा सत्र में 271 उच्च व कंपोजिट परिषदीय विद्यालयों को डेस्क व बेंच उपलब्ध कराई जानी थी, लेकिन करीब चार माह बीतने के बाद भी लगभग 40 विद्यालयों में ही डेस्क व बेंच पहुंच सकी हैं।
कॉन्वेंट विद्यालयों की तरह ही उच्च व कंपोजिट परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी डेस्क व बेंच पर बैठकर पढ़ाई कर सकें, इसके लिए शासन ने ऐसे विद्यालयों में डेस्क व बेंच उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। विभिन्न ब्लॉकों में 520 उच्च व कंपोजिट परिषदीय विद्यालय संचालित हैं।
249 परिषदीय स्कूलों में डेस्क व बेंच बीते वर्षों में उपलब्ध करा दी गई थीं। नए शिक्षा सत्र में शेष 271 विद्यालयों में डेस्क व बेंच उपलब्ध कराने के निर्देश थे। इसके लिए पूर्व में टेंडर प्रक्रिया हुई थी, लेकिन उसमें नामित एजेंसी की ओर से फर्जी प्रमाणपत्र लगाया था। सत्यापन में मामला सामने आने पर संबंधित संस्था का टेंडर निरस्त कर नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया हुई। इस बार इसकी जिम्मेदारी कृष्णा इंडस्ट्रीज भोपाल को सौंपी गई।
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निर्देशित किया गया कि ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के पहले ही डेस्क व बेंच की आपूर्ति कर दी जाए। हालांकि निर्देश के बाद भी अब तक बसखारी व भीटी विकास खंड के लगभग 40 विद्यालयों में डेस्क व बेंच पहुंच सकी है। नतीजा यह है कि शेष विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करनी पढ़ रही है।
काटी जाएगी राशि
कार्यदायी संस्था को कई बार समय सीमा के अंदर आपूर्ति के लिए कड़े निर्देश व पत्राचार किया गया। संस्था ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लगभग 15 दिन पूर्व ही आपूर्ति समय सीमा समाप्त हो चुकी है। ऐसे में जितना समय अधिक लिया जाएगा, उसी के अनुसार राशि काटी जाएगी।
भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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कॉन्वेंट विद्यालयों की तरह ही उच्च व कंपोजिट परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी डेस्क व बेंच पर बैठकर पढ़ाई कर सकें, इसके लिए शासन ने ऐसे विद्यालयों में डेस्क व बेंच उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। विभिन्न ब्लॉकों में 520 उच्च व कंपोजिट परिषदीय विद्यालय संचालित हैं।
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249 परिषदीय स्कूलों में डेस्क व बेंच बीते वर्षों में उपलब्ध करा दी गई थीं। नए शिक्षा सत्र में शेष 271 विद्यालयों में डेस्क व बेंच उपलब्ध कराने के निर्देश थे। इसके लिए पूर्व में टेंडर प्रक्रिया हुई थी, लेकिन उसमें नामित एजेंसी की ओर से फर्जी प्रमाणपत्र लगाया था। सत्यापन में मामला सामने आने पर संबंधित संस्था का टेंडर निरस्त कर नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया हुई। इस बार इसकी जिम्मेदारी कृष्णा इंडस्ट्रीज भोपाल को सौंपी गई।
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निर्देशित किया गया कि ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के पहले ही डेस्क व बेंच की आपूर्ति कर दी जाए। हालांकि निर्देश के बाद भी अब तक बसखारी व भीटी विकास खंड के लगभग 40 विद्यालयों में डेस्क व बेंच पहुंच सकी है। नतीजा यह है कि शेष विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करनी पढ़ रही है।
काटी जाएगी राशि
कार्यदायी संस्था को कई बार समय सीमा के अंदर आपूर्ति के लिए कड़े निर्देश व पत्राचार किया गया। संस्था ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लगभग 15 दिन पूर्व ही आपूर्ति समय सीमा समाप्त हो चुकी है। ऐसे में जितना समय अधिक लिया जाएगा, उसी के अनुसार राशि काटी जाएगी।
भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए