फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   अंधेरे में गुजारनी पड़ी 45 हजार आबादी को रात

अंधेरे में गुजारनी पड़ी 45 हजार आबादी को रात

Wed, 17 Apr 2019 11:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Apr 2019 11:03 PM IST
विज्ञापन
अंधेरे में गुजारनी पड़ी 45 हजार आबादी को रात
अंबेडकरनगर। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में लगभग 45 हजार की आबादी को अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर होना पड़ा। बुधवार सुबह संबंधित क्षेत्र के लोगों के समक्ष पेयजल का भी संकट खड़ा हो गया। उन्हें एक एक बाल्टी पानी के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर होना पड़ा। नाराज उपभोक्ताओं ने कहा कि जब तक जर्जर हो चुके उपकरणों को दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक सुचारु बिजली नहीं मिल सकेगी।
विज्ञापन


तापमान बढ़ने के साथ ही जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी होने लगी है। जैसे जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे वैसे उपभोक्ताओं की बिजली संबंधित समस्या भी बढ़ने लगी है। जर्जर हो चुके उपकरण सुचारु बिजली उपलब्ध कराने में बड़ी बाधा बन रहे हैं। मंगलवार अपराह्न जिले में आई तेज आंधी के चलते जिला मुख्यालय के साथ ही अन्य नगरीय क्षेत्रों में पेड़ की डाल गिरने से न सिर्फ जर्जर तार टूट गए, बल्कि विद्युत खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए। ज्यादातर क्षेत्रों में तो देर शाम तक गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन जिला मुख्यालय के कुछ क्षेत्र के साथ ही महरुआ, भीटी, बसखारी, जलालपुर, आलापुर व टांडा के अलग अलग क्षेत्रों में पूरी रात आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। नतीजा यह हुआ कि संबंधित क्षेत्र की लगभग 45 हजार की आबादी को पूरी रात अंधेरे में गुजारने को मजबूर होना पड़ा।
विज्ञापन


अकबरपुर नगर के शंभूदयाल व राजेंद्र कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एक तो जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इसे लेकर पॉवर कारपोरेशन गंभीर नहीं हो रहा। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। जब तक जर्जर हो चुके उपकरणों को बदला नहीं जाता, तब तक ऐसी समस्या दूर होने वाली नहीं है। शहजादपुर के नीरज कुमार व अभिजीत तिवारी ने कहा कि उपभोक्ताओं के हित को देखते हुए अविलंब जर्जर हो चुके उपकरणों को बदला जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पेयजल को भी तरसे लोग
जिला मुख्यालय समेत कई अन्य क्षेत्रों में बिजली न आने से बुधवार सुबह लोगों के समक्ष पेयजल का संकट खड़ा हो गया। उन्हें एक एक बाल्टी पानी के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर होना पड़ा। शहजादपुर के संतोष व अजीत कुमार ने नाराजगी का इजहार करते हुए कहा कि जब तक जर्जर हो चुके उपकरणों को बदला नहीं जाता, तब तक न तो सुचारु बिजली मिल सकेगी और न ही पेयजल। बस स्टेशन क्षेत्र के शिवराज व अरविंद कुमार ने कहा कि जैसे जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे वैसे विद्युत आपूर्ति बदतर होती जा रही है। इसका मुख्य कारण जर्जर हो चुके उपकरण हैं। सुचारु बिजली न मिलने से ही पेयजल का संकट खड़ा हो रहा है। मीरानपुर के अनुराग व दीपक गुप्ता ने कहा कि बुधवार सुबह पेयजल का बड़ा संकट खड़ा हो गया। इस प्रकार का संकट अक्सर खड़ा होता रहता है।


दुरुस्त की जा रही व्यवस्था
कुछ जगहों पर आपूर्ति में व्यवधान आया है। उसे दुरुस्त कराया जा रहा है। क्षतिग्रस्त हुए खंभों व तारों को बदलवाने का कार्य प्रगति पर है। -एके दोहरे, अधिशाषी अभियंता विद्युत अकबरपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed