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चुनाव ड्यूटी कटवाने को 45 ने किया आवेदन, 27 को मिली मंजूरी
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चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए आए 45 आवेदन
अंबेडकरनगर। चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए कोई चचेरी-ममेरी बहन, तो कोई नजदीकी रिश्तेदार की शादी का कार्ड लेकर डीडीओ कार्यालय पहुंचा। किसी ने पेट में गैस बनने का हवाला दिया, तो किसी ने कोई अन्य बीमारी बताते हुए चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए आवेदन किया है।
ऐसे 13 कर्मचारियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए। चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए जिला विकास अधिकारी कार्यालय में कुल 45 कर्मचारियों ने आवेदन किया।
27 आवेदनों को मंजूरी प्रदान की गई। इनमें 12 गर्भवती शामिल हैं। इसके अलावा पांच आवेदकों की बीमारी पर संदेह होने पर उन्हें सीएमओ के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी के पास जांच के लिए भेज दिया गया।
आगामी 12 मई को होने वाले मतदान के लिए बीते दिनों ही जिला मुख्यालय स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में पीठासीन व मतदान प्रथम अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब कुछ कर्मचारी चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने की जुगत में लग गए हैं।
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इसके लिए एक तरफ जहां तरह-तरह के बहाने बनाए जा रहे हैं, तो वहीं पहुंच का भी लाभ उठाया जा रहा है। डीडीओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए अब तक कुल 45 कर्मचारियों ने आवेदन किया है।
इनमें 12 गर्भवती महिलाएं भी हैं। चार शिक्षक दिव्यांग हैं, जबकि 11 ऐसे हैं, जिन्हें फ्रैक्चर है। इन सभी की परिस्थिति को देखते हुए चुनाव ड्यूटी से नाम हटा दिया गया। जबकि पांच आवेदकों की बीमारी पर संदेह होने पर उन्हें सीएमओ के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय टीम के समक्ष जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
13 कर्मचारी ऐसे हैं, जिनमें से कुछ ने चाचा की बेटी के विवाह की जिम्मेदारी संभालने, तो किसी ने अत्यंत करीबी रिश्तेदार के विवाह में शामिल होने की बात कही। कुछ ने कहा कि वे पेट के मरीज हैं। गैस बहुत बनती है, तो कुछ ने विभिन्न आंतरिक बीमारी का हवाला दिया।
ऐसे 13 आवेदकों को ये कहते हुए उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया कि उन्हें कोई ऐसी समस्या नहीं है, जिससे चुनाव ड्यूटी के दौरान किसी प्रकार की समस्या हो। डीडीओ कार्यालय के अनुसार चुनाव ड्यूटी में सबसे अधिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को लगाया गया है।
जिला विकास अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए सोमवार तक कुल 45 आवेदन आए। इनमें 12 गर्भवती, चार दिव्यांग व 11 कर्मचारियों को फ्रैक्चर है। इन सभी का आवेदन मंजूर कर चुनाव ड्यूटी से नाम काट दिया गया है।
पांच कर्मचारियों की बीमारी संदेह के दायरे में है। इसके चलते इन सभी को जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। जबकि शेष कर्मचारियों के आवेदन को बहानेबाजी मानते हुए निरस्त कर दिया गया।
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अंबेडकरनगर। चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए कोई चचेरी-ममेरी बहन, तो कोई नजदीकी रिश्तेदार की शादी का कार्ड लेकर डीडीओ कार्यालय पहुंचा। किसी ने पेट में गैस बनने का हवाला दिया, तो किसी ने कोई अन्य बीमारी बताते हुए चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए आवेदन किया है।
ऐसे 13 कर्मचारियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए। चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए जिला विकास अधिकारी कार्यालय में कुल 45 कर्मचारियों ने आवेदन किया।
27 आवेदनों को मंजूरी प्रदान की गई। इनमें 12 गर्भवती शामिल हैं। इसके अलावा पांच आवेदकों की बीमारी पर संदेह होने पर उन्हें सीएमओ के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी के पास जांच के लिए भेज दिया गया।
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आगामी 12 मई को होने वाले मतदान के लिए बीते दिनों ही जिला मुख्यालय स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में पीठासीन व मतदान प्रथम अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब कुछ कर्मचारी चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने की जुगत में लग गए हैं।
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इसके लिए एक तरफ जहां तरह-तरह के बहाने बनाए जा रहे हैं, तो वहीं पहुंच का भी लाभ उठाया जा रहा है। डीडीओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए अब तक कुल 45 कर्मचारियों ने आवेदन किया है।
इनमें 12 गर्भवती महिलाएं भी हैं। चार शिक्षक दिव्यांग हैं, जबकि 11 ऐसे हैं, जिन्हें फ्रैक्चर है। इन सभी की परिस्थिति को देखते हुए चुनाव ड्यूटी से नाम हटा दिया गया। जबकि पांच आवेदकों की बीमारी पर संदेह होने पर उन्हें सीएमओ के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय टीम के समक्ष जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
13 कर्मचारी ऐसे हैं, जिनमें से कुछ ने चाचा की बेटी के विवाह की जिम्मेदारी संभालने, तो किसी ने अत्यंत करीबी रिश्तेदार के विवाह में शामिल होने की बात कही। कुछ ने कहा कि वे पेट के मरीज हैं। गैस बहुत बनती है, तो कुछ ने विभिन्न आंतरिक बीमारी का हवाला दिया।
ऐसे 13 आवेदकों को ये कहते हुए उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया कि उन्हें कोई ऐसी समस्या नहीं है, जिससे चुनाव ड्यूटी के दौरान किसी प्रकार की समस्या हो। डीडीओ कार्यालय के अनुसार चुनाव ड्यूटी में सबसे अधिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को लगाया गया है।
जिला विकास अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए सोमवार तक कुल 45 आवेदन आए। इनमें 12 गर्भवती, चार दिव्यांग व 11 कर्मचारियों को फ्रैक्चर है। इन सभी का आवेदन मंजूर कर चुनाव ड्यूटी से नाम काट दिया गया है।
पांच कर्मचारियों की बीमारी संदेह के दायरे में है। इसके चलते इन सभी को जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। जबकि शेष कर्मचारियों के आवेदन को बहानेबाजी मानते हुए निरस्त कर दिया गया।