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आवासीय कालोनी में बिगड़े पड़े 16 में से 10 इंडिया मार्का हैंडपंप
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अंबेडकरनगर। पेयजल, जल निकासी, प्रकाश व साफ सफाई व्यवस्था की बदहाली से जूझने को मजबूर हो रहे जिला मुख्यालय के कटरिया स्थित कांशीराम आवासीय कॉलोनी के वाशिंदे। पेयजल के लिए स्थापित 16 इंडिया मार्का हैंडपंप के सापेक्ष 10 हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं, तो ज्यादातर नालियों के क्षतिग्रस्त होने से गंदा पानी सड़क पर ही बहता रहता है। इससे लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। परिसर में स्थित 1350 आवास के सापेक्ष 125 आवास ऐसे हैं, जो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इससे उसमें रह रहे लोगों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। 100 से अधिक आवासों पर बाहरी लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इससे अक्सर परिसर में अराजकता का माहौल उत्पन्न हो जाता है।
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पक्के आवास में रहने का सपना पूरा कराने के लिए जिला मुख्यालय के कटरिया के निकट कांशीराम आवासीय कॉलोनी की स्थापना की गई थी। परिसर में लगभग 1 हजार 350 आवास का निर्माण है। देखरेख के अभाव में लंबे समय से कॉलोनी में रह रहे लोगों को प्रकाश, पानी व साफ सफाई जैसी समस्याओं से जुझने को मजबूर होना पड़ रहा है। पेयजल के लिए लगे 16 इंडिया मार्का हैंडपंप के सापेक्ष 10 हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं। ज्यादातर नालियां क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। नियमित साफ सफाई न होने से गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है। इससे एक तरफ जहां उठने वाली दुर्गंध से लोगों को परेशानी होती है, वहीं संक्रामक रोगों के फैलने की भी आशंका बनी हुई है। समुचित साफ सफाई न होने से जगह जगह कूड़ा करकट का ढेर लगा हुआ है। शिकायत के बावजूद साफ सफाई को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इसका खामियाजा कॉलोनी में रह रहे लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
ज्यादात शौचालय के लिए निर्मित टेंक खराब हो चुके हैं। इससे संबंधित शौचालय पूरी तरह निष्प्रयोज्य हो चुके हैं। नतीजा यह है कि संबंधित आवास में रह रहे लोगों को शौच के लिए बाहर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। 125 आवास ऐस हैं, जो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। छतों व दीवारों के प्लास्टर जगह जगह उखड़ गए हैं। प्रकाश व्यवस्था भी बेपटरी हो गई है। एक दर्जन स्ट्रीट लाइटें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे। और तो और कुछ आवास ऐसे हैं, जिस पर बाहरी लोगों ने अवैध रूप से कब्जा जमा रखा है। इससे अक्सर परिसर में हंगामा खड़ा होता रहता है।
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शिकायत के बावजूद नहीं ध्यान नहीं
आवास में रह रहे विशाल, पप्पू, राकेश, मुकेश, राजदेव, विमला देवी, ऊषा, सुमन, महावीर, रामजियावन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए विभिन्न समस्याओं को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा, लेकिन इसे लेकर अब तक कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। नतीजा यह है कि पेयजल, शौचालय, साफ सफाई, जलभराव की समस्या परिसर में लंबे समय से बनी हुई है। अक्सर बाहरी लोगों का भी परिसर में आना जाना लगा रहता है। कभी कभी ऐसे लोग आपस में मारपीट करते रहते हैं। इससे परिसर में वैध रूप से रह रहे लोगों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है। शिकायत दर शिकायत की जाती है, लेकिन कोई सुध नहीं ली जा रही है।
लिया जाएगा संज्ञान
चुनाव निपटते ही कालोनी के लोगों की समस्या निपटाने के लिए टीम भेजी जाएगी। तात्कालिक मरम्मत की कोई जरूरत हुई तो उसे करा दिया जाएगा। -अमरनाथ राय, एडीएम
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आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पक्के आवास में रहने का सपना पूरा कराने के लिए जिला मुख्यालय के कटरिया के निकट कांशीराम आवासीय कॉलोनी की स्थापना की गई थी। परिसर में लगभग 1 हजार 350 आवास का निर्माण है। देखरेख के अभाव में लंबे समय से कॉलोनी में रह रहे लोगों को प्रकाश, पानी व साफ सफाई जैसी समस्याओं से जुझने को मजबूर होना पड़ रहा है। पेयजल के लिए लगे 16 इंडिया मार्का हैंडपंप के सापेक्ष 10 हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं। ज्यादातर नालियां क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। नियमित साफ सफाई न होने से गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है। इससे एक तरफ जहां उठने वाली दुर्गंध से लोगों को परेशानी होती है, वहीं संक्रामक रोगों के फैलने की भी आशंका बनी हुई है। समुचित साफ सफाई न होने से जगह जगह कूड़ा करकट का ढेर लगा हुआ है। शिकायत के बावजूद साफ सफाई को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इसका खामियाजा कॉलोनी में रह रहे लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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ज्यादात शौचालय के लिए निर्मित टेंक खराब हो चुके हैं। इससे संबंधित शौचालय पूरी तरह निष्प्रयोज्य हो चुके हैं। नतीजा यह है कि संबंधित आवास में रह रहे लोगों को शौच के लिए बाहर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। 125 आवास ऐस हैं, जो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। छतों व दीवारों के प्लास्टर जगह जगह उखड़ गए हैं। प्रकाश व्यवस्था भी बेपटरी हो गई है। एक दर्जन स्ट्रीट लाइटें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे। और तो और कुछ आवास ऐसे हैं, जिस पर बाहरी लोगों ने अवैध रूप से कब्जा जमा रखा है। इससे अक्सर परिसर में हंगामा खड़ा होता रहता है।
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शिकायत के बावजूद नहीं ध्यान नहीं
आवास में रह रहे विशाल, पप्पू, राकेश, मुकेश, राजदेव, विमला देवी, ऊषा, सुमन, महावीर, रामजियावन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए विभिन्न समस्याओं को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा, लेकिन इसे लेकर अब तक कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। नतीजा यह है कि पेयजल, शौचालय, साफ सफाई, जलभराव की समस्या परिसर में लंबे समय से बनी हुई है। अक्सर बाहरी लोगों का भी परिसर में आना जाना लगा रहता है। कभी कभी ऐसे लोग आपस में मारपीट करते रहते हैं। इससे परिसर में वैध रूप से रह रहे लोगों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है। शिकायत दर शिकायत की जाती है, लेकिन कोई सुध नहीं ली जा रही है।
लिया जाएगा संज्ञान
चुनाव निपटते ही कालोनी के लोगों की समस्या निपटाने के लिए टीम भेजी जाएगी। तात्कालिक मरम्मत की कोई जरूरत हुई तो उसे करा दिया जाएगा। -अमरनाथ राय, एडीएम